सरकारी विभागों पर विद्युत महकमा मेहरबान
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शहर में पुराने और नए संयोजनधारी 26 हजार से अधिक उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत का उपभोग किया जा रहा है। विद्युत विभाग पुराने व बहुत से नए उपभोक्ताओं को विद्युत खपत पर मीटर में रीडिंग के अनुसार विद्युत बिल मुहैया कराता है। शहर में अब भी बहुत से उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके घर पर पुराने काले मीटर लगे हैं व अधिक खपत पर कम विद्युत भार का संयोजन लेकर विद्युत का उपभोग कर रहे हैं। हालांकि, विभाग द्वारा ऐसे उपभोक्ताओं के पुराने काले मीटर बदलकर नए पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगा दिए गए और अब इन उपभोक्ताओं को रीडिंग के अनुसार ही बिल मुहैया कराए जा रहे हैं। उप्र नियामक आयोग के आदेश पर शहर में नए व पूर्ण इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाने का कार्य तेजी से चल रहा है। लेकिन, दुर्भाग्य की बात है कि यह नियम शायद आम उपभोक्ताओं के लिए ही बनाए गए हैं। क्योंकि, आम उपभोक्ताओं के घरों में काले पुराने मीटर हटाकर नए इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए जा रहे हैं। मीटर बदलने की यह रफ्तार शायद सरकारी विभागों व सरकारी आवासों की नहीं है। तमाम सरकारी विभाग व सरकारी आवास ऐसे हैं, जहां आज भी पुराने काले मीटर लगे हुए हैं और खपत के अनुसार उनका विद्युत भार भी नहीं बढ़ाया गया है।
सिविल लाइन स्टेशन रोड व पुलिस लाइन रोड स्थित लगभग एक दर्जन से अधिक सरकारी आवासों पर आज भी पुराने ढर्रे वाले काले मीटर लगे हुए हैं। ऐसा भी नहीं है कि यह काले मीटर आवासों में अंदर लगे हों, सरकारी आवासों के बाहर लगे यह काले मीटर विद्युत विभाग को मुंह चिढ़ा रहे हैं। इन सरकारी आवासों पर पुराने काले मीटर लगे होने की स्थिति में या तो उन अफसरों को एक या दो किलोवाट के संयोजन के हिसाब से या फिर खराब मीटर की श्रेणी में रखते हुए आईडीएफ का फिक्स यूनिट के हिसाब से विद्युत बिल का भुगतान कराया जा रहा है।
इस ओर न तो विद्युत अफसर ही ध्यान दे रहे हैं, न ही उप्र पावर कार्पोरेशन और न ही मुख्य सचिव ऊर्जा जो, लगभग हर माह विद्युत अधिकारियों को राजस्व वसूली व विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए वीडियो कांफ्रेंसिग करते हैं।