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Lalitpur News: अब ओपीडी में मरीज के साथ नहीं जा सकेंगे परिजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में दलालों पर शिकंजा कस दिया गया है। अब ओपीडी में मरीज के साथ उनके परिजन नहीं जा सकेंगे। जो मरीज असमर्थ हैं, उनके लिए नियम में छूट देते हुए एक परिजन को इजाजत दी गई है। वहीं विभागीय कर्मचारियों को ड्रेस कोड के साथ अपना परिचय पत्र भी साथ रखना होगा। मेडिकल कॉलेज (महिला अस्पताल) दलालों की गिरफ्त में बना हुआ है। दलाल आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज का झांसा देकर गुमराह कर लेती हैं। इसके बाद जांच, अल्ट्रासाउंड जांच व दवाइयाें में अलग-अलग पैसे लेती हैं। जो मरीज सीधा इलाज को पहुंचता है, उसे अधिक समय लग जाता है। मरीजों से पैसे लेने की जानकारी स्टॉफ तक को नहीं हो पाती है। मरीज से लगभग 800 से एक हजार रुपये तक ऐंठ लेती हैं। दवाइयाें तक में कमीशन लेती हैं।समस्या को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से पांच मार्च को ‘दलालों ने तय कर रखे हैं जांच से लेकर दवाइयों तक के दाम’ व छह मार्च को ‘दलालों को रोकने पर मिलती है धमकी, भय से नहीं बोलते कर्मी’ शीर्षक के साथ समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद हरकत में आए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सख्ती कर दी है। अब ओपीडी में मरीज ही उपचार के लिए जाएगा। इसके अलावा अन्य कोई नहीं जाएगा। साथ ही समस्या होने पर मरीज के साथ परिजन के जाने पर छूट दी गई है। साथ ही आशा को भी परिचय पत्र के साथ मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिया जाएगा। अब सुरक्षा कर्मी साथ आने-जाने वाली महिलाओं को रोक रहे हैं। इससे अस्पताल में मरीजों को भी सुविधा से लाभ मिल रहा है।
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में दलालों पर शिकंजा कस दिया गया है। अब ओपीडी में मरीज के साथ उनके परिजन नहीं जा सकेंगे। जो मरीज असमर्थ हैं, उनके लिए नियम में छूट देते हुए एक परिजन को इजाजत दी गई है। वहीं विभागीय कर्मचारियों को ड्रेस कोड के साथ अपना परिचय पत्र भी साथ रखना होगा। मेडिकल कॉलेज (महिला अस्पताल) दलालों की गिरफ्त में बना हुआ है। दलाल आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज का झांसा देकर गुमराह कर लेती हैं। इसके बाद जांच, अल्ट्रासाउंड जांच व दवाइयाें में अलग-अलग पैसे लेती हैं। जो मरीज सीधा इलाज को पहुंचता है, उसे अधिक समय लग जाता है। मरीजों से पैसे लेने की जानकारी स्टॉफ तक को नहीं हो पाती है। मरीज से लगभग 800 से एक हजार रुपये तक ऐंठ लेती हैं। दवाइयाें तक में कमीशन लेती हैं।समस्या को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से पांच मार्च को ‘दलालों ने तय कर रखे हैं जांच से लेकर दवाइयों तक के दाम’ व छह मार्च को ‘दलालों को रोकने पर मिलती है धमकी, भय से नहीं बोलते कर्मी’ शीर्षक के साथ समाचार प्रकाशित किया था। जिसके बाद हरकत में आए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सख्ती कर दी है। अब ओपीडी में मरीज ही उपचार के लिए जाएगा। इसके अलावा अन्य कोई नहीं जाएगा। साथ ही समस्या होने पर मरीज के साथ परिजन के जाने पर छूट दी गई है। साथ ही आशा को भी परिचय पत्र के साथ मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिया जाएगा। अब सुरक्षा कर्मी साथ आने-जाने वाली महिलाओं को रोक रहे हैं। इससे अस्पताल में मरीजों को भी सुविधा से लाभ मिल रहा है।