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बिजली कटौती से बिलबिलाए शहरवासी
ललितपुर ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2015 12:32 AM IST
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ललितपुर। शनिवार की सुबह कल्यान पुरा में 220 केवी सब स्टेशन के लिए हाईटेंशन लाइनों को बिछाए जाने के कारण छह फीडरों के अंतर्गत दर्जनों मुहल्ले, औद्योगिक क्षेत्र चंदेरा व सात दर्जन ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति दिन भर ठप रही। इससे लोग परेशान रहे।
रौंड़ा पावर हाउस स्थित 132 केवी हाइडिल से गल्ला मंडी 66 केवी पावर हाउस के माध्यम फीडर नंबर एक, तीन, नेहरू नगर, चंदेरा, राजघाट व देवगढ़ फीडरों को बिजली आपूर्ति की जाती है। इससे आधा शहर, आधा सैकड़ा औद्योगिक आस्थान के उपभोक्ताओं व 84 गांवों को बिजली आपूर्ति दी जाती है। रौंड़ा अथवा 66 केवी सब स्टेशन गल्ला मंडी में आए दिन फाल्ट होने, आयल सर्किट ब्रेकर (ओसीबी) मशीनें खराब होने, ट्रिपिंग सिस्टम खराब होने व अन्य कारणों के चलते आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित बनी रहती है। रोस्टिंग के अलावा बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण शहरवासियों को आठ से दस घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। यदि कोई बड़ा फाल्ट हो जाए तो इसकी कोई गारंटी नहीं कि बिजली कितने समय तक नहीं मिलेगी।
ऐसा एक या दो बार नहीं, बल्कि नियमित रूप से हो रहा है। इस वजह से जहां बिजली उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है, वहीं बैंक, सरकारी संस्थानों, औद्योगिक आस्थानों व अन्य संस्थानों को बिजली बाधित बने रहने के कारण रोजाना लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। शनिवार को सुबह आठ बजे से निर्धारित रोस्टर के अनुसार 11 बजे तक तीन घंटे की कटौती की गई। इसके बाद ग्राम कल्यानपुरा में बन रहे 220 केवी सब स्टेशन के लिए टावरों पर बिछाई जाने वाली 220 केवी लाइन के लिए शट डाउन ले लिया गया। इस कारण 11 घंटे तक की अघोषित बिजली कटौती से शहर वासियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। देर शाम तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी।
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गांवों में पसरा रहा अंधकार
ललितपुर। गल्ला मंडी स्थित 66 केवी के अंतर्गत देवगढ़ फीडर की बिजली आपूर्ति शुक्रवार की दोपहर तीन बजे से ओवरलोड के चलते ठप हो गई। इसके बाद देर रात पौने दो बजे ग्राम महेशपुरा तक आपूर्ति सुचारु हो सकी, जबकि इस फीडर के तहत अन्य 59 गाथंव की आपूर्ति दूसरे दिन शनिवार की सुबह सुचारु की जा सकी। जबकि, राजघाट फीडर की आपूर्ति भी शुक्रवार की दोपहर तीन बजे के बाद रात डेढ़ बजे सुचारु हो सकी।
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रौंड़ा पावर हाउस स्थित 132 केवी हाइडिल से गल्ला मंडी 66 केवी पावर हाउस के माध्यम फीडर नंबर एक, तीन, नेहरू नगर, चंदेरा, राजघाट व देवगढ़ फीडरों को बिजली आपूर्ति की जाती है। इससे आधा शहर, आधा सैकड़ा औद्योगिक आस्थान के उपभोक्ताओं व 84 गांवों को बिजली आपूर्ति दी जाती है। रौंड़ा अथवा 66 केवी सब स्टेशन गल्ला मंडी में आए दिन फाल्ट होने, आयल सर्किट ब्रेकर (ओसीबी) मशीनें खराब होने, ट्रिपिंग सिस्टम खराब होने व अन्य कारणों के चलते आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित बनी रहती है। रोस्टिंग के अलावा बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण शहरवासियों को आठ से दस घंटे ही बिजली आपूर्ति मिल पा रही है। यदि कोई बड़ा फाल्ट हो जाए तो इसकी कोई गारंटी नहीं कि बिजली कितने समय तक नहीं मिलेगी।
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ऐसा एक या दो बार नहीं, बल्कि नियमित रूप से हो रहा है। इस वजह से जहां बिजली उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है, वहीं बैंक, सरकारी संस्थानों, औद्योगिक आस्थानों व अन्य संस्थानों को बिजली बाधित बने रहने के कारण रोजाना लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। शनिवार को सुबह आठ बजे से निर्धारित रोस्टर के अनुसार 11 बजे तक तीन घंटे की कटौती की गई। इसके बाद ग्राम कल्यानपुरा में बन रहे 220 केवी सब स्टेशन के लिए टावरों पर बिछाई जाने वाली 220 केवी लाइन के लिए शट डाउन ले लिया गया। इस कारण 11 घंटे तक की अघोषित बिजली कटौती से शहर वासियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। देर शाम तक आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी।
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गांवों में पसरा रहा अंधकार
ललितपुर। गल्ला मंडी स्थित 66 केवी के अंतर्गत देवगढ़ फीडर की बिजली आपूर्ति शुक्रवार की दोपहर तीन बजे से ओवरलोड के चलते ठप हो गई। इसके बाद देर रात पौने दो बजे ग्राम महेशपुरा तक आपूर्ति सुचारु हो सकी, जबकि इस फीडर के तहत अन्य 59 गाथंव की आपूर्ति दूसरे दिन शनिवार की सुबह सुचारु की जा सकी। जबकि, राजघाट फीडर की आपूर्ति भी शुक्रवार की दोपहर तीन बजे के बाद रात डेढ़ बजे सुचारु हो सकी।