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Lalitpur News: 12 किमी का चक्कर काटकर झरावट पहुंच रहे 24 गांवों के लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
अर्जुन खिरिया/ललितपुर। ब्लॉक मड़ावरा अंतर्गत सरखड़ी तिराहा से झरावट तिराहा तक आठ किलोमीटर सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। बारिश में इस मार्ग से गुजरना मुश्किल है। लगभग दो दर्जन गांवों के लोग को 12 किलोमीटर का चक्कर लगाकर नाराहट गौना होकर आना-जाना पड़ रहा है।
शासन के गड्ढा मुक्त सड़कों के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। हाईवे 44 स्थित सरखड़ी तिराहा से महरौनी-नाराहट रोड के झरावट तिराहा तक यही हाल है। आठ किलोमीटर मार्ग की मरम्मत न होने से गड्ढों का आकार विशाल हो गया है। बारिश में गड्ढों में जलभराव होने से आवाजाही में समस्या हो रही है। कई बाइक सवार गड्ढों में फंसकर गिर रहे हैं और चुटहिल तक हो रहे हैं।
जमौरा, सरखड़ी, नयागांव, झरावटा, बनयाना, अर्जुन खिरिया, महाराजपुरा, धौलपुरा, गदौरा, देनपुरा, मुड़िया, ककरुआ, खैराई आदि करीब 24 गांवों के लोग इसी रास्ते से आते-जाते हैं। प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों की निकासी होती है। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब परेशान होकर लोग 12 किलोमीटर का चक्कर लगाकर नाराहट गौना होकर आ-जा रहे हैं। इससे समय व पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। 20 हजार से अधिक की आबादी परेशान है।
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अर्जुन खिरिया/ललितपुर। ब्लॉक मड़ावरा अंतर्गत सरखड़ी तिराहा से झरावट तिराहा तक आठ किलोमीटर सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। बारिश में इस मार्ग से गुजरना मुश्किल है। लगभग दो दर्जन गांवों के लोग को 12 किलोमीटर का चक्कर लगाकर नाराहट गौना होकर आना-जाना पड़ रहा है।
शासन के गड्ढा मुक्त सड़कों के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। हाईवे 44 स्थित सरखड़ी तिराहा से महरौनी-नाराहट रोड के झरावट तिराहा तक यही हाल है। आठ किलोमीटर मार्ग की मरम्मत न होने से गड्ढों का आकार विशाल हो गया है। बारिश में गड्ढों में जलभराव होने से आवाजाही में समस्या हो रही है। कई बाइक सवार गड्ढों में फंसकर गिर रहे हैं और चुटहिल तक हो रहे हैं।
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जमौरा, सरखड़ी, नयागांव, झरावटा, बनयाना, अर्जुन खिरिया, महाराजपुरा, धौलपुरा, गदौरा, देनपुरा, मुड़िया, ककरुआ, खैराई आदि करीब 24 गांवों के लोग इसी रास्ते से आते-जाते हैं। प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों की निकासी होती है। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब परेशान होकर लोग 12 किलोमीटर का चक्कर लगाकर नाराहट गौना होकर आ-जा रहे हैं। इससे समय व पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। 20 हजार से अधिक की आबादी परेशान है।
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