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खरीद में किसानों का भुगतान बनी गंभीर समस्या
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ललितपुर। तमाम प्रयासों के बाद भी गेहूं खरीद में भुगतान बड़ी समस्या बन गया है। विभागीय अफसरों को अवशेष भुगतान कराने के लिए ऐड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। इसके बाद भी किसानों का बकाया भुगतान कम नहीं हो पा रहा है। वर्तमान में किसानों का 41 करोड़ रुपये का बकाया चल रहा है। किसानों का लंबित भुगतान समय से कराने के लिए विभागीय अफसरों के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। जिससे बकाया भुगतान में कमी नहीं आ रही है। इस समय किसानों का बकाया भुगतान बढ़कर 41 करोड़ रुपये हो गया है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई हैं। लेटलतीफ भुगतान के कारण किसानों का ध्यान वापस गल्ला मंडी की ओर बढ़ा है।
सैकड़ों की संख्या में किसान अपना गेहूं लेकर गल्ला मंडी पहुंचने लगे हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 92500 मीट्रिक टन के सापेक्ष 55357.34 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, जो लक्ष्य का 59.85 प्रतिशत है। खरीद एजेंसियों ने अभी तक 6488.040 लाख रुपये का ही भुगतान किया है, जबकि 4168.248 लाख रुपये का बकाया है। इस बकाए भुगतान के लिए किसान कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।
14957.82 मीट्रिक गेहूं का होना है उठान
जिले के गेहूं खरीद केंद्रों पर खरीदे गए 55357.34 मीट्रिक टन गेहूं में से 40399.52 मीट्रिक टन का उठान किया गया है। वहीं, 14957.82 मीट्रिक गेहूं का उठान होना अभी अवशेष है।
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किसानों के भुगतान की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। लगातार धनराशि की डिमांड की जा रही है।
- राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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सैकड़ों की संख्या में किसान अपना गेहूं लेकर गल्ला मंडी पहुंचने लगे हैं। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 92500 मीट्रिक टन के सापेक्ष 55357.34 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है, जो लक्ष्य का 59.85 प्रतिशत है। खरीद एजेंसियों ने अभी तक 6488.040 लाख रुपये का ही भुगतान किया है, जबकि 4168.248 लाख रुपये का बकाया है। इस बकाए भुगतान के लिए किसान कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर हैं।
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14957.82 मीट्रिक गेहूं का होना है उठान
जिले के गेहूं खरीद केंद्रों पर खरीदे गए 55357.34 मीट्रिक टन गेहूं में से 40399.52 मीट्रिक टन का उठान किया गया है। वहीं, 14957.82 मीट्रिक गेहूं का उठान होना अभी अवशेष है।
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किसानों के भुगतान की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। लगातार धनराशि की डिमांड की जा रही है।
- राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी