फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   No help from the administration, the funeral of the dead was done with donations

प्रशासन से नहीं मिली मदद, चंदे से हुआ मृतकों का अंतिम संस्कार

Tue, 27 Sep 2022 12:21 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 27 Sep 2022 12:21 AM IST
विज्ञापन
No help from the administration, the funeral of the dead was done with donations
तालबेहट(ललितपुर)। आर्थिक तंगी से जूझ रहे मजदूरों के साथ हुए हादसे में मृतकों के शव का अंतिम संस्कार ग्रामप्रधान व ग्रामीणों ने चंदा कर कराया। इतना ही नहीं मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत से जूझ रहे नौ घायलों के लिए भी कुछ धनराशि भेजी गई है। हैरत की बात तो यह है कि चुनाव के समय हमदर्दी दिखाने वाले नेता भी इनकी मदद को आगे नहीं आए। शासन व प्रशासन की ओर से भी मृतकों व घायलों के परिजनों को सहायता के नाम से फूटी कौड़ी नहीं मिली।
विज्ञापन

तालबेहट कोतवाली क्षेत्र में रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर ग्राम बम्होरीसर के निकट हुए भीषण सड़क हादसे में एक साथ चार मजदूरों की मौत हो गई थी वहीं, 11 लोग हादसे में घायल हुए उनमें गंभीर हालत में नौ लोग झांसी स्थित मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं, जहां उनकी स्थित में कोई खास सुधार नहीं बताया गया है। पोस्टमार्टम के बाद बम्हौरीसर गांव पहुंचे पन्नालाल,आरती और किरन के शवों का अंतिम संस्कार कराने के लिए ग्राम प्रधान प्रतिपाल सिंह व गांव कुछ संपन्न लोगों ने चंदा कर लकड़ी आदि की व्यवस्था की तब तीनों की चिता जलीं। ग्राम प्रधान का कहना था कि इन मजदूरों के परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे ऐसे में हुए हादसे ने उनके परिजनों को झकझोर दिया। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती अन्य मजदूरों के उपचार के लिए वह ग्रामीणों के साथ सहयोग कर कुछ धनराशि व खाना आदि भेजा गया है। ग्रामीणों में इस बात का मलाल है कि हादसे के बाद क्षेत्रीय प्रतिनिधि अथवा किसी अधिकारी ने पीड़ित परिवारों की कोई आर्थिक मदद व नहीं की है। उधर, झांसी मेडिकल कॉलेज में घायलों का उपचार करा रहे दारासिंह व गंगाराम ने बताया कि यहां भी उन्हें घायलों के उपचार के लिए घर से रुपये का प्रबंध करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

गांव में पसरा सन्नाटा
रविवार को हुए हादसे में मृतकों के घरों में दूसरे दिन भी चूल्हा नहीं जलाया गया। इनके घरों से परिजनों के रोने की आवाज आती रही। वहीं हरिजन बस्ती में सन्नाटा पसरा रहा। किसी भी राजनीतिक दल का कोई नेता या जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारों के पास सांत्वना देने नहीं पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन

तहरीर न मिलने से दर्ज नहीं हो सकी रिपोर्ट
बीते दिन हुए हादसे में चार मौते और 11 लोगों के घायल होने के मामले में 36 घंटे बाद भी परिजनों के तहरीर न देने से घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि ढ्ढटना की तहरीर आने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

शोक व्यक्त किया
बार संघ के अधिवक्ता ललंजू कुशवाहा के भाई निरपत कुशवाहा सहित बम्होरीसर के तीन लोगों को मिलाकर चार लोगों की इस भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई थी। सोमवार को अधिवक्ताओं ने शोक सभा कर शोक व्यक्त किया। इसमें अधिवक्ता, राजस्व कर्मचारी और वादकारी मौजूद रहे।
हादसे में मृतकों व घायलों की मदद के लिए कृषक दुर्घटना बीमा योजना से धनराशि दिलवाने का प्रयास किया जा रहा है।-आलोक सिंह, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed