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जिनेंद्र भगवान की प्रतिष्ठा सम्यक दर्शन के कारण बनती है : मुनि विनम्र सागर
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- धर्मसभा में बोले आचार्य श्री
संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। पंचकल्याणक महोत्सव में पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित धर्म सभा में मुनि विनम्र सागर ने कहा कि जिनेंद्र भगवान की प्रतिष्ठा सम्यक दर्शन के कारण बनती हैं। शुक्रवार सुबह मुनि विनम्र सागर महाराज के साथ आए मुनि निस्वार्थ सागर, मुनि निर्मद सागर, मुनि निसर्ग सागर, मुनि श्रमण सागर एवं क्षुल्लक हीरक सागर के सानिध्य में सामूहिक अभिषेक शांतिधारा पूजन विधान का आयोजन किया गया। इसके बाद आचार्य श्री के चित्र अनावरण और दीप प्रज्वलन हुआ।
इसके बाद मुनि विनम्र सागर ने पत्थर को परमात्मा बनाने की पावन विधि का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जिनेंद्र भगवान की प्रतिष्ठा सम्यक दर्शन के कारण बनती हैं। सायं काल मंगल आरती की गई। कार्यक्रम का संचालन चौधरी चक्रेश कुमार ने किया। अंत में अध्यक्ष अरुण मोदी ने आभार व्यक्त किया।
000
पात्र चयन चार जनवरी को
नगर में 21 जनवरी से 26 जनवरी तक होने वाले श्रीमज्जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के पात्राें का चयन 4 जनवरी दिन गुरुवार को मंदिर में होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। पंचकल्याणक महोत्सव में पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित धर्म सभा में मुनि विनम्र सागर ने कहा कि जिनेंद्र भगवान की प्रतिष्ठा सम्यक दर्शन के कारण बनती हैं। शुक्रवार सुबह मुनि विनम्र सागर महाराज के साथ आए मुनि निस्वार्थ सागर, मुनि निर्मद सागर, मुनि निसर्ग सागर, मुनि श्रमण सागर एवं क्षुल्लक हीरक सागर के सानिध्य में सामूहिक अभिषेक शांतिधारा पूजन विधान का आयोजन किया गया। इसके बाद आचार्य श्री के चित्र अनावरण और दीप प्रज्वलन हुआ।
इसके बाद मुनि विनम्र सागर ने पत्थर को परमात्मा बनाने की पावन विधि का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जिनेंद्र भगवान की प्रतिष्ठा सम्यक दर्शन के कारण बनती हैं। सायं काल मंगल आरती की गई। कार्यक्रम का संचालन चौधरी चक्रेश कुमार ने किया। अंत में अध्यक्ष अरुण मोदी ने आभार व्यक्त किया।
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पात्र चयन चार जनवरी को
नगर में 21 जनवरी से 26 जनवरी तक होने वाले श्रीमज्जिनेंद्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा एवं गजरथ महोत्सव के पात्राें का चयन 4 जनवरी दिन गुरुवार को मंदिर में होगा।
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