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Lalitpur News: बारिश अपने पीछे छोड़ गई बर्बादी
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ललितपुर। लगातार हो रही भारी बारिश ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। कुछ क्षेत्रों में खरीफ फसलें जलभराव से बर्बादी के कगार पर तो कुछ बर्बाद हो चुकी हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने नुकसान रोकने के लिए तत्काल जल निकासी और खेतों की निगरानी की सलाह दी है।
मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं तो बांधों के लबालब होने पर उनके गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। सोमवार को नदी-नालों का जलस्तर घटने के बाद जब किसान खेतों पर पहुंचे तो फसल की दशा देखकर उनके आंसू निकल आए। उड़द, मूंग, मूंगफली और सोयाबीन की फसल बर्बाद हो गई है। तना और जड़ें गल चुकी हैं। मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को एहतियाती उपाय अपनाने की सलाह दी है।
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस मौसम में मूंग, उड़द, मूंगफली जैसी फसलें या तो बीजारोपण की अवस्था में हैं या अंकुरण और प्रारंभिक विकास के चरण में हैं। जलभराव से सबसे ज्यादा खतरा बीजों के सड़ने, अंकुरण रुकने और पौधों के गिरने का होता है। नुकसान रोकने के लिए किसानों को खेतों से जल निकासी की सलाह दी है।
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मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं तो बांधों के लबालब होने पर उनके गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। सोमवार को नदी-नालों का जलस्तर घटने के बाद जब किसान खेतों पर पहुंचे तो फसल की दशा देखकर उनके आंसू निकल आए। उड़द, मूंग, मूंगफली और सोयाबीन की फसल बर्बाद हो गई है। तना और जड़ें गल चुकी हैं। मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को एहतियाती उपाय अपनाने की सलाह दी है।
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कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार इस मौसम में मूंग, उड़द, मूंगफली जैसी फसलें या तो बीजारोपण की अवस्था में हैं या अंकुरण और प्रारंभिक विकास के चरण में हैं। जलभराव से सबसे ज्यादा खतरा बीजों के सड़ने, अंकुरण रुकने और पौधों के गिरने का होता है। नुकसान रोकने के लिए किसानों को खेतों से जल निकासी की सलाह दी है।
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