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Lalitpur News: चकबंदी प्रक्रियारत गांव के किसानों को फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता हुई समाप्त
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शासन के आदेश से जिले 77 गांव के किसान हो सकेंगे लाभान्वित
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अब जिले में चकबंदी प्रक्रिया अधीन गांवों के किसानों का गेंहू क्रय केंद्र पर बिना फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता खरीदा जा सकेगा। शासन ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं, जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने किसानों की समस्या को शासनस्तर पर प्राथमिकता के आधार पर रखा था। शासन ने समस्या को संज्ञान में लेते हुए यह आदेश जारी किया है।
शासन ने गेंहू क्रय केंद्र पर फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता को लागू किया था, ऐसे में जिन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है, उन गांवों के किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार नहीं हो सकती। जिले ऐसे 77 गांव के ऐसे थे, जहां पर चकबंदी प्रक्रिया चल रही थी। इन गांव के किसान फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता के फरमान के बाद से अपने गेहूं क्रय केंद्र पर नहीं बेच पा रहे थे, किसानों की समस्या को जिलाधिकारी ने प्राथमिकता के आधार पर शासन के सामने रखा। इसके बाद शासन ने चकबंदी प्रक्रिया के किसानों को राहत दी है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने गेहूं क्रय केंद्र पर ही फार्मर रजिस्ट्री बनवाने की सुविधा दे दी है। शासन ने प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 (अप्रैल 2026) से गेहूं बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्री या डिजिटल फार्मर आईडी अनिवार्य की गई है। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने, बिचौलियों को खत्म करने और सीधे वास्तविक किसानों के खातों में एमएसपी का भुगतान करने के लिए उठाया गया है। इसका उद्देश्य किसानों की जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल आईडी से जोड़ना है।
फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं जैसे सम्मान निधि, खाद-बीज सब्सिडी और कृषि ऋण आदि का भी सीधा लाभ मिलेगा। बिना फार्मर रजिस्ट्री के, किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं नहीं बेच पाने के आदेश बाद किसानों को परेशान होना पड़ रहा था। अपर जिलाधिकारी/जिला खरीद अधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया है कि गेहूं विक्रय के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने जिले के सभी 48 गेहूं क्रय केद्रों पर कॉमन सर्विस सेंटर सीएससी खुलवाने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए यहां-वहां भटकना नहीं पड़ेगा। किसान मात्र 50 रुपये निर्धारित शुल्क जमा करके फार्मर रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही उन्होंने एक टोलफ्री नंबर-18001800150 भी जारी कराया है, जिस पर किसान, गेहूं खरीद व फार्मर रजिस्ट्री संबंधी कोई भी जानकारी, सुझाव या शिकायत के लिए संपर्क कर सकेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अब जिले में चकबंदी प्रक्रिया अधीन गांवों के किसानों का गेंहू क्रय केंद्र पर बिना फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता खरीदा जा सकेगा। शासन ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं, जिलाधिकारी सत्यप्रकाश ने किसानों की समस्या को शासनस्तर पर प्राथमिकता के आधार पर रखा था। शासन ने समस्या को संज्ञान में लेते हुए यह आदेश जारी किया है।
शासन ने गेंहू क्रय केंद्र पर फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता को लागू किया था, ऐसे में जिन गांवों में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है, उन गांवों के किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार नहीं हो सकती। जिले ऐसे 77 गांव के ऐसे थे, जहां पर चकबंदी प्रक्रिया चल रही थी। इन गांव के किसान फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता के फरमान के बाद से अपने गेहूं क्रय केंद्र पर नहीं बेच पा रहे थे, किसानों की समस्या को जिलाधिकारी ने प्राथमिकता के आधार पर शासन के सामने रखा। इसके बाद शासन ने चकबंदी प्रक्रिया के किसानों को राहत दी है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने गेहूं क्रय केंद्र पर ही फार्मर रजिस्ट्री बनवाने की सुविधा दे दी है। शासन ने प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 (अप्रैल 2026) से गेहूं बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्री या डिजिटल फार्मर आईडी अनिवार्य की गई है। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने, बिचौलियों को खत्म करने और सीधे वास्तविक किसानों के खातों में एमएसपी का भुगतान करने के लिए उठाया गया है। इसका उद्देश्य किसानों की जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल आईडी से जोड़ना है।
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फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं जैसे सम्मान निधि, खाद-बीज सब्सिडी और कृषि ऋण आदि का भी सीधा लाभ मिलेगा। बिना फार्मर रजिस्ट्री के, किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं नहीं बेच पाने के आदेश बाद किसानों को परेशान होना पड़ रहा था। अपर जिलाधिकारी/जिला खरीद अधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने बताया है कि गेहूं विक्रय के लिए फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने जिले के सभी 48 गेहूं क्रय केद्रों पर कॉमन सर्विस सेंटर सीएससी खुलवाने का निर्णय लिया है, जिससे किसानों को फार्मर रजिस्ट्री बनवाने के लिए यहां-वहां भटकना नहीं पड़ेगा। किसान मात्र 50 रुपये निर्धारित शुल्क जमा करके फार्मर रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही उन्होंने एक टोलफ्री नंबर-18001800150 भी जारी कराया है, जिस पर किसान, गेहूं खरीद व फार्मर रजिस्ट्री संबंधी कोई भी जानकारी, सुझाव या शिकायत के लिए संपर्क कर सकेंगे।
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