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Lalitpur News: कमरे में साड़ी के फंदे से लटककर किशोर ने की आत्महत्या
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परिजनों ने लगाए आरोप - पिता की मौत के बाद आर्थिक मदद न मिलने से था परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। घर के अंदर कमरा बंदकर 17 वर्षीय छात्र मोहित निवासी मोहल्ला नेहरू नगर ने शुक्रवार की रात साड़ी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक चचेरे भाई ने विपक्षियों पर आरोप लगाया कि राजीनामा करने का दबाव बनाने पर मोहित के आत्महत्या कर लेने का आरोप लगाया है।
मृतक के चचेरे भाई रामकुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात मोहित कमरे में था। उसकी मां रामकली जब उसे बुलाने के लिए गई तो कमरे के दरवाजे नहीं खुले। इस पर उसने खिड़की से झांककर देखा तो मोहित छत के कुंदे पर साड़ी के फंदे से लटक रहा था। शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी। मोहल्ले के लोगों और पुलिस ने कमरे के दरवाजे खोले और फंदे पर लटक रहे मोहित को नीचे उतारा।
आनन-फानन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रामकुमार ने आत्महत्या के कारण पर आरोप लगाया कि करीब एक माह पूर्व मोहित के पिता भैयालाल मजदूरी करने के लिए शहर में रहने वाले अखिलेश नामदेव के मकान पर गए थे। यहां काम करते समय उसके सिर पर अचानक लकड़ी की बल्ली गिर गई थी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें मेडिकल कॉलेज से झांसी रेफर कर दिया गया था। वहां, दो दिन बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
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मकान मालिक अखिलेश ने मोहित को आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया था लेकिन पिता के अंतिम संस्कार होने के बाद मदद नहीं मिली। आर्थिक मदद के लिए मोहित भटकता रहा। उसे कभी कोतवाली बुलाया जाता तो कभी कचहरी में लेकिन आर्थिक मदद के नाम पर कुछ भी नहीं दिया गया। इसके बाद वह अपने घर आया और घर का दरवाजा बंदकर फंदा लगा लिया। मृतक दो भाइयों में सबसे बड़ा था। वहीं, कोतवाली पुलिस ने मृतक मोहित की मां की तहरीर पर अखिलेश नामदेव, रामपाल, सुंदर और चार अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
मां ने कहा - दहशत में था उसका पुत्र
मृतक मोहित की मां रामकली ने तहरीर दी। इसमें बताया कि 19 सितंबर को अखिलेश उसके घर आया था। यहां से उसके पति भैयालाल को काम पर ले गए। करीब 11 बजे सुबह फोन आया कि उसके पति अस्पताल में भर्ती है। उनकी मौत के बाद अखिलेश व रामपाल ठेकेदार ने एक विलिंग स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवाए थे। 21 नवंबर को अखिलेश के बुलाने पर वे लोग कोतवाली गए। यहां अखिलेश व रामपाल ने राजीनामा की बात की। इस पर वे लोग सहमत नहीं हुए और वापस घर आ गए। रास्ते में उसके पुत्र मोहित को अखिलेश, रामपाल, सुंदर ने अपने चार साथियों के साथ रोक लिया। राजीनामा का दबाव बनाया। यह बात उसके पुत्र ने घर आकर बताई और रोने लगा। इस दहशत के चलते बेटे ने यह कदम उठाया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। घर के अंदर कमरा बंदकर 17 वर्षीय छात्र मोहित निवासी मोहल्ला नेहरू नगर ने शुक्रवार की रात साड़ी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। मृतक चचेरे भाई ने विपक्षियों पर आरोप लगाया कि राजीनामा करने का दबाव बनाने पर मोहित के आत्महत्या कर लेने का आरोप लगाया है।
मृतक के चचेरे भाई रामकुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात मोहित कमरे में था। उसकी मां रामकली जब उसे बुलाने के लिए गई तो कमरे के दरवाजे नहीं खुले। इस पर उसने खिड़की से झांककर देखा तो मोहित छत के कुंदे पर साड़ी के फंदे से लटक रहा था। शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी। मोहल्ले के लोगों और पुलिस ने कमरे के दरवाजे खोले और फंदे पर लटक रहे मोहित को नीचे उतारा।
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आनन-फानन उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रामकुमार ने आत्महत्या के कारण पर आरोप लगाया कि करीब एक माह पूर्व मोहित के पिता भैयालाल मजदूरी करने के लिए शहर में रहने वाले अखिलेश नामदेव के मकान पर गए थे। यहां काम करते समय उसके सिर पर अचानक लकड़ी की बल्ली गिर गई थी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें मेडिकल कॉलेज से झांसी रेफर कर दिया गया था। वहां, दो दिन बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
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मकान मालिक अखिलेश ने मोहित को आर्थिक मदद देने का आश्वासन दिया था लेकिन पिता के अंतिम संस्कार होने के बाद मदद नहीं मिली। आर्थिक मदद के लिए मोहित भटकता रहा। उसे कभी कोतवाली बुलाया जाता तो कभी कचहरी में लेकिन आर्थिक मदद के नाम पर कुछ भी नहीं दिया गया। इसके बाद वह अपने घर आया और घर का दरवाजा बंदकर फंदा लगा लिया। मृतक दो भाइयों में सबसे बड़ा था। वहीं, कोतवाली पुलिस ने मृतक मोहित की मां की तहरीर पर अखिलेश नामदेव, रामपाल, सुंदर और चार अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की गई है। मामले की जांच की जा रही है।
मां ने कहा - दहशत में था उसका पुत्र
मृतक मोहित की मां रामकली ने तहरीर दी। इसमें बताया कि 19 सितंबर को अखिलेश उसके घर आया था। यहां से उसके पति भैयालाल को काम पर ले गए। करीब 11 बजे सुबह फोन आया कि उसके पति अस्पताल में भर्ती है। उनकी मौत के बाद अखिलेश व रामपाल ठेकेदार ने एक विलिंग स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवाए थे। 21 नवंबर को अखिलेश के बुलाने पर वे लोग कोतवाली गए। यहां अखिलेश व रामपाल ने राजीनामा की बात की। इस पर वे लोग सहमत नहीं हुए और वापस घर आ गए। रास्ते में उसके पुत्र मोहित को अखिलेश, रामपाल, सुंदर ने अपने चार साथियों के साथ रोक लिया। राजीनामा का दबाव बनाया। यह बात उसके पुत्र ने घर आकर बताई और रोने लगा। इस दहशत के चलते बेटे ने यह कदम उठाया।