{"_id":"5d3468278ebc3e6cf2319f2c","slug":"power-cut-making-making-summers-to-hot-lalitpur-news-jhs144035886","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीषण गर्मी में बिजली नहीं दे रही साथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भीषण गर्मी में बिजली नहीं दे रही साथ
विज्ञापन
भीषण गर्मी में बिजली नहीं दे रही साथ
ललितपुर। कस्बा तालबेहट में बिजली की मांग बढ़ने से आपूर्ति बुरी तरह से लड़खड़ा गई है। दिन और रात दोनों ही समय में अंधाधुंध बिजली की कटौती हो रही है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। तालबेहट में 24 घंटे में केवल आठ से दस घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है।
बरसात थमने के बाद गर्मी वापस लौट आई है। सुबह नौ बजे से ही गर्मी का अहसास होने लगता है। इस दौरान लोग कूलर और पंखे की हवा लेने लगते हैं। लेकिन, बिजली कब चली जाए इसका पता नहीं चलता है। शासन द्वारा शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे बिजली आपूर्ति देने का रोस्टर जारी किया है, लेकिन विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही के चलते लोगों को रोस्टर से आधी बिजली भी नहीं मिल पा रही है।
कस्बा तालबेहट में आठ से दस घंटे तक बिजली की आपूर्ति हो रही है। इसमें भी यह स्थिति है कि आधा घंटे आने के बाद एक घंटे के लिए बिजली की कटौती हो जाती है। आलम यह है कि शाम होते ही कटौती की समय सीमा और बढ़ जाती है। लगभग आधा घंटे आने के बाद पूरी रात बिजली चकमा देती रहती है। सुबह लगभग छह बजे कुछ समय के लिए आती है, इसके बाद दिन भर लुका- छिपी का खेल खेलती रहती है। शाम को लोगों का जहां खाना खाने का समय होता है, उसी समय बिजली कटौती हो जाती है। ऐसे में अंधेरे में खाना खाने को मजबूर बने हुए है, ऐसे में कीड़ों का भी भय बना रहता है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं बीते दिनों हुई बरसात के कारण मच्छर बढ़ गए हैं, जिससे बिना कूलर या पंखे के सोना मुश्किल हो जाता है। लेकिन, बिजली नहीं आने से कस्बावासी पूरी रात जाग कर परेशान हो रहे हैं। सबसे अधिक पेरशानी छोटे बच्चों को हो रही है। लोगों को पेयजल आपर्ति व आटा चक्की, अन्य बिजली उपकरणों से होने वाले कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके बाबजूद भी जिम्मेदार अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
गर्मी से लोग हो रहे बीमार
वर्तमान में भीषण गर्मी व उमस पड़ रही है। ऐसे में लोगों को पंखा व कूलर जरूरी होते हैं। लेकिन, कस्बा में हो रही अंधाधुंध कटौती से बिजली साथ नहीं दे पा रही है। इससे गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लोग बीमार हो रहे हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी लगातार अनदेखा कर रहे हैं। गर्मी से लोग बीमार हो रहे हैं।
इमरजेंसी रोस्टिंग से बिजल आपूर्ति की परेशानी बढ़ रही है। बिजली आने पर एक साथ विद्युत उपकरण चलने से फाल्ट अधिक हो रहे हैं। अवर अभियंता व अन्य स्टाफ को समय से फाल्ट सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
- आकाश सचान, अधिशासी अभियंता
विद्युत वितरण खंड
विद्युत स्टेशन से किसी भी प्रकार की कोई कटौती नहीं की जा रही है। जो कटौती हो रही है, वह पनकी कंट्रोल के आदेश से हो रही है।
- विनय साहू, अवर अभियंता, विद्युत वितरण खंड, तालबेहट
विज्ञापन
ललितपुर। कस्बा तालबेहट में बिजली की मांग बढ़ने से आपूर्ति बुरी तरह से लड़खड़ा गई है। दिन और रात दोनों ही समय में अंधाधुंध बिजली की कटौती हो रही है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। तालबेहट में 24 घंटे में केवल आठ से दस घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है।
बरसात थमने के बाद गर्मी वापस लौट आई है। सुबह नौ बजे से ही गर्मी का अहसास होने लगता है। इस दौरान लोग कूलर और पंखे की हवा लेने लगते हैं। लेकिन, बिजली कब चली जाए इसका पता नहीं चलता है। शासन द्वारा शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे व ग्रामीण क्षेत्रों में 20 घंटे बिजली आपूर्ति देने का रोस्टर जारी किया है, लेकिन विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही के चलते लोगों को रोस्टर से आधी बिजली भी नहीं मिल पा रही है।
विज्ञापन
कस्बा तालबेहट में आठ से दस घंटे तक बिजली की आपूर्ति हो रही है। इसमें भी यह स्थिति है कि आधा घंटे आने के बाद एक घंटे के लिए बिजली की कटौती हो जाती है। आलम यह है कि शाम होते ही कटौती की समय सीमा और बढ़ जाती है। लगभग आधा घंटे आने के बाद पूरी रात बिजली चकमा देती रहती है। सुबह लगभग छह बजे कुछ समय के लिए आती है, इसके बाद दिन भर लुका- छिपी का खेल खेलती रहती है। शाम को लोगों का जहां खाना खाने का समय होता है, उसी समय बिजली कटौती हो जाती है। ऐसे में अंधेरे में खाना खाने को मजबूर बने हुए है, ऐसे में कीड़ों का भी भय बना रहता है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं बीते दिनों हुई बरसात के कारण मच्छर बढ़ गए हैं, जिससे बिना कूलर या पंखे के सोना मुश्किल हो जाता है। लेकिन, बिजली नहीं आने से कस्बावासी पूरी रात जाग कर परेशान हो रहे हैं। सबसे अधिक पेरशानी छोटे बच्चों को हो रही है। लोगों को पेयजल आपर्ति व आटा चक्की, अन्य बिजली उपकरणों से होने वाले कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके बाबजूद भी जिम्मेदार अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं, जिसका खामियाजा आम लोगों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
गर्मी से लोग हो रहे बीमार
वर्तमान में भीषण गर्मी व उमस पड़ रही है। ऐसे में लोगों को पंखा व कूलर जरूरी होते हैं। लेकिन, कस्बा में हो रही अंधाधुंध कटौती से बिजली साथ नहीं दे पा रही है। इससे गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। ऐसे में लोग बीमार हो रहे हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी लगातार अनदेखा कर रहे हैं। गर्मी से लोग बीमार हो रहे हैं।
इमरजेंसी रोस्टिंग से बिजल आपूर्ति की परेशानी बढ़ रही है। बिजली आने पर एक साथ विद्युत उपकरण चलने से फाल्ट अधिक हो रहे हैं। अवर अभियंता व अन्य स्टाफ को समय से फाल्ट सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।
- आकाश सचान, अधिशासी अभियंता
विद्युत वितरण खंड
विद्युत स्टेशन से किसी भी प्रकार की कोई कटौती नहीं की जा रही है। जो कटौती हो रही है, वह पनकी कंट्रोल के आदेश से हो रही है।
- विनय साहू, अवर अभियंता, विद्युत वितरण खंड, तालबेहट