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ऑनलाइन कक्षाओं की आड़ में बच्चे खेल रहे पबजी
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ललितपुर। कोरोनाकाल में ग्रामीण क्षेत्र के तमाम छात्र/ छात्राओं को पबजी गेम खेलना बहुत भा रहा है। वे ऑनलाइन कक्षाओं की आड़ में पबजी गेम खेल रहे हैं। इससे अभिभावक परेशान हो रहे हैं, उन्हें समय से मोबाइल भी नहीं मिल पा रहा है।
वैश्विक महामारी में स्कूल, कॉलेज में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। जिसके मद्देनजर ऑनलाइन कक्षाओं का सहारा लिया जा रहा है। इससे उन छात्र/ छात्राओं को भी मोबाइल मिलने लगा है, जिनको पबजी गेम खेलने के चलते मोबाइल दिया नहीं जाता था। वर्तमान में ऑनलाइन कक्षाओं के लिए मोबाइल मिलना शुरू हुआ, तो कइयों ने पबजी गेम में हाथ आजमाना आरंभ कर दिया। इस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में पबजी खेल की पहुंच बढ़ती ही जा रही है। इस संबंध में नेहरू महाविद्यालय में मनोविज्ञान के व्याख्याता डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि युवाओं में इस तरह प्रवृत्ति ठीक नहीं है। अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
कोरोनाकाल में खेल गतिविधियां लगभग बंद हैं। इस कारण मोबाइल गेमों के प्रति युवाओं का ध्यान बढ़ा है। इस गेम में कई खिलाड़ी नेट के माध्यम से जुड़ जाते हैं। - उदय विश्वकर्मा
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स्कूल, कालेजों में खेल गतिविधियों में शामिल हो जाते थे, जिससे मनोरंजन हो जाता था। वर्तमान में कोरोना के कारण सभी एक साथ खेलना पसंद नहीं करते हैं। - अविनाश पाठक
मोबाइल पर ज्यादा व्यस्तता शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। इससे शारीरिक कसरत नहीं हो पाती है। युवाओं को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। - अनुज नामदेव
गांव में कभी गिल्ली डंडा जैसे पारंपरिक खेल खेले जाते थे, लेकिन बदले दौर में मोबाइल गेम के प्रति रुचि बढ़ी है। इसमें पबजी खेल दिनोंदिन अपनी पहुंच बढ़ाता जा रहा है। - ऋतुराज पाठक
पबजी खेल में पैसा लगाने की बुराई उभरकर आ रही है। इससे कई खिलाड़ियों में अपराध बोध पनप रहा है, जो परिवार के साथ समाज को भी खतरनाक है। - विशाल विश्वकर्मा
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वैश्विक महामारी में स्कूल, कॉलेज में नियमित कक्षाएं संचालित नहीं हो पा रही हैं। जिसके मद्देनजर ऑनलाइन कक्षाओं का सहारा लिया जा रहा है। इससे उन छात्र/ छात्राओं को भी मोबाइल मिलने लगा है, जिनको पबजी गेम खेलने के चलते मोबाइल दिया नहीं जाता था। वर्तमान में ऑनलाइन कक्षाओं के लिए मोबाइल मिलना शुरू हुआ, तो कइयों ने पबजी गेम में हाथ आजमाना आरंभ कर दिया। इस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में पबजी खेल की पहुंच बढ़ती ही जा रही है। इस संबंध में नेहरू महाविद्यालय में मनोविज्ञान के व्याख्याता डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि युवाओं में इस तरह प्रवृत्ति ठीक नहीं है। अभिभावकों को बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
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कोरोनाकाल में खेल गतिविधियां लगभग बंद हैं। इस कारण मोबाइल गेमों के प्रति युवाओं का ध्यान बढ़ा है। इस गेम में कई खिलाड़ी नेट के माध्यम से जुड़ जाते हैं। - उदय विश्वकर्मा
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स्कूल, कालेजों में खेल गतिविधियों में शामिल हो जाते थे, जिससे मनोरंजन हो जाता था। वर्तमान में कोरोना के कारण सभी एक साथ खेलना पसंद नहीं करते हैं। - अविनाश पाठक
मोबाइल पर ज्यादा व्यस्तता शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। इससे शारीरिक कसरत नहीं हो पाती है। युवाओं को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। - अनुज नामदेव
गांव में कभी गिल्ली डंडा जैसे पारंपरिक खेल खेले जाते थे, लेकिन बदले दौर में मोबाइल गेम के प्रति रुचि बढ़ी है। इसमें पबजी खेल दिनोंदिन अपनी पहुंच बढ़ाता जा रहा है। - ऋतुराज पाठक
पबजी खेल में पैसा लगाने की बुराई उभरकर आ रही है। इससे कई खिलाड़ियों में अपराध बोध पनप रहा है, जो परिवार के साथ समाज को भी खतरनाक है। - विशाल विश्वकर्मा