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Lalitpur News: दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट न पहनने वाले हादसों में गंवा रहे जान
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- प्रतिमाह पचास से साठ मरीज पहुंच रहे दुर्घटना में हेड इंजरी होने पर
- हेलमेट लगाने से भी परहेज कर रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तमाम जागरुकता के बाद भी बाइक सवार हेलमेट नहीं पहन रहे हैं और सड़क हादसों के दौरान जान गवां रहे हैं। जनपद के आंकड़ों पर गौर करें तो हर माह पंद्रह से सोलह लोगों की मौत दुर्घटना के दौरान होती है। इनमें से अधिकांश बाइक सवार बिना हेलमेट के रहते हैं। जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में प्रतिमाह करीब 50-60 मरीज हेड इंजरी के आते हैं। इनमें कुछ की जान बच जाती है तो कुछ की मौत हो जाती है। बावजूद इसके लोग बाइक चलाते समय हेलमेट का प्रयोग नहीं कर रहे हैं।
जिले में सड़क दुर्घटनाओं और इसमें मौत के आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से अब तक जनपद में करीब पौने तीन सौ सड़क दुर्घटनाएं अलग-अलग क्षेत्र में हुईं। जिसमें करीब 130 लोगों ने अपनी जान गंवाई। जबकि 150 के करीब लोग चोटिल हुए। इसमें अधिकांश लोग हेलमेट नहीं लगाए थे, ऐसा ही ताजा मामला शुक्रवार को देखने को मिला, जहां हाईवे पर ग्राम बिरधा के पास सड़क दुर्घटना हुई। बाइक चलाते समय न गंगाराम हेलमेट लगाए था और न ही राजेश। यही कारण रहा कि बस की टक्कर से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस संबंध में एआरटीओ विपिन चौधरी ने बताया कि अभियान चलाकर लोगों को हेलमेट लगाने के लिए जागरूक किया जाएगा, साथ ही जो हेलमेट नहीं लगाएं होंगे उनका चालान किया जाएगा।
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हेलमेट है सुरक्षा कवच
- हेलमेट दुर्घटना में सिर को गंभीर चोट से बचाता है।
- हेलमेट में प्रयुक्त होने वाली सामग्री के कारण सिर तेजी से किसी वस्तु से नहीं टकराता।
- हेलमेट सिर व टकराने वाली वस्तु के बीच बैरियर का कार्य करता है।
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जिले में ये हुईं दुर्घटनाएं
- 29 जुलाई को ग्राम छैघरा के पास हाईवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से भरत शर्मा व शशि राजा की मौत हुई थी।
- 24 अगस्त ग्राम खड़ेरा के पास हाईवे पर जानवर आने से अनियंत्रित बाइक से पुष्पेंद्र व पप्पू की मौत हुई थी।
- 6 सितंबर-ग्राम पूराबिरधा निवासी कल्लू रैकवार की बाइक में ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी, जिससे कल्लू की मौत हो गई थी।
- 10 अक्तूबर को बिरधा के पास हाईवे पर बस की टक्कर से बाइक सवार गंगाराम और राजेश की मौत हो गई थी।
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नो हेलमेट, नो फ्यूल अभियान भी कागजी बना
डीएम के आदेश के बाद भी पंप संचालक व कर्मचारी बिना रोक-टोक हेलमेट न पहनने वाले बाइक सवारों को पेट्रोल की बिक्री कर रहे हैं। जबकि सड़क दुर्घटना के समय होने वाली मौतों में अधिकांश लोग बिना हेलमेट के रहते हैं, अगर यह लोग हेलमेट लगाए होते तो शायद इनकी जान बच जाती। जिले में सौ से अधिक पेट्रोल पंप हैं। जिन पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में दो पहिया वाहन चालक पेट्रोल भरवाते हैं। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल न मिलने का नोटिस तो चस्पा दिख जाता है, लेकिन इसका अनुपालन होता नहीं दिख रहा।
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- हेलमेट लगाने से भी परहेज कर रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तमाम जागरुकता के बाद भी बाइक सवार हेलमेट नहीं पहन रहे हैं और सड़क हादसों के दौरान जान गवां रहे हैं। जनपद के आंकड़ों पर गौर करें तो हर माह पंद्रह से सोलह लोगों की मौत दुर्घटना के दौरान होती है। इनमें से अधिकांश बाइक सवार बिना हेलमेट के रहते हैं। जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में प्रतिमाह करीब 50-60 मरीज हेड इंजरी के आते हैं। इनमें कुछ की जान बच जाती है तो कुछ की मौत हो जाती है। बावजूद इसके लोग बाइक चलाते समय हेलमेट का प्रयोग नहीं कर रहे हैं।
जिले में सड़क दुर्घटनाओं और इसमें मौत के आंकड़ों पर गौर करें तो जनवरी से अब तक जनपद में करीब पौने तीन सौ सड़क दुर्घटनाएं अलग-अलग क्षेत्र में हुईं। जिसमें करीब 130 लोगों ने अपनी जान गंवाई। जबकि 150 के करीब लोग चोटिल हुए। इसमें अधिकांश लोग हेलमेट नहीं लगाए थे, ऐसा ही ताजा मामला शुक्रवार को देखने को मिला, जहां हाईवे पर ग्राम बिरधा के पास सड़क दुर्घटना हुई। बाइक चलाते समय न गंगाराम हेलमेट लगाए था और न ही राजेश। यही कारण रहा कि बस की टक्कर से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस संबंध में एआरटीओ विपिन चौधरी ने बताया कि अभियान चलाकर लोगों को हेलमेट लगाने के लिए जागरूक किया जाएगा, साथ ही जो हेलमेट नहीं लगाएं होंगे उनका चालान किया जाएगा।
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हेलमेट है सुरक्षा कवच
- हेलमेट दुर्घटना में सिर को गंभीर चोट से बचाता है।
- हेलमेट में प्रयुक्त होने वाली सामग्री के कारण सिर तेजी से किसी वस्तु से नहीं टकराता।
- हेलमेट सिर व टकराने वाली वस्तु के बीच बैरियर का कार्य करता है।
जिले में ये हुईं दुर्घटनाएं
- 29 जुलाई को ग्राम छैघरा के पास हाईवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से भरत शर्मा व शशि राजा की मौत हुई थी।
- 24 अगस्त ग्राम खड़ेरा के पास हाईवे पर जानवर आने से अनियंत्रित बाइक से पुष्पेंद्र व पप्पू की मौत हुई थी।
- 6 सितंबर-ग्राम पूराबिरधा निवासी कल्लू रैकवार की बाइक में ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी, जिससे कल्लू की मौत हो गई थी।
- 10 अक्तूबर को बिरधा के पास हाईवे पर बस की टक्कर से बाइक सवार गंगाराम और राजेश की मौत हो गई थी।
नो हेलमेट, नो फ्यूल अभियान भी कागजी बना
डीएम के आदेश के बाद भी पंप संचालक व कर्मचारी बिना रोक-टोक हेलमेट न पहनने वाले बाइक सवारों को पेट्रोल की बिक्री कर रहे हैं। जबकि सड़क दुर्घटना के समय होने वाली मौतों में अधिकांश लोग बिना हेलमेट के रहते हैं, अगर यह लोग हेलमेट लगाए होते तो शायद इनकी जान बच जाती। जिले में सौ से अधिक पेट्रोल पंप हैं। जिन पर प्रतिदिन हजारों की संख्या में दो पहिया वाहन चालक पेट्रोल भरवाते हैं। पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के पेट्रोल न मिलने का नोटिस तो चस्पा दिख जाता है, लेकिन इसका अनुपालन होता नहीं दिख रहा।
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