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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू
ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2016 01:34 AM IST
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ललितपुर। शासन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू कर दिया है। इसके तहत पात्र परिवारों को दो रुपये प्रति किलो गेहूं व तीन रुपये प्रति किलो चावल हर माह उपलब्ध कराया जाएगा। इसका लाभ 79.56 फीसदी ग्रामीणों व 64 फीसदी शहरवासियों को मिलेगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू हो गया है। शासन द्वार प्रथम चरण में प्रदेेश के 24 जिलों को चुना गया है। इसमें ललितपुर भी शामिल है। योजनांतर्गत चिह्नित परिवारों को हर माह दो रुपये किलो गेहूं व तीन रुपये किलो चावल मिलेगा। इसके लिए शासन ने अनाज आवंटित कर दिया है।
जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य यह है कि कोई भूख से न मरे। योजना पर सख्त मानीटरिंग की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक कोटेदार के यहां राशन वितरण की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसमें संबंधित अधिकारी को मौके पर उपस्थित रहना अनिवार्य होगा, जिसने भी लापरवाही बरती, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि इस योजना के दायरे में 79.56 फीसदी ग्रामीण और 65 फीसदी शहरवासी आ रहे हैं। इसलिए, क्रीमीलेयर को छोड़कर बाकी ग्रामीण व शहरवासी इसका फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पांच जनवरी से अधिनियम को लागू कर दिया जाएगा। कुछ औपचारिकताएं बाकी रह गई थीं, जिन्हें पूरा कर लिया गया है।
विदित हो कि जिले में 12 लाख के आसपास आबादी है, जिसमें से विभाग कुल 64 प्रतिशत ही पात्र परिवारों को ढूंढ सका है। इस तरह जनवरी माह से 1.97 लाख पात्र परिवार लाभान्वित होंगे।
यह है पात्रता
खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में आने के लिए पात्रता तय की गई है। इसमें शहरी क्षेत्र के परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये व एक हजार वर्ग फुट से ज्यादा का मकान नहीं होना चाहिए। इसके अलावा चार पहिया वाहन, शस्त्र लाइसेंस व आयकर दाता होने पर अपात्र की श्रेणी में माने जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्र के परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से ज्यादा न हो। चार पहिया वाहन, शस्त्र लाइसेंस और साढ़ेे सात एकड़ से ज्यादा की सिंचित भूमि होने पर अपात्र मान लिया जाएगा।
मिलेगा राशन
योजना के अंतर्गत अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति माह 35 किलो गेहूं व चावल दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य पात्रों को पांच रुपये किलो प्रति यूनिट अनाज दिया जाएगा।
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू हो गया है। शासन द्वार प्रथम चरण में प्रदेेश के 24 जिलों को चुना गया है। इसमें ललितपुर भी शामिल है। योजनांतर्गत चिह्नित परिवारों को हर माह दो रुपये किलो गेहूं व तीन रुपये किलो चावल मिलेगा। इसके लिए शासन ने अनाज आवंटित कर दिया है।
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जिलाधिकारी डा. रूपेश कुमार ने कहा कि इस अधिनियम का उद्देश्य यह है कि कोई भूख से न मरे। योजना पर सख्त मानीटरिंग की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक कोटेदार के यहां राशन वितरण की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसमें संबंधित अधिकारी को मौके पर उपस्थित रहना अनिवार्य होगा, जिसने भी लापरवाही बरती, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि इस योजना के दायरे में 79.56 फीसदी ग्रामीण और 65 फीसदी शहरवासी आ रहे हैं। इसलिए, क्रीमीलेयर को छोड़कर बाकी ग्रामीण व शहरवासी इसका फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पांच जनवरी से अधिनियम को लागू कर दिया जाएगा। कुछ औपचारिकताएं बाकी रह गई थीं, जिन्हें पूरा कर लिया गया है।
विदित हो कि जिले में 12 लाख के आसपास आबादी है, जिसमें से विभाग कुल 64 प्रतिशत ही पात्र परिवारों को ढूंढ सका है। इस तरह जनवरी माह से 1.97 लाख पात्र परिवार लाभान्वित होंगे।
यह है पात्रता
खाद्य सुरक्षा कानून के दायरे में आने के लिए पात्रता तय की गई है। इसमें शहरी क्षेत्र के परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये व एक हजार वर्ग फुट से ज्यादा का मकान नहीं होना चाहिए। इसके अलावा चार पहिया वाहन, शस्त्र लाइसेंस व आयकर दाता होने पर अपात्र की श्रेणी में माने जाएंगे।
ग्रामीण क्षेत्र के परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से ज्यादा न हो। चार पहिया वाहन, शस्त्र लाइसेंस और साढ़ेे सात एकड़ से ज्यादा की सिंचित भूमि होने पर अपात्र मान लिया जाएगा।
मिलेगा राशन
योजना के अंतर्गत अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति माह 35 किलो गेहूं व चावल दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य पात्रों को पांच रुपये किलो प्रति यूनिट अनाज दिया जाएगा।