{"_id":"661c53dc2a7c04becd05b804","slug":"seed-scam-gram-crop-grown-on-paper-without-seeds-on-ramabais-land-lalitpur-news-c-11-1-jhs1008-297935-2024-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: बीज घोटाला... रमाबाई की भूमि पर बिना बीज के ही उग गई कागजों में चना की फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: बीज घोटाला... रमाबाई की भूमि पर बिना बीज के ही उग गई कागजों में चना की फसल
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। 98 लाख रुपये के बीज घोटाला करने में गजब खेल कर डाला। घोटाला करने की नियत में विभागीय अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक लगातार नियमों की अनदेखी करते गए। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। इसमें कृषि विभाग ने ग्राम कारीटोरन निवासी एक महिला की भूमि पर बिना बीज के ही चना की फसल उगा डाली। यही नहीं हद तो तब हो गई, जब विभाग ने दस्तावेजों में महिला किसान की दस डिसमिल भूमि में 1.60 क्विंटल चना का बीज बोया जाना दिखा दिया गया।
चना के बीज घोटाला में विभाग लगातार घिरता नजर आ रहा है। विभाग ने एक के बाद लगातार कारनामा करता गया। इसकी खुलती परतें में जिम्मेदार भी फंसते जा रहे हैं। ऐसा ही एक कलस्टर के चना बीज वितरण का सामने आया है। ग्राम कारीटोरन निवासी रमाबाई पत्नी बरजोरे के खेत में विभाग ने बिना बीज दिए ही कागजों में चना की फसल दिखा डाली है। घोटाला कर पैसों की कमाई के मद में विभागीय अधिकारियों ने दस डिस्मिल भूमि वाली रमाबाई को 1.60 क्विंटल चना की बीज वितरण किया जाना दिखा दिया। इस मामले में जब रमाबाई से जानकारी ली गई तो बताया कि उसे कोई चना का बीज नहीं दिया गया है। उसके पास महज दस डिसमिल ही जमीन है। इसके बाद मामला स्पष्ट हो गया है, कि विभागीय जिम्मेदारों बीज वितरण में खुलेआम ही लूट कर डाली है।
-- -
दस्तावेजों में दस डिसमिल भूमि में बो दिया 1.60 किलो चना
कृषि विभाग के अनुसार एक एकड़ भूमि में 35 किलोग्राम चना की बुवाई होती है। इस तरह से दस डिसमिल भूमि में केवल 3.5 किलोग्राम चना की बुवाई हो सकती है। इसमें उत्पादन क्षमता लगभग 30 से 35 किलोग्राम होता है, लेकिन विभाग के घोटाले करने में हद पार करते हुए उत्पादन क्षमता से पांच गुना बीज ही दे डाला। इससे विभागीय कारनामा का अंदाजा सहज ही लगया जा सकता है।
विज्ञापन
000
कलस्टर चना बीज वितरण में जांच रिपोर्ट की आख्या आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. एलबी यादव, जेडीए, कृषि
विज्ञापन
ललितपुर। 98 लाख रुपये के बीज घोटाला करने में गजब खेल कर डाला। घोटाला करने की नियत में विभागीय अधिकारियों से लेकर कर्मचारी तक लगातार नियमों की अनदेखी करते गए। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। इसमें कृषि विभाग ने ग्राम कारीटोरन निवासी एक महिला की भूमि पर बिना बीज के ही चना की फसल उगा डाली। यही नहीं हद तो तब हो गई, जब विभाग ने दस्तावेजों में महिला किसान की दस डिसमिल भूमि में 1.60 क्विंटल चना का बीज बोया जाना दिखा दिया गया।
चना के बीज घोटाला में विभाग लगातार घिरता नजर आ रहा है। विभाग ने एक के बाद लगातार कारनामा करता गया। इसकी खुलती परतें में जिम्मेदार भी फंसते जा रहे हैं। ऐसा ही एक कलस्टर के चना बीज वितरण का सामने आया है। ग्राम कारीटोरन निवासी रमाबाई पत्नी बरजोरे के खेत में विभाग ने बिना बीज दिए ही कागजों में चना की फसल दिखा डाली है। घोटाला कर पैसों की कमाई के मद में विभागीय अधिकारियों ने दस डिस्मिल भूमि वाली रमाबाई को 1.60 क्विंटल चना की बीज वितरण किया जाना दिखा दिया। इस मामले में जब रमाबाई से जानकारी ली गई तो बताया कि उसे कोई चना का बीज नहीं दिया गया है। उसके पास महज दस डिसमिल ही जमीन है। इसके बाद मामला स्पष्ट हो गया है, कि विभागीय जिम्मेदारों बीज वितरण में खुलेआम ही लूट कर डाली है।
विज्ञापन
दस्तावेजों में दस डिसमिल भूमि में बो दिया 1.60 किलो चना
कृषि विभाग के अनुसार एक एकड़ भूमि में 35 किलोग्राम चना की बुवाई होती है। इस तरह से दस डिसमिल भूमि में केवल 3.5 किलोग्राम चना की बुवाई हो सकती है। इसमें उत्पादन क्षमता लगभग 30 से 35 किलोग्राम होता है, लेकिन विभाग के घोटाले करने में हद पार करते हुए उत्पादन क्षमता से पांच गुना बीज ही दे डाला। इससे विभागीय कारनामा का अंदाजा सहज ही लगया जा सकता है।
विज्ञापन
000
कलस्टर चना बीज वितरण में जांच रिपोर्ट की आख्या आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।-डॉ. एलबी यादव, जेडीए, कृषि

बराड़ा से एमएम मुलाना अस्पताल में रेफर हुए मरीज को ले जाते हुए परिजन

बराड़ा से एमएम मुलाना अस्पताल में रेफर हुए मरीज को ले जाते हुए परिजन