{"_id":"665d001a96c86548250c9be4","slug":"there-are-no-fire-prevention-arrangements-even-in-the-district-hospital-lalitpur-news-c-131-1-ltp1004-115635-2024-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: जिला अस्पताल में भी आग से बचाव के नहीं इंतजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: जिला अस्पताल में भी आग से बचाव के नहीं इंतजाम
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। निजी ही नहीं जिला अस्पताल में भी आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। दिल्ली के एक अस्पताल में आग लगने से नवजातों की मौत की घटना के बाद अब अस्पताल प्रशासन अग्निशमन विभाग से फायर आडिट कराने की तैयारी में है। यह स्थिति तब है, जब यहां औसतन 150 मरीज हमेशा भर्ती रहते हैं, जबकि 24 घंटे में एक से डेढ़ हजार मरीज-तीमारदार डॉक्टरों से परामर्श लेने आते हैं।
अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होती है। निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम के पंजीयन प्रतिवर्ष नवीनीकृत किए जाते हैं। संचालकों को सभी प्रकार के मानकों को पूरा करना होता है। मरीजों की सुरक्षा के लिए अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग नर्सिंग होम चलाने की स्वीकृति देता है, लेकिन यहां तो जिला अस्पताल में ही मरीजों की जान की परवाह नहीं है। चौबीसों घंटे परिसर में भीड़-भाड़ होने के बाद भी आग से निपटने के इंतजाम नहीं किए जा सके हैं। केवल अग्निशमन यंत्र लटकाकर कोरम पूरा कर दिया गया है। हकीकत यह है कि सिलिंडर भी पर्याप्त मात्रा में नहीं हैं। अस्पताल परिसर में पानी का टैंक तक नहीं बना है। ऐसे में यदि कोई घटना हो जाए तो राहत और बचाव कार्य मुश्किल होगा।
-- -
दिल्ली के अस्पताल में सात मासूमों की मौत के बाद जागा विभाग
बीते दिनों दिल्ली के एक शिशु केयर अस्पताल में भीषण आग लग गई थी। अस्पताल में भर्ती सात नवजात की मौत हो गई थी। इस घटना को देखते हुए शासन ने सभी अस्पतालों में अग्निशमन विभाग की एनओसी लेने के निर्देश दिए हैं। अब जिला अस्पताल प्रशासन मानक पूर्ण कर एनओसी लेने की तैयारी में है।
विज्ञापन
-- -
यह मानक करने होंगे पूरे
- अस्पताल में स्प्रिंकलर होना चाहिए।
- फायर अलार्म होना चाहिए।
- पानी की पाइपलाइन जरूरी है।
- 50 हजार लीटर का टैंक जमीन पर जबकि, छत पर 10 हजार लीटर पानी का टैंक।
- बहुमंजिला इमारत होने पर सभी तलों पर हौजरील होना चाहिए।
- वाहनों की पार्किंग सुविधा होनी चाहिए।
-- -
जिला अस्पताल में अग्निशमन विभाग से फायर आडिट कराने के लिए पत्र लिखा गया है। आडिट में जो कमियां बताई जाएंगी, उन्हें दूर कराया जाएगा।-डॉ इम्तियाज अहमद, सीएमओ
विज्ञापन
ललितपुर। निजी ही नहीं जिला अस्पताल में भी आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। दिल्ली के एक अस्पताल में आग लगने से नवजातों की मौत की घटना के बाद अब अस्पताल प्रशासन अग्निशमन विभाग से फायर आडिट कराने की तैयारी में है। यह स्थिति तब है, जब यहां औसतन 150 मरीज हमेशा भर्ती रहते हैं, जबकि 24 घंटे में एक से डेढ़ हजार मरीज-तीमारदार डॉक्टरों से परामर्श लेने आते हैं।
अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होती है। निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम के पंजीयन प्रतिवर्ष नवीनीकृत किए जाते हैं। संचालकों को सभी प्रकार के मानकों को पूरा करना होता है। मरीजों की सुरक्षा के लिए अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग नर्सिंग होम चलाने की स्वीकृति देता है, लेकिन यहां तो जिला अस्पताल में ही मरीजों की जान की परवाह नहीं है। चौबीसों घंटे परिसर में भीड़-भाड़ होने के बाद भी आग से निपटने के इंतजाम नहीं किए जा सके हैं। केवल अग्निशमन यंत्र लटकाकर कोरम पूरा कर दिया गया है। हकीकत यह है कि सिलिंडर भी पर्याप्त मात्रा में नहीं हैं। अस्पताल परिसर में पानी का टैंक तक नहीं बना है। ऐसे में यदि कोई घटना हो जाए तो राहत और बचाव कार्य मुश्किल होगा।
विज्ञापन
दिल्ली के अस्पताल में सात मासूमों की मौत के बाद जागा विभाग
बीते दिनों दिल्ली के एक शिशु केयर अस्पताल में भीषण आग लग गई थी। अस्पताल में भर्ती सात नवजात की मौत हो गई थी। इस घटना को देखते हुए शासन ने सभी अस्पतालों में अग्निशमन विभाग की एनओसी लेने के निर्देश दिए हैं। अब जिला अस्पताल प्रशासन मानक पूर्ण कर एनओसी लेने की तैयारी में है।
विज्ञापन
यह मानक करने होंगे पूरे
- अस्पताल में स्प्रिंकलर होना चाहिए।
- फायर अलार्म होना चाहिए।
- पानी की पाइपलाइन जरूरी है।
- 50 हजार लीटर का टैंक जमीन पर जबकि, छत पर 10 हजार लीटर पानी का टैंक।
- बहुमंजिला इमारत होने पर सभी तलों पर हौजरील होना चाहिए।
- वाहनों की पार्किंग सुविधा होनी चाहिए।
जिला अस्पताल में अग्निशमन विभाग से फायर आडिट कराने के लिए पत्र लिखा गया है। आडिट में जो कमियां बताई जाएंगी, उन्हें दूर कराया जाएगा।-डॉ इम्तियाज अहमद, सीएमओ