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Lalitpur News: रोडवेज की राह में उद्घाटन का रोड़ा

Mon, 07 Apr 2025 12:04 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 07 Apr 2025 12:04 AM IST
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The hurdle of inauguration in the way of roadways
अमर उजाला ब्यूरो
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ललितपुर। रोडवेज डिपो बनकर तैयार होने के बाद विभाग को हैंडओवर हुए छह माह से अधिक का समय हो गया, लेकिन अब तक इसका उद्घाटन नहीं हो सका। करीब महीनेभर पहले मुख्यमंत्री झांसी तक आए, लेकिन जनप्रतिनिधि उनसे इसका उद्घाटन नहीं करा सके। इसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें टेंपो या डग्गामार वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है।
यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए वर्ष 2015 में रोडवेज डिपो की सौगात मिली थी। सात करोड़ रुपये से जमीन खरीदकर सात एकड़ भूमि पर 4.99 करोड़ से निर्माण शुरू किया गया। इसे वर्ष 2018 में पूर्ण किया जाना था, लेकिन कभी हाईटेंशन लाइन तो कभी पत्थर रोड़ा बने। यह समस्या दूर हुई तो पानी का संकट आ गया। किसी तरह ये बाधाएं भी दूर हुईं और सात माह पहले रोडवेज डिपो बनकर तैयार हो गया। विभाग को सुपुर्द भी हो गया, लेकिन संचालन शुरू नहीं हो सका। यह स्थिति तब है जब कई रूटों पर बसों का संचालन शून्य है। कई पर दिन में एक या दो ही बसें चलती हैं।
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फैक्ट फाइल
- रोडवेज की सौगात - 2015
- रोडवेज का क्षेत्र - सात एकड़ - निर्माण राशि प्रस्तावित - 4.99 करोड़
- रिवाइज एस्टीमेट राशि - 6 करोड़
- कार्य पूर्ण की निर्धारित अवधि - 2018
- कार्य पूर्ण होने का वर्ष - 2024
वर्जन
फोटो-20
रोडवेज डिपो के उद्घाटन के संबंध में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर समय मांगा जाएगा। -मनोहर लाल पंथ, राज्यमंत्री
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दस्तावेजों में दर्ज हैं 20 बसें, सड़कों पर न के बराबर
संवाद न्यूज एजेंसी
नाराहट (ललितपुर)। जामनी बांध से ललितपुर, धौर्रा, जाखलौन से झांसी के लिए 20 परमिट जारी किए गए हैं, लेकिन सड़कों पर ज्यादातर बसें नदारद हैं। महज आठ बसों का संचालन हो रहा है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। ललितपुर से जामनी बांध आने के लिए पहली बस दोपहर 12 बजे चलती है, जो नाराहट में दोपहर दो बजे पहुंचती है। सुबह से बस न होने के कारण लोग समय से नहीं पहुंच पाते। इसी तरह शाम को अंतिम बस नाराहट से चार बजे ललितपुर के लिए चलती है। इसके बाद कोई साधन नहीं है, जिससे मुख्यालय आ सकें।
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वर्षों से बंद हैं रोडवेज बसें
वर्ष 2015 में दो बसों का संचालन शुरू किया गया था, जो सुबह आठ बजे ललितपुर से जामनी बांध के लिए चलती थीं। वहीं शाम छह बजे जामनी बांध से ललितपुर के लिए चलती थीं। इससे आसानी से लोग नाराहट से आ-जा सकते थे, लेकिन अब ये बसें बंद पड़ी हैं।
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