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Lalitpur News: तीन महीनों से चल रही दानपत्र बैनामों की जांच... अब तक नहीं हो सकी पूर्ण
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। दानपत्र योजना के तहत तीनों रजिस्ट्रार ऑफिस में 1504 बैनामे हुए थे। कुछ शातिर लोगों ने अपनी व्यावसायिक संपत्तियां आवासीय दिखाकर दानपत्र के माध्यम से हस्तांतरित की थीं। इसकी जांच जिलाधिकारी के आदेश पर कराई जा रही है, लेकिन अभी तक यह पूर्ण नहीं हो पाई।
पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 1504 बैनामे दानपत्र के माध्यम से कराए गए, जिसमें ललितपुर में 776, महरौनी में 552 व तालबेहट में 176 बैनामे शामिल हैं। सरकार ने दानपत्र योजना के तहत आवासीय व कृषि भूमि को परिजनों के नाम दर्ज करने की योजना लागू की थी। इसके तहत सिर्फ पांंच हजार के स्टांप पर यह संपत्ति हस्तांतरित होनी थी, लेकिन कुछ लोगों ने व्यावसायिक भूमि भी इस योजना के तहत अपने परिजनों के नाम कर दी, इसमें लाखों रुपये की स्टांप चोरी की गई। तालबेहट में दो मामले पकड़े गए, लेकिन जनपद मुख्यालय का एक भी मामला अभी तक संज्ञान में नहीं आया है। जबकि ललितपुर में भी इस प्रकार की संपत्ति हस्तांतरित की गई है। यहां जांच के नाम खानापूर्ति की गई। सूत्रों ने बताया कि कुछ ऐसी संपत्तियां भी हैं, जिनमें व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं।
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दानपत्रों की जांच कराई गई है। तालबेहट में मामले पकड़ में भी आए हैं। जनपद मुख्यालय के दानपत्रों की जांच चल रही है। अभी यह जांच पूर्ण नहीं हो पाई है।
मनोज कुमार श्रीवास्तव, एआईजी स्टांप।
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ललितपुर। दानपत्र योजना के तहत तीनों रजिस्ट्रार ऑफिस में 1504 बैनामे हुए थे। कुछ शातिर लोगों ने अपनी व्यावसायिक संपत्तियां आवासीय दिखाकर दानपत्र के माध्यम से हस्तांतरित की थीं। इसकी जांच जिलाधिकारी के आदेश पर कराई जा रही है, लेकिन अभी तक यह पूर्ण नहीं हो पाई।
पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 1504 बैनामे दानपत्र के माध्यम से कराए गए, जिसमें ललितपुर में 776, महरौनी में 552 व तालबेहट में 176 बैनामे शामिल हैं। सरकार ने दानपत्र योजना के तहत आवासीय व कृषि भूमि को परिजनों के नाम दर्ज करने की योजना लागू की थी। इसके तहत सिर्फ पांंच हजार के स्टांप पर यह संपत्ति हस्तांतरित होनी थी, लेकिन कुछ लोगों ने व्यावसायिक भूमि भी इस योजना के तहत अपने परिजनों के नाम कर दी, इसमें लाखों रुपये की स्टांप चोरी की गई। तालबेहट में दो मामले पकड़े गए, लेकिन जनपद मुख्यालय का एक भी मामला अभी तक संज्ञान में नहीं आया है। जबकि ललितपुर में भी इस प्रकार की संपत्ति हस्तांतरित की गई है। यहां जांच के नाम खानापूर्ति की गई। सूत्रों ने बताया कि कुछ ऐसी संपत्तियां भी हैं, जिनमें व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं।
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दानपत्रों की जांच कराई गई है। तालबेहट में मामले पकड़ में भी आए हैं। जनपद मुख्यालय के दानपत्रों की जांच चल रही है। अभी यह जांच पूर्ण नहीं हो पाई है।
मनोज कुमार श्रीवास्तव, एआईजी स्टांप।