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Suicide: झांसी के युवक ने ललितपुर में फंदा लगाकर दी जान, आगरा के साथियों ने व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा सुसाइड नोट
Sun, 18 Sep 2022 12:57 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर
अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Sep 2022 12:57 AM IST
सार
मृतक उदयवीर के पिता रविंद्र बाजपेयी ने बताया कि आगरा से उसके बेटे के कुछ साथियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर एक सुसाइड भेजा हैै, जो वायरल हो गया। इस सुसाइड नोट में उसने बताया कि जिस कंपनी में वह काम करता है, उसके तीन कर्मचारी उसे परेशान करते थे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social media
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विस्तार
ललितपुर में कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत रेलवे स्टेशन के पास पारासर लॉज में दो दिन से ठहरे झांसी के नगरा निवासी उदयवीर (29) पुत्र रविंद्र बाजपेयी ने फांसी लगाकर जान दे दी। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया कि उनका बेटा आगरा की एक कंपनी में काम करता था। उनका आरोप है कि कंपनी के तीन लोग बेटे को परेशान करते थे, इसी वजह से उसने फांसी लगा ली।
जनपद झांसी के नगरा क्षेत्र के 173 सूरी गली निवासी उदय बाजपेयी की आगरा की एक कंपनी में शिवरात्रि के दिन नौकरी लगी थी। वह आगरा में रहता था। तीन दिन पहले बृहस्पतिवार की रात करीब एक बजे वह किसी ट्रेन से ललितपुर आया और यहां वह रेलवे स्टेशन के पास स्थित पारासर लॉज के कमरा नंबर 110 में ठहर गया। उसने दो दिन के लिए कमरा लिया था। वह शुक्रवार को दोपहर में कुछ समय के लिए लॉज से बाहर निकला था। इसके कुछ देर बाद वह लॉज में अपने कमरे में चला गया, फिर वह बाहर नहीं निकला।
शनिवार को लॉज में ठहरने का उसका समय पूरा गया था। जिसके चलते लॉज के कर्मचारियों ने दरवाजा खटखटाकर उसे बुलाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई, जिस पर कर्मचारियों ने उसके मोबाइल पर फोन किया, लेकिन मोबाइल स्वीच ऑफ बता रहा था। इसके चलते होटल स्वामी ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंच गई और दरवाजे तोड़कर किसी प्रकार अंदर गए तो उदय बाजेपयी का शव पंखे पर रस्सी के सहारे फांसी के फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर सीओ सिटी अवध नारायण राय, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह, नई बस्ती चौकी प्रभारी नबाब खां आदि मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मृतक के पास मिले मोबाइल नंबर एवं आधार कार्ड पर मिले पते के आधार पर उसके परिजनों को सूचना दी।
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खबर सुनते ही परिजन दोपहर बाद ललितपुर पहुंच गए, जिस पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता रविंद्र बाजपेयी ने आरोप लगाया कि उसका बेटा जिस कंपनी में नौकरी करता था उस कंपनी के तीन कर्मचारी उससे शराब के लिए रुपये मांगते थे। बेटे के मना करने पर उन लोगों ने मारपीट की जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।
आगरा के साथियों ने व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा सुसाइड नोट
मृतक उदयवीर के पिता रविंद्र बाजपेयी ने बताया कि आगरा से उसके बेटे के कुछ साथियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर एक सुसाइड भेजा हैै, जो वायरल हो गया। इस सुसाइड नोट में उसने बताया कि जिस कंपनी में वह काम करता है, उसके तीन कर्मचारी उसे परेशान करते थे। उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि जब कंपनी के अधिकारी को शिकायत करते थे तो एक अधिकारी उसे निकालने की धमकी देता था। इसी वजह से दूसरे सुपरवाइजर व एक अन्य की हिम्मत मिल रही थी और वह मुझसे एल्कोहल (शराब) की मांग करता था और किसी भी छोटी सी गलती पकड़कर ब्लैकमेल करता था। उसने कंपनी में सब ठीक करने की कोशिश की तो कंपनी के अधिकारी ने उसकी बात नहीं सुनी। उसने उस पर प्रेशर डाला। कंपनी का एक अन्य व्यक्ति ड्रिंक करके आया और वहां कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार किया। दो अन्य लोगों ने उसके व उसके साथियों की झूूठी शिकायत की, है, जिसकी वजह से वह सुसाइड कर रहा है..।
खड़े हो रहे सवाल
उदयवीर आगरा में नौकरी करता था, लेकिन उनका शव ललितपुर में मिला। जबकि उसका घर झांसी में है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर उदयवीर में आत्महत्या की तो वह ललितपुर क्यों गया? वहीं उसके साथी जो सुसाइड नोट वायरल कर रहे हैं वह उनके पास कहां से आया। मृतक के भाई ने आगरा में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। बताते हैं कि भाई 11 सितंबर को आगरा गया था लेकिन उदयवीर उसे नहीं मिला। उसका कुछ पता नहीं चलने पर भाई ने गुमशुदगी लिखा दी। ऐसे में उदयवीर आगरा से कब निकला और ललितपुर क्यों और किससे मिलने गया। यह सभी बिंदु अभी पुलिस की पड़ताल में सामने आने बाकी हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
लॉज के कमरे में फांसी लगाकर जान देने के मामले में जांच पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।-संतोष सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली
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जनपद झांसी के नगरा क्षेत्र के 173 सूरी गली निवासी उदय बाजपेयी की आगरा की एक कंपनी में शिवरात्रि के दिन नौकरी लगी थी। वह आगरा में रहता था। तीन दिन पहले बृहस्पतिवार की रात करीब एक बजे वह किसी ट्रेन से ललितपुर आया और यहां वह रेलवे स्टेशन के पास स्थित पारासर लॉज के कमरा नंबर 110 में ठहर गया। उसने दो दिन के लिए कमरा लिया था। वह शुक्रवार को दोपहर में कुछ समय के लिए लॉज से बाहर निकला था। इसके कुछ देर बाद वह लॉज में अपने कमरे में चला गया, फिर वह बाहर नहीं निकला।
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शनिवार को लॉज में ठहरने का उसका समय पूरा गया था। जिसके चलते लॉज के कर्मचारियों ने दरवाजा खटखटाकर उसे बुलाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई, जिस पर कर्मचारियों ने उसके मोबाइल पर फोन किया, लेकिन मोबाइल स्वीच ऑफ बता रहा था। इसके चलते होटल स्वामी ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंच गई और दरवाजे तोड़कर किसी प्रकार अंदर गए तो उदय बाजेपयी का शव पंखे पर रस्सी के सहारे फांसी के फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर सीओ सिटी अवध नारायण राय, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संतोष सिंह, नई बस्ती चौकी प्रभारी नबाब खां आदि मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मृतक के पास मिले मोबाइल नंबर एवं आधार कार्ड पर मिले पते के आधार पर उसके परिजनों को सूचना दी।
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खबर सुनते ही परिजन दोपहर बाद ललितपुर पहुंच गए, जिस पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता रविंद्र बाजपेयी ने आरोप लगाया कि उसका बेटा जिस कंपनी में नौकरी करता था उस कंपनी के तीन कर्मचारी उससे शराब के लिए रुपये मांगते थे। बेटे के मना करने पर उन लोगों ने मारपीट की जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली।
आगरा के साथियों ने व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजा सुसाइड नोट
मृतक उदयवीर के पिता रविंद्र बाजपेयी ने बताया कि आगरा से उसके बेटे के कुछ साथियों के व्हाट्सएप ग्रुप पर एक सुसाइड भेजा हैै, जो वायरल हो गया। इस सुसाइड नोट में उसने बताया कि जिस कंपनी में वह काम करता है, उसके तीन कर्मचारी उसे परेशान करते थे। उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि जब कंपनी के अधिकारी को शिकायत करते थे तो एक अधिकारी उसे निकालने की धमकी देता था। इसी वजह से दूसरे सुपरवाइजर व एक अन्य की हिम्मत मिल रही थी और वह मुझसे एल्कोहल (शराब) की मांग करता था और किसी भी छोटी सी गलती पकड़कर ब्लैकमेल करता था। उसने कंपनी में सब ठीक करने की कोशिश की तो कंपनी के अधिकारी ने उसकी बात नहीं सुनी। उसने उस पर प्रेशर डाला। कंपनी का एक अन्य व्यक्ति ड्रिंक करके आया और वहां कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार किया। दो अन्य लोगों ने उसके व उसके साथियों की झूूठी शिकायत की, है, जिसकी वजह से वह सुसाइड कर रहा है..।
खड़े हो रहे सवाल
उदयवीर आगरा में नौकरी करता था, लेकिन उनका शव ललितपुर में मिला। जबकि उसका घर झांसी में है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि अगर उदयवीर में आत्महत्या की तो वह ललितपुर क्यों गया? वहीं उसके साथी जो सुसाइड नोट वायरल कर रहे हैं वह उनके पास कहां से आया। मृतक के भाई ने आगरा में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। बताते हैं कि भाई 11 सितंबर को आगरा गया था लेकिन उदयवीर उसे नहीं मिला। उसका कुछ पता नहीं चलने पर भाई ने गुमशुदगी लिखा दी। ऐसे में उदयवीर आगरा से कब निकला और ललितपुर क्यों और किससे मिलने गया। यह सभी बिंदु अभी पुलिस की पड़ताल में सामने आने बाकी हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
लॉज के कमरे में फांसी लगाकर जान देने के मामले में जांच पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।-संतोष सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली