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समाधान दिवस में आई सिर्फ एक शिकायत
lalitpur
Updated Wed, 11 May 2016 02:26 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। नगर पालिका में आयोजित नगरीय सुविधा समाधान दिवस में जागरूकता का अभाव देखने को मिला। इस दौरान केवल एक ही शिकायती पत्र प्राप्त हुआ। साथ ही नगर पालिका के अलावा अन्य विभाग का कोई अधिकारी अथवा प्रतिनिधि मौजूद नहीं रहा।
नागरिकों की सुविधा के लिए शासन के निर्देश पर पिछले दो वर्षों से प्रदेश भर के नगर निकायों में प्रत्येक माह के द्वितीय सोमवार को नगरीय सुविधा समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है। मई माह के द्वितीय सोमवार को अवकाश होने के कारण समाधान दिवस का आयोजन मंगलवार को प्रभारी अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार अरुण की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस समाधान दिवस में मात्र एक ही शिकायती पत्र प्राप्त हुआ। सिविल लाइन निवासी शत्रुघ्न यादव ने मुहल्ले में तीन खंभों पर सीएफएल लाइट लगवाने की मांग की है। इस दौरान कर अधीक्षक हेमंत सिंह, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक दिनेश चंद्र बरौनिया, योजना प्रभारी चंद्र विनोद मिश्रा, अभिषेक कुमार चौबे, दीपेंद्र कुमार, रमाकांत तिवारी, विनीत वाल्मीकि आदि उपस्थित रहे।
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मुख्य सचिव के आदेशों को दिखा रहे ठेंगा
नागरिकों को दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, सड़क, नाली, सफाई, बिजली या अन्य सुविधाओं के लिए नागरिकों को विभागों के चक्कर नहीं लगाना पड़ें व समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण हो सके, इसके लिए मुख्य सचिव आलोक रंजन ने वर्ष 2014 में शासनादेश जारी कर समस्या से संबंधित विभागों के अधिकारियों व प्रतिनिधियों की मौजूदगी में माह के द्वितीय सोमवार को नगर निकायों में नगरीय सुविधा समाधान दिवस आयोजित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन, नगर पालिका को छोड़कर अन्य विभागों जैसे जल संस्थान, जल निगम, विद्युत विभाग, कोतवाली पुलिस, तहसील राजस्व आदि विभागों के अधिकारियों द्वारा मुख्य सचिव के आदेशों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। समाधान दिवस को आयोजित होते हुए डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत गया है, अब तक केवल दो-तीन बार ही उक्त विभागों के अधिकारी उपस्थित हुए हैं। समाधान दिवस के निरीक्षण की जिम्मेदारी जनपद व मंडल स्तरीय उच्च अधिकारियों को दी गई है, लेकिन इन उच्चाधिकारियों द्वारा भी कोई निरीक्षण नहीं किया जाता है। इसी का नतीजा है कि मंगलवार को नगर पालिका में आयोजित नगरीय सुविधा समाधान दिवस में नगर पालिका के अलावा अन्य विभाग का एक भी अधिकारी अथवा प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ।
जागरूक नहीं हैं नागरिक
नागरिकों को होने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए नगरीय सुविधा समाधान दिवस की शुरुआत की गई है, लेकिन स्थानीय नागरिक इसके प्रति जागरूक नहीं हैं। इसी का नतीजा है कि इस बार के समाधान दिवस में केवल एक ही शिकायती पत्र प्राप्त हुआ। नागरिकों को जागरूक करने के लिए नगर पालिका द्वारा कोई भी जागरूकता अभियान नहीं चलाया जाता है। नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च करके शहर के मुख्य मार्ग पर रेलवे स्टेशन से सावरकर चौक तक लाउड स्पीकर लगवाए हैं। लेकिन, विभाग द्वारा इन स्पीकरों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। ऐसे में यह सड़क किनारे लगे खंभों की शोभा बढ़ाने का काम कर रह हैं। समाधान दिवस में प्रति लोगों को जागरूक नहीं होने का एक मुख्य कारण यह भी है कि समाधान दिवस का नियमित रुप से संचालित नहीं किया जाता है।
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नागरिकों की सुविधा के लिए शासन के निर्देश पर पिछले दो वर्षों से प्रदेश भर के नगर निकायों में प्रत्येक माह के द्वितीय सोमवार को नगरीय सुविधा समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है। मई माह के द्वितीय सोमवार को अवकाश होने के कारण समाधान दिवस का आयोजन मंगलवार को प्रभारी अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार अरुण की अध्यक्षता में आयोजित किया गया।
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सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस समाधान दिवस में मात्र एक ही शिकायती पत्र प्राप्त हुआ। सिविल लाइन निवासी शत्रुघ्न यादव ने मुहल्ले में तीन खंभों पर सीएफएल लाइट लगवाने की मांग की है। इस दौरान कर अधीक्षक हेमंत सिंह, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक दिनेश चंद्र बरौनिया, योजना प्रभारी चंद्र विनोद मिश्रा, अभिषेक कुमार चौबे, दीपेंद्र कुमार, रमाकांत तिवारी, विनीत वाल्मीकि आदि उपस्थित रहे।
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मुख्य सचिव के आदेशों को दिखा रहे ठेंगा
नागरिकों को दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, सड़क, नाली, सफाई, बिजली या अन्य सुविधाओं के लिए नागरिकों को विभागों के चक्कर नहीं लगाना पड़ें व समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण हो सके, इसके लिए मुख्य सचिव आलोक रंजन ने वर्ष 2014 में शासनादेश जारी कर समस्या से संबंधित विभागों के अधिकारियों व प्रतिनिधियों की मौजूदगी में माह के द्वितीय सोमवार को नगर निकायों में नगरीय सुविधा समाधान दिवस आयोजित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन, नगर पालिका को छोड़कर अन्य विभागों जैसे जल संस्थान, जल निगम, विद्युत विभाग, कोतवाली पुलिस, तहसील राजस्व आदि विभागों के अधिकारियों द्वारा मुख्य सचिव के आदेशों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। समाधान दिवस को आयोजित होते हुए डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत गया है, अब तक केवल दो-तीन बार ही उक्त विभागों के अधिकारी उपस्थित हुए हैं। समाधान दिवस के निरीक्षण की जिम्मेदारी जनपद व मंडल स्तरीय उच्च अधिकारियों को दी गई है, लेकिन इन उच्चाधिकारियों द्वारा भी कोई निरीक्षण नहीं किया जाता है। इसी का नतीजा है कि मंगलवार को नगर पालिका में आयोजित नगरीय सुविधा समाधान दिवस में नगर पालिका के अलावा अन्य विभाग का एक भी अधिकारी अथवा प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ।
जागरूक नहीं हैं नागरिक
नागरिकों को होने वाली समस्याओं के निस्तारण के लिए नगरीय सुविधा समाधान दिवस की शुरुआत की गई है, लेकिन स्थानीय नागरिक इसके प्रति जागरूक नहीं हैं। इसी का नतीजा है कि इस बार के समाधान दिवस में केवल एक ही शिकायती पत्र प्राप्त हुआ। नागरिकों को जागरूक करने के लिए नगर पालिका द्वारा कोई भी जागरूकता अभियान नहीं चलाया जाता है। नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च करके शहर के मुख्य मार्ग पर रेलवे स्टेशन से सावरकर चौक तक लाउड स्पीकर लगवाए हैं। लेकिन, विभाग द्वारा इन स्पीकरों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। ऐसे में यह सड़क किनारे लगे खंभों की शोभा बढ़ाने का काम कर रह हैं। समाधान दिवस में प्रति लोगों को जागरूक नहीं होने का एक मुख्य कारण यह भी है कि समाधान दिवस का नियमित रुप से संचालित नहीं किया जाता है।