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हर घंटे मिल रहे पनकी से बिजली रोस्टिंग के आदेश
lalitpur
Updated Mon, 29 Aug 2016 01:11 AM IST
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इलैक्ट्रीसिटी
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। बुुंदेलखंड में पनकी कंट्रोल द्वारा हर माह बिजली कटौती का रोस्टर अब निर्धारित नहीं रह गया है। दिन में कई बार पनकी कंट्रोल से बिजली रोस्टर के नए आदेश दिए जा रहे हैं। बुंदेलखंड में हो रही अंधाधुंध कटौती के बाद भी डिमांड कम होने के चलते एक माह पूर्व बजाज पावर प्लांट से विद्युत उत्पादन बंद करा दिया गया है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बार-बार बदल रहे बिजली कटौती के रोस्टर और घंटों की बिजली कटौती से परेशान होना पड़ रहा है।
पूरे बुंदेलखंड में पनकी कंट्रोल द्वारा हर माह बिजली कटौती का रोस्टर लागू किया जाता है। इसके चलते गत माह की पहली तारीख से जनपद में चार घंटे की बिजली कटौती का रोस्टर लागू किया गया था, इसके तहत दोपहर दो बजे शाम चार बजे तक और रात्रि में आठ बजे से रात दस बजे तक बिजली कटौती निर्धारित समय पर नियत की गई है। लेकिन पनकी कंट्रोल द्वारा बुंदेलखंड में बिजली की कमी का हवाला देकर हर दिन अलग-अलग समय पर या फिर कई बार नियत कटौती होने के बाद भी दो से तीन घंटे की अतिरिक्त बिजली कटौती कर दी जा रही है। बुंदेेलखंड में बिजली कटौती के आदेश हर दिन पनकी कंट्रोल द्वारा बदलकर जारी किए जा रहे हैं। इसके चलते उपभोक्ताओं को भारी परेशानी हो रही है। कई बार तो निर्धारित कटौती होने के बाद भी रोंड़ा हाइडिल से इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर दो से तीन घंटे की बिजली कटौती हो जाती है। इसके अलावा विभिन्न सब स्टेशनों पर स्थापित अलग-अलग फीडरों के तहत होने वाले फाल्ट के चलते भी घंटों बिजली कटौती हो रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को हर दिन मुश्किल से 12 से 15 घंटे की बिजली नहीं मिल पा रही है, जबकि प्रदेश शासन द्वारा बुंदेलखंड को पूर्व में ही 20 से 22 घंटे बिजली देने का वादा किया गया था।
इसके बाद भी बुंदेलखंडवासियों को अंधाधुंध बिजली कटौती झेलने पड़ रही है। रविवार को पनकी कंट्रोल के आदेश पर सुबह 11.50 बजे बिना किसी पूर्व सूचना के रोस्टिंग कर दी गई, जबकि दोपहर में दो बजे से चार बजे तक की कटौती का समय निर्धारित है। इसके साथ ही एसएलडीसी (स्टेट लोड डिस्प्लेट सेंटर) लखनऊ के आदेेेेश पर प्रदेश में डिमांड कम होने के चलते करीब एक माह से जनपद में स्थित बजाज पावर प्लांट से विद्युत उत्पादन बंद चल रहा है। जबकि बुंदेलखंड में हो रही अंधाधुंध बिजली कटौती होना साफ दर्शाती है कि प्रदेश में बिजली डिमांड कम नहीं बल्कि बिजली की कमी चल रही है। इसके बाद भी बजाज प्लांट से एक माह से विद्युत उत्पादन बंद चल रहा है।
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पूरे बुंदेलखंड में पनकी कंट्रोल द्वारा हर माह बिजली कटौती का रोस्टर लागू किया जाता है। इसके चलते गत माह की पहली तारीख से जनपद में चार घंटे की बिजली कटौती का रोस्टर लागू किया गया था, इसके तहत दोपहर दो बजे शाम चार बजे तक और रात्रि में आठ बजे से रात दस बजे तक बिजली कटौती निर्धारित समय पर नियत की गई है। लेकिन पनकी कंट्रोल द्वारा बुंदेलखंड में बिजली की कमी का हवाला देकर हर दिन अलग-अलग समय पर या फिर कई बार नियत कटौती होने के बाद भी दो से तीन घंटे की अतिरिक्त बिजली कटौती कर दी जा रही है। बुंदेेलखंड में बिजली कटौती के आदेश हर दिन पनकी कंट्रोल द्वारा बदलकर जारी किए जा रहे हैं। इसके चलते उपभोक्ताओं को भारी परेशानी हो रही है। कई बार तो निर्धारित कटौती होने के बाद भी रोंड़ा हाइडिल से इमरजेंसी रोस्टिंग के नाम पर दो से तीन घंटे की बिजली कटौती हो जाती है। इसके अलावा विभिन्न सब स्टेशनों पर स्थापित अलग-अलग फीडरों के तहत होने वाले फाल्ट के चलते भी घंटों बिजली कटौती हो रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को हर दिन मुश्किल से 12 से 15 घंटे की बिजली नहीं मिल पा रही है, जबकि प्रदेश शासन द्वारा बुंदेलखंड को पूर्व में ही 20 से 22 घंटे बिजली देने का वादा किया गया था।
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इसके बाद भी बुंदेलखंडवासियों को अंधाधुंध बिजली कटौती झेलने पड़ रही है। रविवार को पनकी कंट्रोल के आदेश पर सुबह 11.50 बजे बिना किसी पूर्व सूचना के रोस्टिंग कर दी गई, जबकि दोपहर में दो बजे से चार बजे तक की कटौती का समय निर्धारित है। इसके साथ ही एसएलडीसी (स्टेट लोड डिस्प्लेट सेंटर) लखनऊ के आदेेेेश पर प्रदेश में डिमांड कम होने के चलते करीब एक माह से जनपद में स्थित बजाज पावर प्लांट से विद्युत उत्पादन बंद चल रहा है। जबकि बुंदेलखंड में हो रही अंधाधुंध बिजली कटौती होना साफ दर्शाती है कि प्रदेश में बिजली डिमांड कम नहीं बल्कि बिजली की कमी चल रही है। इसके बाद भी बजाज प्लांट से एक माह से विद्युत उत्पादन बंद चल रहा है।
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