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Lalitpur News: रॉक फॉस्फेट की खदानों को पर्यावरण विभाग की नहीं मिली मंजूरी

Mon, 16 Jun 2025 12:10 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jun 2025 12:10 AM IST
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Rock phosphate mines did not get approval from the environment department
221 हेक्टेयर क्षेत्र में है 16 लाख मिलियन टन का भंडारण
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद की मड़ावरा तहसील में रॉक फॉस्फेट की खदानों का संचालन होना है। खनिज विभाग ने इसके पांच ब्लॉक नीलाम कर दिए हैं। अब कंपनी दोहन कार्य के लिए पर्यावरण विभाग की मंजूरी लेने में जुटी हुई है। एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी पर्यावरण विभाग की मंजूरी न मिलने के कारण दोहन कार्य नहीं हो पा रहा है।
तहसील मड़ावरा के गांव सौंरई में रॉक फॉस्फेट का भंडार भूगर्भ वैज्ञानिकों को वर्ष 2021 में मिला था। यहां 221 हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 16 लाख मिलियन टन रॉक फॉस्फेट है। इस क्षेत्र में भूतत्व खनिकर्म विभाग ने पांच खंड तैयार किए थे, जिसमें चार खंडों की नीलामी हो चुकी है। पहला खंड पिसनारी, गोराकलां का आरएचएसएम कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड, दूसरा खंड पिसनारी टोरी लीला कृष्णा इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, तीसरा खंड एचएसएम होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड और चौथा खंड सागर स्टोन इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित हुआ है।
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हाल ही में पांचवें खंड की निविदा प्रक्रिया की गई थी, जिसे भी पूरा कर लिया गया है। इस खंड के अनुबंध की प्रक्रिया शासन स्तर पर चल रही है। यह खंड धौरी सागर व बड़वार के मध्य है। पहले, दूसरे व तीसरे खंड में दोहन के लिए पर्यावरण विभाग की मंजूरी का इंतजार है। करीब एक वर्ष से प्रक्रिया चल रही है, लेकिन विभागीय अनुमति नहीं मिल पाई है। इन खदानों के संचालन से क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा।
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उर्वरक निर्माण के लिए उपयुक्त है यह खनिज

जिले में उपलब्ध रॉक फास्फेट का भंडार उर्वरक निर्माण के लिए उपयुक्त है। जैविक खाद बनाने के लिए गोबर तथा रॉक फॉस्फेट को प्रयोग में लाया जाता है। इसकी मदद से रासायनिक क्रिया करके सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) तथा डाई अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) रासायनिक उर्वरक तैयार किए जाते हैं। खनिज फास्फेट का सर्वाधिक प्रयोग फास्फेट उर्वरकों के निर्माण में होता है।


वर्जन
रॉक फास्फेट खदानों के संचालन के लिए पर्यावरण विभाग की मंजूरी के लिए भारत सरकार में पत्रावली चल रही है। अनुमति के बाद इन खदानों का संचालन कर दिया जाएगा।
-अमितोष वर्मा, जिला खनन अधिकारी।
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