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जीवन में सुसंस्कार हो: विराग सागर

अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 18 May 2017 01:14 AM IST
virag sagar
virag sagar - फोटो : demo
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गणाचार्य विराग सागर जी ने कहा कि मात्र संस्कार ही पर्याप्त नहीं है, हमारे जीवन में सुसंस्कार होना चाहिए। माता-पिता बच्चों को जन्म दें, तो उसे सुसंस्कार भी दें। वह जैन तीर्थ स्थल करगुवां जी मंदिर में चल रहे युग प्रतिक्रमण-यति सम्मेलन महा महोत्सव में धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे।
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दिव्य देशना देते हुए गणाचार्य विराग सागर ने कहा कि किसी मां को शत्रु अथवा पिता को बैरी कह दिया जाए, तो कांटों की तरह चुभता है। किंतु यह सत्य है कि बच्चों के  लिए थोड़ी सी सुख सुविधाएं चाहने वाली मां अपने ही बेटे की शत्रु बन जाती है। बेटा कहे मां मैं मंदिर नहीं जाऊंगा, अमूक जगह जाना है। मां कह दे, अच्छा बेटा चला जा घूम ले, तो सोचिए ऐसी मां शत्रु ही कहलाएगी। क्योंकि उसने अपने बेटे को संस्कारों से विहीन बना दिया। उन्होंने कहा कि संस्कार विहीन व्यक्ति जीते-जागते भी शव की तरह है और सुसंस्कारवान व्यक्ति मरकर भी अमर हो जाता है। सुसंस्कारों का उद्गम किसी स्कूल, पाठशाला या फैक्ट्री से नहीं, देव शास्त्र एवं गुरु के चरणों में होता है। प्रत्येक माता-पिता अपने बच्चोें को अच्छे संस्कार दें, ताकि भविष्य में वह बच्चे आपको सुख प्रदान करें। उन्होंने कहा कि आज के बच्चे भगवान के नाम नहीं, फिल्मी कलाकारों अथवा खिलाड़ियों के नाम जानते हैं। जो लोग आज बच्चों को देवदर्शन की आदत डालेंगे, उनके बच्चे कल उन्हें श्रवण कुमार बनकर तीर्थ क्षेत्रों के दर्शन कराएंगे। जो देव दर्शन की आदत नहीं डालेंगे, उनके बच्चे उन्हें देवदर्शन की जगह दूरदर्शन देखने पर मजबूर कर देंगे।
गणाचार्य ने कहा कि साधू का सबसे बड़ा आहार साधू का नियम है। जो सुपात्र होता है, जैन साधू उसी से आहार लेते हैं। अपात्र से आहार लेने पर साधू को प्रायश्चित करना पड़ता है। यज्ञोपवीत का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जो श्रावक गले में यज्ञोपवीत धारण करते हैं, वह कभी मांस मंदिरा का सेवन नहीं करते हैं। रात में भोजन नहीं करते हैं।


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आचार्य विशुद्ध सागर का मंगल प्रवेश
यति सम्मेलन महा महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए आचार्य विशुद्ध सागर महाराज का बुधवार को नगर में मंगल प्रवेश हुआ। आचार्य श्री 21 साधूओं के साथ राजगढ़ से पद विहार कर आए। नगर आगमन पर उनका जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पाद प्रक्षालन किया और आरती की। न्यू बस स्टैंड व्यापार मंडल, पुराना व्यापार मंडल, गोविंद चौराहा व्यापार मंडल, न्यू रोड व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में अशोक जैन के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारियों ने पुष्प वर्षा कर आचार्य श्री की भव्य आगवानी की। वह ससंघ गांधी रोड स्थित बड़ा मंदिर में पहुंचे। इस अवसर पर आनंद अग्रवाल, संजय अग्रवाल, राधे लाल जैसवानी, अशोक यादव, आरती जैन, निर्मला जैन, ओमप्रकाश अग्रवाल आदि मौजूद रहे।  

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पहला पुरस्कार रजत कलश को
महा महोत्सव में विराग वर्धनोत्सव प्रतियोगिता के परिणाम श्रमणी आर्यिका विबोध श्री माता जी ने घोषित किए। इसमें पहला पुरस्कार रजत कलश को, दूसरा पुरस्कार रत्नमयी पूज्य गुरुदेव के चरण और तीसरा स्थान पर रजत पत्र पर पूज्य गुरुदेव की फोटो रही।

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इंद्र-इंद्राणियों ने की पूजा
महा महोत्सव में आयोजित 24 समवशरण विधान के  पूजन में सभी इंद्र-इंद्राणियों ने पूजा की। चक्रवर्ती राजीव जैन सिर्स, धनपति कुबेर सुनील मोदी, अभिनंदन जैन, इंद्र-इंद्राणी में सुभाष जैन, अशोक जैन, विनोद जैन ठेकेदार ने चित्र अनावरण किया। शाम को बडे़ बाबा की भक्ति मय आरती हुई। रात में शास्त्र सभा के बाद महाराष्ट्र के कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। संचालन महामंत्री प्रवीण जैन ने किया।
गहोई वैश्य पंचायत ने लिया आशीर्वाद
गहोई वैश्य पंचायत के अध्यक्ष प्रकाश गुप्ता नौगरइया के नेतृत्व में पंचायत सदस्यों व पदाधिकारियों ने करगुवां जी में गणाचार्य के चरणों में श्रीफल भेंट कर उनसे आशीर्वाद लिया। इनमें पंच आनंद सेठ, जेपी गुप्ता, देवेंद्र नगरिया, हरीओम सेठ का महा महोत्सव समिति की ओर से शैलेंद्र जैन, निलय जैन, प्रवीण कुमार जैन ने माला और पगड़ी पहनाकर अभिनंदन किया।

यह भी रहे मौजूद
दिगंबर जैन पंचायत अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जैन, कमल जैन, संजय जैन, महामहोत्सव समिति अध्यक्ष प्रदीप जैन आदित्य, मुकेश जैन, ऋषभ जैन, मनीष जैन, राजेश जैन, इम्तियाज हुसैन, अनिल अग्रवाल, जयंत मणि जैन, ललित जैन, राजेंद्र सिंह यादव आदि मौजूद रहे।

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महामहोत्सव में आज
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सुबह 5:15 बजे: जाप्यानुष्ठान।
सुबह 6:15 बजे: अभिषेक नित्यार्चन।
सुबह 8 बजे: पाद प्रक्षालन, पूजन, गणाचार्य विराग सागर महाराज एवं संघ की दिव्य देशना।
दोपहर 1 बजे: समवसरण महाअर्चना।
दोपहर 3:30 बजे: गणाचार्य विराग सागर एवं संघ की मंगल दिव्य देशना।
रात 7 बजे: भक्ति मय महा आरती।
रात 8 बजे: शास्त्र सभा।
रात 8:30 बजे: राजेंद्र जी एंड पार्टी उमरगा के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम।

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