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पुष्पेंद्र हत्याकांड व अनसुनझे मामले बनेंगे नए एसपी के लिए बनेंगे चुनौती
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ललितपुर। एक वर्ष पहले गोविंद सागर बांध में हाथ पैर व मुंह बांधकर पुष्पेंद्र पटेल की हत्या कर दी लगई थी, इसका खुलासा अब भी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। दो पुलिस अधीक्षकों के कार्यकाल के दौरान गठित की गई एसओजी और कोतवाली पुलिस की टीमें अब भी हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी हैं। उक्त घटना के समय से अब तीसरे पुलिस अधीक्षक के रूप में निखिल पाठक ने भी जिले की कमान संभाल ली है। वहीं कुछ अन्य मामले जिनमें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद भी मामला तक दर्ज नहीं किया जा सका।
एक वर्ष पहले16 नंबवर को तीन दिन से लापता नौवीं के छात्र कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सतरवांस निवासी पुष्पेंद्र पटेल (16) पुत्र दयाराम पटेल का शव गोविंद सागर बांध में पड़ा मिला था, जिसके दोनों हाथ व दोनों पैर मेडिकल टेप से बंधे हुए थे, जबकि उसका मुंह रुमाल से बंधा था। इस हत्याकांड के खुलासे के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने एसओजी समेत अन्य टीमों का गठन किया था और खुद मौके पर जाकर घटना स्थल का निरीक्षण भी किया था। इसके बाद पुलिस टीमें लगातार जांच में जुटी रहीं और मृृतक के पिता को ले जाकर कई बार घटना स्थल से साक्ष्य भी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। चार दिसंबर 2020 को प्रमोद कुमार जिले के नए कप्तान बने और उन्होंने भी पुष्पेंद्र हत्याकांड के खुलासे के लिए टीमों को निर्देश दिए, लेकिन उनके कार्यकाल में भी इस अंधे हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका। अब निखिल पाठक ने कार्यभार संभाला है और उन्होंने भी हत्याकांड के खुलासे का भरोसा दिया है।
इधर,17 जून को थाना बार के ग्राम भावनी में निवासी पुष्पेंद्र विश्वकर्मा (24) पुत्र घनश्याम का शव सुबह घर के बाहर रक्त रंजित अवस्था में पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन पर धारदार हथियार से गर्दन की हड्डी कटने से मौत होना पाया गया था। परिजन हत्या का मुकदमा दर्ज कराने को भटकते रहे, लेकिन कोई कार्रवाई तक नहीं हो सकी थी। उधर, थाना जखौरा के ग्राम ग्राम मिनौरा का सामने आया था। इसमें ग्राम मिनौरा निवासी काशीबाई (55) पत्नी पर्वत कुशवाहा का शव चार माह पहले तीन अप्रैल को गांव के बाहर खेत पर बने कमरे में सिर कुचला हुआ मिला था। इसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी वृद्घा के सिर में गंभीर प्रहार से हड्डी टूटने से मौत होना आया था। इस मामले में भी अब तक मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। इन मामलों में नवागंतुक पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक ने बताया कि उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि वह हर प्रकार के अपराधों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष कार्रवाई कराएंगे और पुष्पेंद्र हत्याकांड पर भी गंभीरता से लेते हुए खुलासे का पूरा प्रयास करेंगे। उनकी नीति डीजीपी के आदेशों के तहत जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करने की है।
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एक वर्ष पहले16 नंबवर को तीन दिन से लापता नौवीं के छात्र कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सतरवांस निवासी पुष्पेंद्र पटेल (16) पुत्र दयाराम पटेल का शव गोविंद सागर बांध में पड़ा मिला था, जिसके दोनों हाथ व दोनों पैर मेडिकल टेप से बंधे हुए थे, जबकि उसका मुंह रुमाल से बंधा था। इस हत्याकांड के खुलासे के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने एसओजी समेत अन्य टीमों का गठन किया था और खुद मौके पर जाकर घटना स्थल का निरीक्षण भी किया था। इसके बाद पुलिस टीमें लगातार जांच में जुटी रहीं और मृृतक के पिता को ले जाकर कई बार घटना स्थल से साक्ष्य भी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल सका। चार दिसंबर 2020 को प्रमोद कुमार जिले के नए कप्तान बने और उन्होंने भी पुष्पेंद्र हत्याकांड के खुलासे के लिए टीमों को निर्देश दिए, लेकिन उनके कार्यकाल में भी इस अंधे हत्याकांड का खुलासा नहीं हो सका। अब निखिल पाठक ने कार्यभार संभाला है और उन्होंने भी हत्याकांड के खुलासे का भरोसा दिया है।
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इधर,17 जून को थाना बार के ग्राम भावनी में निवासी पुष्पेंद्र विश्वकर्मा (24) पुत्र घनश्याम का शव सुबह घर के बाहर रक्त रंजित अवस्था में पड़ा मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन पर धारदार हथियार से गर्दन की हड्डी कटने से मौत होना पाया गया था। परिजन हत्या का मुकदमा दर्ज कराने को भटकते रहे, लेकिन कोई कार्रवाई तक नहीं हो सकी थी। उधर, थाना जखौरा के ग्राम ग्राम मिनौरा का सामने आया था। इसमें ग्राम मिनौरा निवासी काशीबाई (55) पत्नी पर्वत कुशवाहा का शव चार माह पहले तीन अप्रैल को गांव के बाहर खेत पर बने कमरे में सिर कुचला हुआ मिला था। इसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी वृद्घा के सिर में गंभीर प्रहार से हड्डी टूटने से मौत होना आया था। इस मामले में भी अब तक मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है। इन मामलों में नवागंतुक पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक ने बताया कि उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि वह हर प्रकार के अपराधों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष कार्रवाई कराएंगे और पुष्पेंद्र हत्याकांड पर भी गंभीरता से लेते हुए खुलासे का पूरा प्रयास करेंगे। उनकी नीति डीजीपी के आदेशों के तहत जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करने की है।
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