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Lalitpur News: जब जरूरत थी तब किल्लत, अब गोदामों में भरपूर खाद
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रबी सीजन के अंत में 2700 मीट्रिक टन की नई खेप पहुंची, जिले में कुल स्टॉक 7,229.7 मीट्रिक टन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रबी सीजन की बोआई के दौरान खाद की किल्लत से जूझे किसानों के लिए अब विडंबनापूर्ण स्थिति है। जब फसलें पककर कटाई की ओर बढ़ रही हैं, तब जिले में डीएपी की भरपूर आवक हो रही है। पांच दिन पहले ही जिले को लगभग 2700 मीट्रिक टन डीएपी की एक रैक प्राप्त हुई है, जिससे कुल उपलब्ध स्टॉक बढ़कर 7,229.7 मीट्रिक टन हो गया है।
जनपद में इस वर्ष रबी सीजन में खाद्यान्न, दलहन और तिलहन की कुल 3,22,646 हेक्टेयर के लक्ष्य के सापेक्ष 3,22,983 हेक्टेयर में बोआई हुई, जो 100.10 प्रतिशत उपलब्धि है। डीएपी वितरण का लक्ष्य 36,926 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले अब तक 16,659.750 मीट्रिक टन ही वितरित हो सका।
10 फरवरी तक जिले में 4,529.700 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध थी। इसके बाद 2700 मीट्रिक टन की नई खेप आने से कुल स्टॉक 7,229.7 मीट्रिक टन हो गया है। वर्तमान में मटर और मसूर की कटाई शुरू हो चुकी है, जबकि गेहूं, चना तथा अन्य दलहन-तिलहन फसलें पकने की स्थिति में हैं। अगले माह से व्यापक स्तर पर कटाई शुरू होने की संभावना है। ऐसे समय में खाद की अतिरिक्त उपलब्धता पर किसान सवाल उठा रहे हैं।
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बोआई के समय स्थिति यह थी कि किसान डीएपी की एक-एक बोरी के लिए दुकानों और समितियों के चक्कर लगा रहे थे। कई किसानों ने खाद की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और जनसुनवाई तक का सहारा लिया, लेकिन तब आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं हो सकी।
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2700 मीट्रिक टन डीएपी हाल ही में प्राप्त हुई है, जिसे बफर स्टॉक के रूप में रखा जा रहा है। भविष्य में खाद की कमी न हो, इसके लिए अग्रिम व्यवस्था की जा रही है। - राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रबी सीजन की बोआई के दौरान खाद की किल्लत से जूझे किसानों के लिए अब विडंबनापूर्ण स्थिति है। जब फसलें पककर कटाई की ओर बढ़ रही हैं, तब जिले में डीएपी की भरपूर आवक हो रही है। पांच दिन पहले ही जिले को लगभग 2700 मीट्रिक टन डीएपी की एक रैक प्राप्त हुई है, जिससे कुल उपलब्ध स्टॉक बढ़कर 7,229.7 मीट्रिक टन हो गया है।
जनपद में इस वर्ष रबी सीजन में खाद्यान्न, दलहन और तिलहन की कुल 3,22,646 हेक्टेयर के लक्ष्य के सापेक्ष 3,22,983 हेक्टेयर में बोआई हुई, जो 100.10 प्रतिशत उपलब्धि है। डीएपी वितरण का लक्ष्य 36,926 मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले अब तक 16,659.750 मीट्रिक टन ही वितरित हो सका।
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10 फरवरी तक जिले में 4,529.700 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध थी। इसके बाद 2700 मीट्रिक टन की नई खेप आने से कुल स्टॉक 7,229.7 मीट्रिक टन हो गया है। वर्तमान में मटर और मसूर की कटाई शुरू हो चुकी है, जबकि गेहूं, चना तथा अन्य दलहन-तिलहन फसलें पकने की स्थिति में हैं। अगले माह से व्यापक स्तर पर कटाई शुरू होने की संभावना है। ऐसे समय में खाद की अतिरिक्त उपलब्धता पर किसान सवाल उठा रहे हैं।
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बोआई के समय स्थिति यह थी कि किसान डीएपी की एक-एक बोरी के लिए दुकानों और समितियों के चक्कर लगा रहे थे। कई किसानों ने खाद की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और जनसुनवाई तक का सहारा लिया, लेकिन तब आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं हो सकी।
2700 मीट्रिक टन डीएपी हाल ही में प्राप्त हुई है, जिसे बफर स्टॉक के रूप में रखा जा रहा है। भविष्य में खाद की कमी न हो, इसके लिए अग्रिम व्यवस्था की जा रही है। - राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी