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Lalitpur News: चिटफंड कंपनी बना धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के तीन इनामी गिरफ्तार
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ललितपुर। एलयूसीसी नाम की चिटफंड कंपनी बनाकर लोगों से करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के तीन इनामी आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक कार, लैपटाॅप, कंपनी के दस्तावेज सहित अन्य सामान मिला।
जिले में चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के जरिये धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के कई सदस्यों के खिलाफ विभिन्न थानाें में मुकदमे दर्ज हैं। कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसआईटी टीम भी गठित है। पुलिस पूर्व में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस टीमें जुटी थीं। शुक्रवार को पुलिस ने द्वारिका प्रसाद झा निवासी बड़ी नहर के पास चौकाबाग, सुरेंद्र पाल सिंह निवासी आजादपुरा, महेश प्रसाद रजक निवासी तालबेहट को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से एक कार, लैपटाॅप, कंपनी के दस्तावेज सहित अन्य सामान मिला। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लोग बेरोजगार थे। उनको रोजगार की जरूरत थी। इसी बीच वह लोग समीर अग्रवाल, आलोक जैन और रवि तिवारी के संपर्क में आए। जिन्होंने वर्ष 2016 में एलयूसीसी नाम की चिटफंड कंपनी बनाई थी। वह लोग एजेंट के रूप में जुड़ गए थे। बुकलेट आदि के जरिये कूटरचित दस्तावेज तैयार करके, लालच भरी स्कीमें बताकर लोगों को जोड़ना शुरू किया और उनसे कंपनी में निवेश कराया। पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
सुरेंद्र कंपनी में था मास्टर ऑफ ट्रेनर
आरोपी सुरेंद्र पाल ने बताया कि वह कंपनी में मास्टर ऑफ ट्रेनर के रूप में कार्य करता था। उसका काम कंपनी एजेंटों को ट्रेनिंग देने था। ट्रेनिंग/सेमिनार के दौरान एजेंटों और निवेश करने वाले ग्राहकों को कंपनी की लुभावनी स्कीम के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं। ताकि, ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ सकें।
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49 लाख फ्रीज, 51 करोड़ की जमीन, वाहनों की हुई पहचान
चिटफट कंपनी और इससे जुड़े आरोपियों के बैंक खातों से 49 लाख 463 रुपये की धनराशि को पुलिस ने फ्रीज कराया है। अन्य बैंक खातों में जमा धनराशि को फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, 51 करोड़ से ज्यादा की जमीन, प्लाट, वाहनों की पहचान पुलिस द्वारा की गई है। इन्हें सीज करने की प्रकिया जारी है।
चिटफंड कंपनी एलयूसीसी बनाकर लोगों से करोड़ों की जमापूंजी धोखाधड़ी से जमा करवाने वाले गिरोह के तीन इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बैंक खाते में रुपये फ्रीज कराए गए हैं। जमीन, प्लाॅट व वाहनों की पहचान कर ली गई है। - मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक।
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जिले में चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के जरिये धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के कई सदस्यों के खिलाफ विभिन्न थानाें में मुकदमे दर्ज हैं। कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसआईटी टीम भी गठित है। पुलिस पूर्व में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी में पुलिस टीमें जुटी थीं। शुक्रवार को पुलिस ने द्वारिका प्रसाद झा निवासी बड़ी नहर के पास चौकाबाग, सुरेंद्र पाल सिंह निवासी आजादपुरा, महेश प्रसाद रजक निवासी तालबेहट को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से एक कार, लैपटाॅप, कंपनी के दस्तावेज सहित अन्य सामान मिला। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह लोग बेरोजगार थे। उनको रोजगार की जरूरत थी। इसी बीच वह लोग समीर अग्रवाल, आलोक जैन और रवि तिवारी के संपर्क में आए। जिन्होंने वर्ष 2016 में एलयूसीसी नाम की चिटफंड कंपनी बनाई थी। वह लोग एजेंट के रूप में जुड़ गए थे। बुकलेट आदि के जरिये कूटरचित दस्तावेज तैयार करके, लालच भरी स्कीमें बताकर लोगों को जोड़ना शुरू किया और उनसे कंपनी में निवेश कराया। पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
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सुरेंद्र कंपनी में था मास्टर ऑफ ट्रेनर
आरोपी सुरेंद्र पाल ने बताया कि वह कंपनी में मास्टर ऑफ ट्रेनर के रूप में कार्य करता था। उसका काम कंपनी एजेंटों को ट्रेनिंग देने था। ट्रेनिंग/सेमिनार के दौरान एजेंटों और निवेश करने वाले ग्राहकों को कंपनी की लुभावनी स्कीम के बारे में बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं। ताकि, ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ सकें।
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49 लाख फ्रीज, 51 करोड़ की जमीन, वाहनों की हुई पहचान
चिटफट कंपनी और इससे जुड़े आरोपियों के बैंक खातों से 49 लाख 463 रुपये की धनराशि को पुलिस ने फ्रीज कराया है। अन्य बैंक खातों में जमा धनराशि को फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, 51 करोड़ से ज्यादा की जमीन, प्लाट, वाहनों की पहचान पुलिस द्वारा की गई है। इन्हें सीज करने की प्रकिया जारी है।
चिटफंड कंपनी एलयूसीसी बनाकर लोगों से करोड़ों की जमापूंजी धोखाधड़ी से जमा करवाने वाले गिरोह के तीन इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बैंक खाते में रुपये फ्रीज कराए गए हैं। जमीन, प्लाॅट व वाहनों की पहचान कर ली गई है। - मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक।