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पांव पसार रही हैं बीमारियां

Sun, 24 Jul 2016 01:45 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Sun, 24 Jul 2016 01:45 AM IST
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sickness
प्रशासन - फोटो : demo pic
ललितपुर। बरसात के कारण संक्रामक रोग अपने पैर पसारते जा रहे हैं, लेकिन नगर के जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों द्वारा इसको नजर अंदाज किया जा रहा है। संबंधित विभागों द्वारा इससे निपटने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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शासन ने करीब दो सप्ताह पूर्व आदेश जारी करके नगर पालिका, जल संस्थान व नगर स्वास्थ्य अधिकारियों को संक्रामक रोगों के रोकधाम के लिए कार्रवाई करने के आदेश जारी किए थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मुहल्लों की सड़कों, नालियों व खाली प्लाटों में भरे पानी व गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। वहीं इनमें संक्रामक जीवाणु भी पनप रहे हैं। मच्छरों से लोगों निजात दिलाने के लिए नगर पालिका द्वारा किंग फॉग व टैमी फैक्स दवाई की फागिंग की जाती है, लेकिन नगर पालिका व नगर स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा अब तक फॉगिंग का रुट चार्ट तैयार नहीं किया गया है। इसके अलावा नालियों व जलभराव के स्थानों पर डीडीटी कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जाता था, लेकिन दवा का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में स्वास्थ्य विभाग डीडीटी कीटनाशक दवा उपलब्ध कराती थी, जिसका छिड़काव नपा कर्मियों द्वारा किया जाता था। विगत वर्षों से स्वास्थ्य विभाग ने डीडीटी दवा उपलब्ध कराना बंद कर दिया है।
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वर्षों से नहीं हटाई गई, पानी की टंकियों की गंदगी
शासनादेश में जल संस्थान के अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए थे कि संक्रामक रोगों के रोकधाम के लिए नगर क्षेत्र में बनी पानी की टंकियों की सफाई जल्द से जल्द कराई जाए। करीब दो सप्ताह का समय बीत गया है, लेकिन अब तक टंकियों की सफाई के लिए विभाग द्वारा कार्ययोजना भी तैयार नहीं की गई है। नगर क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए जल संस्थान के पास शहर में छह पानी की टंकियां उपलब्ध हैं। मुहल्ला लेड़ियापुरा में पानी की दो टंकियां बनी हुई हैं, इससे मुहल्ला लेड़ियापुरा, नईबस्ती, गांधी नगर व नेहरु नगर क्षेत्र में जलापूर्ति की जाती है। एक टंकी डोड़ाघाट जल संस्थान में बनी हुई है इससे गोविंद नगर व नदीपुरा में जलापूर्ति की जाती है। नेहरु महाविद्यालय के सामने बनी एक टंकी से चौकाबाग में जलापूर्ति की जाती है। इसके अलावा मुहल्ला कसाई मंडी में बनी दो टंकियों से शहर के अन्य मुहल्लों में जलापूर्ति की जाती है। वर्षों पुरानी पानी की टंकियों की सफाई वर्षों से नहीं की गई है।
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गंदे पानी से होती हैं बीमारियां
यदि पीने का पानी दूषित है तो कई  बीमारियां चपेट में ले सकती हैं। ये बीमारियां गंदे पानी में रहने वाले  छोटे-छोटे जीवाणुओं के कारण होती हैं,  जो गंदे पानी के साथ हमारे शरीर  में प्रवेश कर जाते हैं। ऐसे पानी की  वजह से होने वाली बीमारियों के कई  कारक हो सकते हैं, जिनमें वायरस, प्रोटोजोआ और पेट में होने  वाले इंफेक्शन प्रमुख हैं। गंदा पानी  पीने से बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकता  है, जिसकी वजह से हैजा, टाइफाइड,  पेचिश जैसी बीमारियां आसानी से किसी को भी अपना शिकार बना सकती हैं। इसके  अलावा गंदा पानी पीने से वायरल इंफेक्शन  भी हो सकता है। वायरल इंफेक्शन के  कारण हेपेटाइटिस ए, फ्लू, कॉलरा,  टायफाइड और पीलिया जैसी खतरनाक बीमारियां  होती हैं। इससे कई संक्रामक बीमारियां भी फैलती हैं।


नागरिकों के स्वास्थ्य को लेकर साफ-सफाई व स्वच्छ पेयजल की ओर पूरा  ध्यान दिया जा रहा है। नगर पालिका को कीटनाशक दवा उपलब्ध कराने के लिए  सीएमओ से बात करेेंगे व ईओ के साथ बैठक करके जल्द ही फॉगिंग का रुटचार्ट  तैयार कर लिया जाएगा। पानी की टंकियों की भी सफाई कराने के लिए कार्रवाई  अमल में लाई जाएगी।
राजेश भारती
-नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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