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जमीन पर लिटाकर हो रहा मरीजों का उपचार

Fri, 26 Jul 2019 07:09 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jul 2019 07:09 PM IST
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patients being treated on floor in district hospital
जिला अस्पताल के महिला वार्ड में जमीन पर लिटाकर किया जा रहा उपचार। - फोटो : LALITPUR
जमीन पर लिटाकर हो रहा मरीजों का उपचार
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ललितपुर। संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाए जाने के बाद भी मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। इस वजह से जिला अस्पताल सहित निजी क्लीनिकों में मरीजों की भरमार है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने से कइयों को पलंग भी नसीब नहीं हो रहे हैं। यहां कई महिलाएं जमीन पर लेटकर उपचार करा रही हैं। इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन मौन बना है।
बारिश का मौसम शुरू होते ही स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न विभागों के सहयोग से संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया। इसके तहत कई जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके बाद भी मौसमी बीमारियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। वैसे भी जिला मुख्यालय पर इकलौता सरकारी अस्पताल है। जहां पर लोगों को नाक कान व गला के साथ ही आई सर्जन, हड्डी रोग विशेष, व सर्जीकल के साथ ही ह्रदय रोग, चर्मरोग के सस्ते इलाज की सुविधा प्रदान होती है। अस्पताल में सुदूर गांव क्षेत्र व शहर के लोग उपचार कराने के लिए आते हैं। वर्तमान में जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को कई असुविधाओं से जूझना पड़ रहा है। जिसका खामियाजा मरीजों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल में उपचार के लिए आईं महिला मरीजों को जमीन पर लेटकर उपचार कराने के लिए मजबूर होना पड़ा रहा है। भले ही मरीज स्ट्रेचर पर लेटकर वार्ड में आया हो, लेकिन उसका उपचार वार्ड में मौजूद स्टाफ नर्स के द्वारा जमीन पर लिटाकर ही किया जा रहा है। ऐसी ही स्थिति महिला मेडिकल एवं बच्चा वार्ड में देखने को मिली। जहां उपचार के लिए आईं महिलाओं को उपचार के लिए भर्ती किया गया। उसे वार्ड में पहुंचतेे ही बेड खाली न होने के कारण गद्दा पर ही लिटाया गया। साथ ही गद्दा पर ही बोतल लगाकर उपचार किया जा रहा है। यहां पर लगभग छह महिला मरीजों को गद्दा पर ही उपचार दिया जा रहा है। कमोबेश यही स्थिति पुरुष वार्ड की है, जहां पर भी जमीन पर ही उपचार किया जा रहा है। वहीं पैलिएटिव /डीआरटीवी जनरल कंबाइंड वार्ड में टीबी के मरीजों को पलंग पर केवल गद्दा ही बिछाए गए, इन्हें चद्दर भी नहीं दिया गया है।
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मौसम परिवर्तन से बढ़ रहे मरीज
मौसम में हो रहे परिवर्तन के चलते जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक आ रही है। इनमें सबसे अधिक मरीज फीवर, जुकाम, खांसी, उल्टी, दस्त व श्वांस के रोगी आ रहे हैं।
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- डॉ. अमित चतुर्वेदी, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
स्वीकृत हैं 140 बेड
जिला अस्पताल में 140 बेड स्वीकृत हैं। इसके साथ ही वर्तमान में 225 बेड लगभग सभी वार्डों में संचालित हो रहे हैं। मरीजों की संख्या इससे भी अधिक हो गई है। जिससे मरीजों को जमीन पर लेट कर उपचार कराना पड़ रहा है।

स्वीकृत बेडों से अधिक मरीज आने से कुछ मरीजों को पलंग नहीं मिल पा रहे है। लेकिन वार्डों में अतिरिक्त गद्दों की व्यवस्था कर उन्हें, उपचार दिया जा रहा है। शीघ्र ही पलंग की व्यवस्था करवाई जाएगी।
डॉ. एसके बासवानी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल ललितपुर
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