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Lalitpur News: आठ अप्रैल को जवारे विसर्जन के दौरान भी किया था परेशान
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ललितपुर। सुसाइड नोट लिखकर फंदे से लटककर जान देने वाली युवती गांव के शोहदों से लंबे समय से परेशान थी। आठ अप्रैल को जवारे विसर्जन के दौरान भी उससे छेड़छाड़ की गई थी। लेकिन, शिकायत के बाद भी पुलिस ने आरोपियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे उनके हौसले बढ़ गए थे और वे युवती को परेशान कर रहे थे।
थाना नाराहट के इमलिया कलां निवासी मोनिका (21) ने गांव के शोहदों से परेशान होकर सोमवार शाम को अपने बाड़े में दुपट्टे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। इससे पूर्व मोनिका ने दो पन्ने का सुसाइड नोट लिखा था, जोकि उसके पास से मिला। उसने शोहदों द्वारा करीब तीन माह से परेशान करने और विरोध पर धमकी देने सहित अन्य बातों का उल्लेख किया था। परिजन के मुताबिक आठ अप्रैल को जब मोनिका अपनी छोटी बहन के साथ गांव में जवारे विसर्जन करने गई थी, तब भी उसे परेशान किया गया था। यही नहीं विरोध करने पर मारपीट भी की गई थी।
उलाहना देने पर शोहदों ने परिजन से भी मारपीट की थी। उनके पास इसका वीडियो भी था। पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन आरोपियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण जब मोनिका मंदिर में शाम के समय दीपक जलाने जाती थी तो उसका रास्ता रोककर शोहदे परेशान करते थे। इससे आजिज आकर मोनिका अपनी बहन के यहां रहने चली गई थी। लेकिन, जब लौटकर घर आई तो शोहदों ने फिर से परेशान करना शुरू कर दिया। इसी के चलते दो जून की शाम को मोनिका ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है और मृतका के परिवार में कोहराम मचा है।
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चार आरोपी गिरफ्तार :
आत्महत्या करने वाली युवती के पिता गुड्डन ने थाना नाराहट में तहरीर दी थी। पुलिस ने मुली उर्फ मुलायम अहिरवार, भगवान उर्फ भगुंती ढीमर, दीपू उर्फ दीपक, इंद्रपाल सिंह निवासी इमलिया कलां के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच में एक और आरोपी अस्सू अहिरवार का भी नाम सामने आया। पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। बुधवार को पुलिस ने आरोपी मुली अहिरवार, भगुंती ढीमर, दीपू और अस्सू अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया। वहीं, एक अन्य आरोपी इंद्रपाल की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
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थाना नाराहट के इमलिया कलां निवासी मोनिका (21) ने गांव के शोहदों से परेशान होकर सोमवार शाम को अपने बाड़े में दुपट्टे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। इससे पूर्व मोनिका ने दो पन्ने का सुसाइड नोट लिखा था, जोकि उसके पास से मिला। उसने शोहदों द्वारा करीब तीन माह से परेशान करने और विरोध पर धमकी देने सहित अन्य बातों का उल्लेख किया था। परिजन के मुताबिक आठ अप्रैल को जब मोनिका अपनी छोटी बहन के साथ गांव में जवारे विसर्जन करने गई थी, तब भी उसे परेशान किया गया था। यही नहीं विरोध करने पर मारपीट भी की गई थी।
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उलाहना देने पर शोहदों ने परिजन से भी मारपीट की थी। उनके पास इसका वीडियो भी था। पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन आरोपियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस कारण जब मोनिका मंदिर में शाम के समय दीपक जलाने जाती थी तो उसका रास्ता रोककर शोहदे परेशान करते थे। इससे आजिज आकर मोनिका अपनी बहन के यहां रहने चली गई थी। लेकिन, जब लौटकर घर आई तो शोहदों ने फिर से परेशान करना शुरू कर दिया। इसी के चलते दो जून की शाम को मोनिका ने आत्महत्या कर ली। घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा है और मृतका के परिवार में कोहराम मचा है।
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चार आरोपी गिरफ्तार :
आत्महत्या करने वाली युवती के पिता गुड्डन ने थाना नाराहट में तहरीर दी थी। पुलिस ने मुली उर्फ मुलायम अहिरवार, भगवान उर्फ भगुंती ढीमर, दीपू उर्फ दीपक, इंद्रपाल सिंह निवासी इमलिया कलां के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच में एक और आरोपी अस्सू अहिरवार का भी नाम सामने आया। पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। बुधवार को पुलिस ने आरोपी मुली अहिरवार, भगुंती ढीमर, दीपू और अस्सू अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया। वहीं, एक अन्य आरोपी इंद्रपाल की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।