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Lalitpur News: जर्जर सड़कों के बनने की जगी आस...सुगम होगा यातायात
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। खस्ताहाल सड़कों के कायाकल्प की एक बार फिर उम्मीद जगी है। सोमवार को विधानसभा में पेश बजट में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें बनाने व मरम्मत आदि के लिए 46,649 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस धनराशि से अन्य जनपदों के साथ ललितपुर की सड़कों की मरम्मत व नई बनवाने के लिए जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि घंटाघर मार्ग सहित शहर की प्रमुख छह सड़कों का प्रस्ताव पहले से ही शासन में लंबित है। बजट जारी होते ही इन सड़कों पर काम कराया जाएगा। वहीं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी और ग्राम विकास विभाग को बजट मिलते ही वे सड़कों के लिए शासन से पैसा लाने का प्रयास करेंगे।
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घंटाघर मार्ग अरसे से खस्ताहाल
जिला मुख्यालय स्थित घंटाघर से नदीपुरा होकर मवेशी बाजार से बांध तिराहा तक की सड़क अरसे से निर्माण की राह देख रही है। विभागीय अधिकारी सड़क को गड्ढामुक्त कर इतिश्री कर लेते हैं, जबकि इस मार्ग पर दो पहिया वाहन चलाते समय भी हिचकोले खाना पड़ता है। करीब 3.5 किमी लंबी सड़क की स्थिति बेहद खराब है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए साढ़े तीन करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है, जो अब तक स्वीकृत नहीं हो सका है।
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ललितपुर-जखौरा तालबेहट मार्ग
ब्लॉक जखौरा से मुख्यालय आने वाला मार्ग कई वर्षों से बदहाल है। इस मार्ग से चार पहिया वाहन ही नहीं दो पहिया वाहनों के आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार दो पहिया वाहन चालक गड्ढों में फंसकर गिर चुके हैं। मुख्यालय आने वाले मरीजों को भी काफी समस्या होती है। वे समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाते।
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उदयपुरा-बानपुर मार्ग पड़ा जर्जर
ब्लॉक मुख्यालय बार से बानपुर मार्ग का अब तक निर्माण नहीं हो सका है। मार्ग पर गड्ढे होने से बारिश में ही नहीं गर्मियों व सर्दी में भी आवाजाही में दिक्कत होती है। जगह-जगह सड़क के कट से दो पहिया वाहनों पर हिचकोले खाना पड़ रहा है। इससे कइयों की कमर व गर्दन में दर्द की समस्या आ रही है। अब लोगों ने अन्य मार्गों से घूमकर आवाजाही शुरू कर दी है।
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निर्माण के बाद ही उखड़ गई थी सड़क
गदनपुर से बमराना सड़क का निर्माण बीते वर्षों पहले हुआ था, लेकिन अब सड़क पूरी तरह गड्ढों से छलनी हो गई है। काली मिट्टी होने से वाहन चालक सड़क पर ही नहीं फुटपाथ पर भी नहीं चल पा रहे हैं। सड़क निर्माण से दो वर्ष तो दूर चार माह भी नहीं चल सकी। ग्रामीणों ने बजट में मिलने वाली राशि से निर्माण होने की उम्मीद जताई है।
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बजट के इंतजार में ये छह प्रमुख सड़कें
घंटाघर मार्ग, ललितपुर-देवगढ़, ललितपुर-राजघाट-जखौरा, सीरोंन जी से महर्रा, घटवार-पाली व ललितपुर-जखौरा।
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विकास कार्यों के लिए सरकार बजट दे रही है। खस्ताहाल सड़कों को बनवाने के लिए संबंधित विभागों से प्रस्ताव बनवाकर शासन की मंजूरी सहित धनराशि आवंटित कराएंगे।-मनोहर लाल पंथ, विधायक महरौनी क्षेत्र व राज्यमंत्री
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सरकार ने सड़कों व पुलियों आदि के लिए काफी बजट रखा है। बजट का विभागों में आवंटन होते ही विधान सभा क्षेत्र की खस्ताहाल अधिकांश सड़कों को बनवाने का प्रयास होगा।-रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
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छह प्रमुख सड़कों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं, बजट आवंटित होते ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।-दानिश अली, सहायक अभियंता लोकनिर्माण विभाग
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ललितपुर। खस्ताहाल सड़कों के कायाकल्प की एक बार फिर उम्मीद जगी है। सोमवार को विधानसभा में पेश बजट में शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें बनाने व मरम्मत आदि के लिए 46,649 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस धनराशि से अन्य जनपदों के साथ ललितपुर की सड़कों की मरम्मत व नई बनवाने के लिए जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। लोक निर्माण विभाग का कहना है कि घंटाघर मार्ग सहित शहर की प्रमुख छह सड़कों का प्रस्ताव पहले से ही शासन में लंबित है। बजट जारी होते ही इन सड़कों पर काम कराया जाएगा। वहीं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी और ग्राम विकास विभाग को बजट मिलते ही वे सड़कों के लिए शासन से पैसा लाने का प्रयास करेंगे।
घंटाघर मार्ग अरसे से खस्ताहाल
जिला मुख्यालय स्थित घंटाघर से नदीपुरा होकर मवेशी बाजार से बांध तिराहा तक की सड़क अरसे से निर्माण की राह देख रही है। विभागीय अधिकारी सड़क को गड्ढामुक्त कर इतिश्री कर लेते हैं, जबकि इस मार्ग पर दो पहिया वाहन चलाते समय भी हिचकोले खाना पड़ता है। करीब 3.5 किमी लंबी सड़क की स्थिति बेहद खराब है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए साढ़े तीन करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है, जो अब तक स्वीकृत नहीं हो सका है।
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ललितपुर-जखौरा तालबेहट मार्ग
ब्लॉक जखौरा से मुख्यालय आने वाला मार्ग कई वर्षों से बदहाल है। इस मार्ग से चार पहिया वाहन ही नहीं दो पहिया वाहनों के आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार दो पहिया वाहन चालक गड्ढों में फंसकर गिर चुके हैं। मुख्यालय आने वाले मरीजों को भी काफी समस्या होती है। वे समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाते।
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उदयपुरा-बानपुर मार्ग पड़ा जर्जर
ब्लॉक मुख्यालय बार से बानपुर मार्ग का अब तक निर्माण नहीं हो सका है। मार्ग पर गड्ढे होने से बारिश में ही नहीं गर्मियों व सर्दी में भी आवाजाही में दिक्कत होती है। जगह-जगह सड़क के कट से दो पहिया वाहनों पर हिचकोले खाना पड़ रहा है। इससे कइयों की कमर व गर्दन में दर्द की समस्या आ रही है। अब लोगों ने अन्य मार्गों से घूमकर आवाजाही शुरू कर दी है।
निर्माण के बाद ही उखड़ गई थी सड़क
गदनपुर से बमराना सड़क का निर्माण बीते वर्षों पहले हुआ था, लेकिन अब सड़क पूरी तरह गड्ढों से छलनी हो गई है। काली मिट्टी होने से वाहन चालक सड़क पर ही नहीं फुटपाथ पर भी नहीं चल पा रहे हैं। सड़क निर्माण से दो वर्ष तो दूर चार माह भी नहीं चल सकी। ग्रामीणों ने बजट में मिलने वाली राशि से निर्माण होने की उम्मीद जताई है।
बजट के इंतजार में ये छह प्रमुख सड़कें
घंटाघर मार्ग, ललितपुर-देवगढ़, ललितपुर-राजघाट-जखौरा, सीरोंन जी से महर्रा, घटवार-पाली व ललितपुर-जखौरा।
विकास कार्यों के लिए सरकार बजट दे रही है। खस्ताहाल सड़कों को बनवाने के लिए संबंधित विभागों से प्रस्ताव बनवाकर शासन की मंजूरी सहित धनराशि आवंटित कराएंगे।-मनोहर लाल पंथ, विधायक महरौनी क्षेत्र व राज्यमंत्री
सरकार ने सड़कों व पुलियों आदि के लिए काफी बजट रखा है। बजट का विभागों में आवंटन होते ही विधान सभा क्षेत्र की खस्ताहाल अधिकांश सड़कों को बनवाने का प्रयास होगा।-रामरतन कुशवाहा, सदर विधायक
छह प्रमुख सड़कों के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं, बजट आवंटित होते ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।-दानिश अली, सहायक अभियंता लोकनिर्माण विभाग