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25 को होगा सूर्यग्रहण, दिन भर बंद रहेंगे मंदिरों के कपाट, नहीं होगी भगवान की पूजा
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ललितपुर। दीपावली के अगले दिन मंगलवार शाम को सूर्य ग्रहण पड़ रहा है, जिसके चलते 12 घंटे पहले सूतक लग जाएगा, जिसकी वजह से दिन भर मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और मंदिरों के साथ ही घरों में भी भगवान की पूजा नहीं हो सकेगी। हालांकि सूर्यग्रहण समाप्ति के बाद स्नान ध्यान कर नवीन वस्त्र धारण कर मंदिरों व घरों में भगवान की पूजा अर्चना की जा सकेगी।
दीपावली पर इस बार दो अमावस्या पड़ रही हैं, जिसके चलते दीपावली का पर्व सोमवार के दिन मनाया जाएगा। जबकि 25 अक्तूबर के दिन मंगलवार को शाम सवा चार बजे सूर्यग्रहण पड़ेगा, जो सवा दो घंटे तक शाम को 6:30 बजे तक रहेगा। इस दिन सूर्यग्रहण के चलते चार पहर 12 घंटे पहले मंगलवार को अलसुबह सवा चार बजे से सूतक काल शुरू हो जाएगा और सूतक काल के दौरान घरों व मंदिरों में पूजन अर्चन नहीं किया जाता है। घरों में भगवान को परदा लगा दी जाएगी, जबकि मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। इस दौरान दिन भर भगवान का पूजन अर्चन नहीं किया जाएगा। हालांकि सूतक काल के पूर्व सुबह ब्रह्म मुहूर्त में चार से सवा चार बजे तक 15 मिनट के समय में भगवान ठाकुर जी का पूजन-अर्चन किया जा सकता है, लेकिन इसके बाद पूजन नहीं होगा। हालांकि इस दौरान भगवत स्त्रोत्र एवं मंत्रों का जप किया जाता है और मंत्रों का जप इत्यादि करने से इसका प्रभाव कई गुना फल प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य पंडित महेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि 25 अक्तूबर को शाम चार बजे से शाम साढ़े छह बजे तक सूर्यग्रहण पड़ेगा और इसके चलते मंगलवार को सुबह सवा चार बजे से सूतक लग जाएगा, इस दौरान मंदिरों व घरों में भगवान का पूजन अर्चन नहीं करना चाहिए। इस समय भोजन भी वर्जित है, हालांकि बालक, वृद्ध व रोगी एक बजे तक भोजन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए लाया गया गंगाजल को भी मंदिर में बंद करके रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि सूर्य ग्रहण की समाप्त होने पर स्नान ध्यान कर नवीन वस्त्र धारण करके मंदिरों व घरों में पूजन अर्चन किया जा सकेगा।
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दीपावली पर इस बार दो अमावस्या पड़ रही हैं, जिसके चलते दीपावली का पर्व सोमवार के दिन मनाया जाएगा। जबकि 25 अक्तूबर के दिन मंगलवार को शाम सवा चार बजे सूर्यग्रहण पड़ेगा, जो सवा दो घंटे तक शाम को 6:30 बजे तक रहेगा। इस दिन सूर्यग्रहण के चलते चार पहर 12 घंटे पहले मंगलवार को अलसुबह सवा चार बजे से सूतक काल शुरू हो जाएगा और सूतक काल के दौरान घरों व मंदिरों में पूजन अर्चन नहीं किया जाता है। घरों में भगवान को परदा लगा दी जाएगी, जबकि मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे। इस दौरान दिन भर भगवान का पूजन अर्चन नहीं किया जाएगा। हालांकि सूतक काल के पूर्व सुबह ब्रह्म मुहूर्त में चार से सवा चार बजे तक 15 मिनट के समय में भगवान ठाकुर जी का पूजन-अर्चन किया जा सकता है, लेकिन इसके बाद पूजन नहीं होगा। हालांकि इस दौरान भगवत स्त्रोत्र एवं मंत्रों का जप किया जाता है और मंत्रों का जप इत्यादि करने से इसका प्रभाव कई गुना फल प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य पंडित महेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि 25 अक्तूबर को शाम चार बजे से शाम साढ़े छह बजे तक सूर्यग्रहण पड़ेगा और इसके चलते मंगलवार को सुबह सवा चार बजे से सूतक लग जाएगा, इस दौरान मंदिरों व घरों में भगवान का पूजन अर्चन नहीं करना चाहिए। इस समय भोजन भी वर्जित है, हालांकि बालक, वृद्ध व रोगी एक बजे तक भोजन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए लाया गया गंगाजल को भी मंदिर में बंद करके रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि सूर्य ग्रहण की समाप्त होने पर स्नान ध्यान कर नवीन वस्त्र धारण करके मंदिरों व घरों में पूजन अर्चन किया जा सकेगा।
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