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Lalitpur News: रेलवे और सिंचाई विभाग ने मनरेगा से नहीं कराया ढेलाभर का काम

Tue, 10 Dec 2024 12:16 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Dec 2024 12:16 AM IST
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Railways and Irrigation Department did not get a whole lot of work done through MNREGA
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। मजदूरों को गांव में ही रोजगार मुहैया कराने के लिए शुरू की गई मनरेगा में रेलवे और सिंचाई विभाग ने 18 साल में जरा भी दिलचस्पी नहीं दिखाई। इन विभागों ने एक भी मनरेगा मजदूर को काम नहीं दिया, जबकि शासन द्वारा इन्हें हर साल लक्ष्य दिया जाता है।
वर्ष 2006 में मनरेगा योजना शुरू की गई थी। इसके तहत ग्राम पंचायत स्तर पर जॉब कार्डधारक मजदूरों से कच्चे काम कराए जाते हैं। शासन ने 237 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मजदूरी निर्धारित की है। जनपद में 1,83,530 जॉबकार्ड हैं, जिसमें 1,38,843 सक्रिय हैं। इनमें 2,97,402 श्रमिक हैं और 2,12,735 सक्रिय हैं।
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मनरेगा मजदूरों से ग्राम पंचायतों और सरकारी विभागों की योजनाओं में काम कराया जाता है। लेकिन, रेलवे और सिंचाई विभाग ने अब तक मनरेगा मजदूरों से कोई भी काम नहीं कराया। यह स्थिति तब है जब रेलवे ने ललितपुर-टीकमगढ़ रेल लाइन तथा तीसरी लाइन का निर्माण कराने के अलावा ट्रैक के आसपास झाड़ियों की साफ-सफाई में बड़ी संख्या में मजदूरों को लगाया।
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सिंचाई विभाग ने भी नहरों की सिल्ट सफाई, बांधों में गंदगी की सफाई सहित बांध, तालाब पर अन्य काम कराए। लेकिन, इन विभागों ने मनरेगा मजदूरों से काम कराने के बजाय ठेकेदारों से काम कराया। वर्तमान में भी इन विभागों द्वारा कई काम कराए जा रहे हैं, लेकिन मनरेगा मजदूरों को दूर रखा गया है।
मनरेगा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए शासन की ओर से हाल में लक्ष्य भेजा गया था। रेलवे को 9.48 लाख तथा सिंचाई विभाग को 3.51 करोड़ रुपये कन्वर्जेंस का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन दोनों विभागों ने अब तक कोई कार्ययोजना नहीं दी। वहीं, अन्य विभागों ने अपनी कार्ययोजना भेजनी शुरू कर दी है।

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सरकारी विभागों को मनरेगा से निर्धारित लक्ष्य
विभाग का नाम - निर्धारित लक्ष्य
वन विभाग - 1.42 करोड़
भूमि संरक्षण विभाग - 4.74 करोड़
पर्यटन विभाग - 18.96 लाख
लघु सिंचाई विभाग - 94.81 लाख
जिला युवा कल्याण विभाग - 47.41 लाख
जिला कार्यक्रम अधिकारी - 2.84 करोड़
लोक निर्माण विभाग - 1.89 करोड़
सिंचाई विभाग - 3.51 करोड़
अटल भूजल - 9.48 करोड़
बेसिक शिक्षा विभाग - 47.41 लाख
पशु पालन विभाग - 23.70 लाख
रेलवे विभाग - 9.48 लाख
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सिंचाई विभाग कई कच्चे काम करा सकता है। लेकिन, वह मनरेगा से काम नहीं कराते। रेलवे का भी यही हाल है, जबकि इन विभागों से मनरेगा कन्वर्जेंस के लिए कार्ययोजना मांगी गई थी।
केके पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
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