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Lalitpur News: विद्युत सखी बनकर मिला रोजगार, 20 हजार रुपये तक हो रही कमाई
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विद्युत सखी जमुना देवी को मुख्यमंत्री कर चुके सम्मानित
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली मीटर रीडिंग व बिल संकलन के लिए विभाग के पास न तो पर्याप्त संसाधन थे न कर्मचारी। ऐसे में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने विद्युत सखी बनकर बिजली बिल संकलन का कार्य कर अपने रोजगार का जरिया बना लिया। वे अब तक एक करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिलों का संकलन कर चुकी हैं।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम एवं उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने मिलकर नवाचार किया है। जिला मिशन प्रबंधक विद्यासागर द्विवेदी ने बताया कि आजीविका मिशन की महिलाओं ने इस काम को एक चुनौती के रूप में लिया। विकास खंड बिरधा की जमुना देवी सबसे अधिक लगभग 600 बिल संकलन कर करीब बीस हजार रुपये से अधिक कमाई कर लेती हैं। उनके इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते माह तुवन मंदिर ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया था। विद्युत सखी ज्योति कुशवाहा, क्रांति, संगीता, मिथलेश, कमलेश एवं विकास खंड महरौनी से मीरा, लक्ष्मी, भारती जैसी कई महिलाओं ने घर-घर जाकर एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस स्कीम) में ही करीब एक करोड़ रुपये तक के बिजली बिल का संकलन किया। इससे समूह की महिलाओं को आजीविका संवर्धन के अवसर मिलेंगे।
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फोटो- 06
कैप्सन-जमुना देवी।
बिरधा और नाराहट क्षेत्र में विद्युत सखी के रूप में विद्युत संकलन का काम करके लगभग छह सौ बिलों का संकलन हो जाता है। इससे हर माह लगभग बीस हजार रुपये तक कमाई हो जाती है। तुवन मंदिर प्रांगण में मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर काफी उत्साहित हूं।-जमुना देवी, विद्युत सखी।
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फोटो- 08
कैपसन-विमला देवी।
समूह से जुड़ने के बाद विद्युत बनकर अब हर माह तीन सौ से चार सौ बिजली बिलों का संकलन हो जाता है। इससे 12 हजार से अधिक कमाई हो जाती है। बिल संकलन की संख्या बढ़ने पर आमदनी बढ़ जाती है।-- विमला देवी, विद्युत सखी।
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फोटो-09
कैप्सन-क्रांति देवी।
विद्युत सखी के रूप में कई वर्ष से काम कर रही हूं। बिजली बिलाें के संकलन करने से हर माह लगभग 12 से पंद्रह हजार रुपये तक का लाभ होता है। इसमें सम्मान भी है और खुद की मेहनत का काम है।-क्रांति देवी, विद्युत सखी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली मीटर रीडिंग व बिल संकलन के लिए विभाग के पास न तो पर्याप्त संसाधन थे न कर्मचारी। ऐसे में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने विद्युत सखी बनकर बिजली बिल संकलन का कार्य कर अपने रोजगार का जरिया बना लिया। वे अब तक एक करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिलों का संकलन कर चुकी हैं।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम एवं उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने मिलकर नवाचार किया है। जिला मिशन प्रबंधक विद्यासागर द्विवेदी ने बताया कि आजीविका मिशन की महिलाओं ने इस काम को एक चुनौती के रूप में लिया। विकास खंड बिरधा की जमुना देवी सबसे अधिक लगभग 600 बिल संकलन कर करीब बीस हजार रुपये से अधिक कमाई कर लेती हैं। उनके इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते माह तुवन मंदिर ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया था। विद्युत सखी ज्योति कुशवाहा, क्रांति, संगीता, मिथलेश, कमलेश एवं विकास खंड महरौनी से मीरा, लक्ष्मी, भारती जैसी कई महिलाओं ने घर-घर जाकर एक मुश्त समाधान योजना (ओटीएस स्कीम) में ही करीब एक करोड़ रुपये तक के बिजली बिल का संकलन किया। इससे समूह की महिलाओं को आजीविका संवर्धन के अवसर मिलेंगे।
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फोटो- 06
कैप्सन-जमुना देवी।
बिरधा और नाराहट क्षेत्र में विद्युत सखी के रूप में विद्युत संकलन का काम करके लगभग छह सौ बिलों का संकलन हो जाता है। इससे हर माह लगभग बीस हजार रुपये तक कमाई हो जाती है। तुवन मंदिर प्रांगण में मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर काफी उत्साहित हूं।-जमुना देवी, विद्युत सखी।
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फोटो- 08
कैपसन-विमला देवी।
समूह से जुड़ने के बाद विद्युत बनकर अब हर माह तीन सौ से चार सौ बिजली बिलों का संकलन हो जाता है। इससे 12 हजार से अधिक कमाई हो जाती है। बिल संकलन की संख्या बढ़ने पर आमदनी बढ़ जाती है।
फोटो-09
कैप्सन-क्रांति देवी।
विद्युत सखी के रूप में कई वर्ष से काम कर रही हूं। बिजली बिलाें के संकलन करने से हर माह लगभग 12 से पंद्रह हजार रुपये तक का लाभ होता है। इसमें सम्मान भी है और खुद की मेहनत का काम है।-क्रांति देवी, विद्युत सखी।