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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   The home guard had bought a child to sacrifice in the desire of a child.

संतान की चाह में बलि देने के लिए होमगार्ड ने खरीदा था बालक

Thu, 07 Apr 2022 09:57 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2022 09:57 PM IST
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The home guard had bought a child to sacrifice in the desire of a child.
ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नेहरूनगर से अपहृत चार वर्षीय बालक को एक दंपती ने संतान प्राप्ति के लिए बलि देने के लिए खरीदा था। पुलिस टीमों ने मड़ावरा क्षेत्र के गांव रनगांव निवासी एक होमगार्ड के घर से बालक को बरामद कर लिया। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। अभी मुख्य आरोपी महिला फरार है। उसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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एसपी निखिल पाठक ने बृहस्पतिवार को जानकारी देते हुए बताया कि मोहल्ला नेहरूनगर निवासी आशीष (4) पुत्र कल्याण चंदेल बीते चार अप्रैल को सुबह 6.55 बजे बहन के साथ दूध लेने गया था। जहां रास्ते में एक नकाबपोश महिला ने आशीष का अपहरण कर लिया था। जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस के अलावा एसओजी झांसी, ललितपुर और सर्विलांस टीमों सहित कुल 15 टीमें बालक की खोजबीन में लगी हुई थीं। टीमों ने जिले के अलावा मध्य प्रदेश के बीना, सागर, दमोह, मुंगावली, अशोकनगर, भोपाल समेत कई इलाकों में दबिश दी।
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एसपी ने बताया कि पुलिस को अपहृत बालक के एक रिश्तेदार ने एक अन्य व्यक्ति के माध्यम से बालक के रनगांव में होमगार्ड शंकर बरार पुत्र डरू बरार के घर होने की सूचना दी गई। जिस पर पुलिस टीमों ने तत्काल रनगांव पहुंचकर होमगार्ड के घर को घेरकर अपहृत बालक को सकुशल बरामद कर लिया।
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पूछताछ में होमगार्ड ने बताया कि उसके बेटे जगतदेव की शादी को करीब सोलह वर्ष हो गए थे, लेकिन अब तक संतान नहीं हुई थी। तंत्र विद्या से वह बालक की बलि देकर संतान प्राप्ति करना चाहते थे। बताया कि उसके दामाद गोविंद नगर निवासी जितेंद्र पुत्र मथुरा प्रसाद ने उसके ही मोहल्ले की गीता उर्फ चंदावली वाली पत्नी फूलचंद से 80 हजार रुपये में बच्चा दिलाने का सौदा किया था। गीता ने चार अप्रैल को चेहरा ढककर नेहरूनगर से मासूम आशीष का अपहरण किया था। एसपी ने बताया कि गीता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। पकड़े गए आरोपियों में मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम रनगांव निवासी शंकर बरार पुत्र डरूलाल, जगतदेव पुत्र शंकर बरार, इंद्रा पत्नी जगतदेव एवं गोविंदनगर निवासी जितेंद्र उर्फ जित्तू पुत्र मथुरा प्रसाद शामिल हैं। जिन्हें पुलिस ने न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेज दिया।
बच्चे को सकुशल देख माता-पिता के खिले चेहरे
बच्चे के अपहरण से आहत माता पिता को तीन दिनों से रो रो कर बुरा हाल था। बुधवार रात को जैसे ही उन्हें पता चला कि पुलिस ने उनके बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है तो उनके चेहरे खिल गए। उन्होंने एसपी सहित पुलिस टीम का आभार जताते हुए कहा कि घटना के बाद से पुलिस लगातार कोशिश कर रही थी।

इन टीमों को मिली सफलता
एसओजी प्रभारी राहुल राठौर, सर्विलांस प्रभारी विनीत कुमार सिंह, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्र, मड़ावरा थाना प्रभारी निरीक्षक राजा दिनेश सिंह, प्रभारी निरीक्षक बार सुनील कुमार तिवारी, जाखलौन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार दुबे, थानाध्यक्ष बार अवध नारायण पांडेय, नेहरूनगर चौकी प्रभारी अतुल तिवारी, आलोक कुमार सिंह के अलावा सर्विलांस सेल से रजनीश चौहान, रविंद्र प्रताप सिंह, आशीष कुमार, बृजेंद्र सिंह, एसओजी से बृजेंद्र सिंह, योगेंद्र चौहान, अभय प्रताप सिंह, जायद अली, सुदर्शन पाठक, मनोज सोनकर, शैलेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, आदर्श तिवारी शामिल रहे।
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