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Lalitpur News: लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी चालू नहीं हुई लिफ्ट

Thu, 01 Oct 2026 12:26 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 12:26 AM IST
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The lift did not become operational even after lakhs of rupees were spent.
मेडिकल कॉलेज में बंद पड़ी लिफ्ट
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन (जिला अस्पताल) की लिफ्ट मरम्मत के बाद भी चालू नहीं हो सकी है और शोपीस बनी हुई है। ऐसे में प्रथम तल पर मरीजों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। खासकर वृद्ध तीमारदार हांफ रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन बने हुए हैं।
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मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन (जिला अस्पताल) में वर्तमान में भूतल पर बाल रोग विभाग व मानसिक रोग विभाग की ओपीडी व पैथोलॉजी संचालित हो रहीं हैं। वहीं प्रथम तल पर प्रशासनिक कार्यालय, दंत रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग व इन दोनों विभाग के ऑपरेशन थिएटर और पोषण पुनर्वास केंद्र, बच्चा वार्ड स्थापित हैं। यहां पर प्रतिदिन लगभग एक हजार से अधिक लोग आते है।
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मरीजों, स्टॉफ और तीमारदारों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाई थी, जो लंबे समय से खराब पड़ी हुई थी। ऐसे में मरीज समेत सभी लोग प्रथम तल पर आने-जाने के लिए परेशान होते थे। वर्ष 2024 में मेडिकल कॉलेज में तब्दील हो गया था। इस पर भवन समेत अन्य कमियों को दूर करने के लिए मरम्मत के कार्य किए गए थे। इसके अंतर्गत लंबे समय से बंद पड़ी लिफ्ट की भी मरम्मत की गई थी। इसके अधिकांश पार्ट नए डाले गए। विभागीय अधिकारी भले ही मरम्मत होने के बाद ठीक होने का दावा कर रहे हों। लेकिन इसके बाद भी मरीजों व तीमारदारों के लिए सहारा नहीं बन पा रही है।
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वर्तमान में लगभग छह माह से अधिक समय से लिफ्ट बंद पड़ी हुई है। ऐसे में मरीजों व तीमारदारों को प्रथम तल पर जाने में परेशानी हो रही है। ऐसे में मरीजों, स्टॉफ और तीमारदारों को मजबूरन ही सीढ़ियों व रैंप के सहारे जाना पड़ रहा है। यही नहीं बच्चा वार्ड से महिलाओं को बच्चों को लाद कर ले जाने में परेशानी होती है। इसके बाद भी जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं।
लिफ्ट पूरी तरह से चालू हैं। इसके संचालन के लिए टेक्नीशियन की कमी है। टेक्नीशियन के आते ही संचालन शुरू किया जाएगा।
डॉ. गजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज
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