फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   The Guru is a guide who leads one from darkness to light.

Lalitpur News: अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाला है पथ प्रदर्शक है गुरु

Wed, 29 Jul 2026 02:07 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2026 02:07 AM IST
विज्ञापन
The Guru is a guide who leads one from darkness to light.
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

ललितपुर। भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। गुरु केवल शिक्षा देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि वह दिव्य व्यक्तित्व है जो मनुष्य के जीवन से अज्ञानरूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान, विवेक और सदाचार का प्रकाश फैलाता है। संतों और आचार्यों का कहना है कि आज के युग में शिक्षा के अनेक साधन उपलब्ध हैं। पुस्तकें, इंटरनेट और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जानकारी प्राप्त की जा सकती है, किंतु ज्ञान और संस्कार केवल गुरु ही प्रदान कर सकता है। जानकारी जीवन को सफल बना सकती है,परंतु गुरु जीवन को सार्थक बनाते हैं। गुरु शिष्य के भीतर छिपी हुई प्रतिभा को पहचान कर उसे सही दिशा देते हैं और कठिन परिस्थितियों में धैर्य, संयम और सत्य के मार्ग पर चलना सिखाते हैं। पेश है जनपद के प्रमुख संत व आचार्य से बातचीत के अंश...।
0000000000
फोटो-28
सद्मार्ग पर चलना है तो संत का सानिध्य जरूरी है। आज चिंता का विषय है कि बच्चों में संस्कार की कमी आ रही है। माता-पिता बच्चों को स्वतंत्रता दें लेकिन उनकी निगरानी भी करें। प्रत्येक बच्चे को अपने घर पर भागवत गीता अथवा श्रीरामचरित मानस की कुछ चौपाई प्रतिदिन पढ़ना चाहिए। इससे बच्चे में ज्ञान,भक्ति और प्रेम जागृत होगा। भगवान के प्रति निष्ठा और गुरु के बताए सिद्धांत का पालन करें।
विज्ञापन

-महंत गंगादास महाराज, श्रीलक्ष्मी नृसिंह मंदिर, ललितपुर
000000000000000000
फोटो-29
गुरु-शिष्य संबंध श्रद्धा, विश्वास, अनुशासन और समर्पण पर आधारित होता है। जहां गुरु का आचरण आदर्श हो और शिष्य में सीखने की विनम्रता हो, वहीं वास्तविक शिक्षा का जन्म होता है। केवल दीक्षा लेना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि गुरु के उपदेशों को जीवन में उतारना ही सच्ची गुरुभक्ति है। गुरु पूर्णिमा पर अपने बच्चों को संस्कारित बनाने का संकल्प भी लें। -महामडंलेश्वर चंद्रेश्वर गिरी महाराज, चंडीपीठाधीश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन

00000000000000
फोटो-30
गुरु पूर्णिमा का पर्व हमें अपने जीवन के उन सभी गुरुओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर देता है, जिन्होंने हमें ज्ञान,संस्कार और जीवन का सही मार्ग दिखाया। माता-पिता, शिक्षक, आचार्य और वे सभी महापुरुष जिन्होंने हमें सद्मार्ग की प्रेरणा दी, वे हमारे सम्मान के पात्र हैं। सनातन धर्म की रक्षा और बच्चों को संस्कारित बनाने का संकल्प लें।- महंत रामलखन दास महाराज, तुवन मंदिर
0000000
फोटो-31
गुरु के बिना ज्ञान नहीं होता और ज्ञान के बिना जीवन व्यर्थ है। गुरु मन के रोग और विचारों की गंदगी को शुद्ध करते हैं। भारतीय परंपरा में भगवान श्रीराम ने महर्षि वशिष्ठ और विश्वामित्र से शिक्षा ग्रहण की, श्रीकृष्ण ने महर्षि सांदीपनि के आश्रम में अध्ययन किया और छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व निर्माण में समर्थ गुरु रामदास का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह उदाहरण बताते हैं कि महान व्यक्तित्व भी गुरु के मार्गदर्शन से ही महान बने।-जगतगुरु कृष्णगिरी महाराज,सर्वेश्वर धाम आश्रम ललितपुर

0000000000000000000000



फोटो-32
गुरु का चयन उसके ज्ञान,चरित्र, आचरण, विनम्रता और लोक कल्याण की भावना के आधार पर होना चाहिए। सच्चा गुरु कभी स्वयं को महान सिद्ध करने का प्रयास नहीं करता, बल्कि अपने शिष्य को महान बनाने का प्रयास करता है। वह शिष्य को अपने व्यक्तित्व का अनुयायी नहीं, बल्कि सत्य का साधक बनाता है। आज के दिन हम संकल्प लें कि जीवन में ऐसे गुरु का सम्मान करेंगे जो हमें सत्य, सेवा, संस्कार और राष्ट्रहित की प्रेरणा दें। क्योंकि गुरु केवल ज्ञान नहीं देते, वे मनुष्य के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं और उसे अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं।
-आचार्य पं. रवि तिवारी, अध्यक्ष, देवगढ़ सनातन धर्मरक्षा समिति
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed