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स्कूलों में मनेगा नेशनल डी वर्मिग डे
ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2016 12:18 AM IST
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ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में दस फरवरी को नेशनल डी वर्मिग-डे मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों को पेट के कीड़े से होने वाली बीमारियों से बचाना है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार पेट के कीड़े की बहुत बड़ी समस्या है। विशेषकर 1 से 19 वर्ष के बच्चों में रक्ताल्पता, कमजोरी, थकान, स्कूल नहीं जाने जैसी समस्याएं देेखी जाती हैं। इससे बच्चे कुपोषण के भी शिकार हो जाते हैं।
एक अध्ययन से पता चला है कि यदि बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाए तो उनमें अपेक्षित लाभ होता है। इसे ध्यान में रखकर 24 जिलों में नेशनल डी वर्मिग डे मनाया जा रहा है।
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इसके तहत 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों को आशा और आंगनबाड़ी के सहयोग से एवं 6 से 19 वर्ष के स्कूल जाने वाले बच्चों को स्कूल के माध्यम से और स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को आशा के माध्यम से गोली खिलाई जाएंगी। 10 फरवरी को जो बच्चे गोली खाने से छूट जाते हैं, उनको मापअप राउंड में 15 फरवरी को गोली खिलाई जाएंगी।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अध्यापकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा एवं स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, साथ ही इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। इधर, बीएसए एसपी यादव ने डी वर्मिग डे मनाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
यह होंगे लाभ
एनीमिया में कमी होना, पोषण के स्तर में वृद्घि होना, बच्चों में शारीरिक वृद्घि, वजन में बढ़ोत्तरी, मानसिक, शारीरिक विकास में वृद्घि, अन्य बीमारियों से बचने के लिए प्रतिरोधी क्षमता बढ़ना, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में सहायक, बच्चों में याद करने की योग्यता में वृद्घि आदि शामिल हैं।
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यह हैं चयनित जिले
आगरा, अलीगढ़, अमरोहा, बागपत, बिजनौर, बदायूं, बुलंदशहर, एटा, फिरोजाबाद, गौतम बुद्घनगर, गाजियाबाद, हापुड़, झांसी, कासगंज, ललितपुर, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, संभल व शामली जिले शामिल हैं। इन जिलों में नेशनल डी वर्मिग डे मनाया जाएगा।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार पेट के कीड़े की बहुत बड़ी समस्या है। विशेषकर 1 से 19 वर्ष के बच्चों में रक्ताल्पता, कमजोरी, थकान, स्कूल नहीं जाने जैसी समस्याएं देेखी जाती हैं। इससे बच्चे कुपोषण के भी शिकार हो जाते हैं।
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एक अध्ययन से पता चला है कि यदि बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाए तो उनमें अपेक्षित लाभ होता है। इसे ध्यान में रखकर 24 जिलों में नेशनल डी वर्मिग डे मनाया जा रहा है।
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इसके तहत 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों को आशा और आंगनबाड़ी के सहयोग से एवं 6 से 19 वर्ष के स्कूल जाने वाले बच्चों को स्कूल के माध्यम से और स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों को आशा के माध्यम से गोली खिलाई जाएंगी। 10 फरवरी को जो बच्चे गोली खाने से छूट जाते हैं, उनको मापअप राउंड में 15 फरवरी को गोली खिलाई जाएंगी।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अध्यापकों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा एवं स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, साथ ही इसका प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। इधर, बीएसए एसपी यादव ने डी वर्मिग डे मनाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
यह होंगे लाभ
एनीमिया में कमी होना, पोषण के स्तर में वृद्घि होना, बच्चों में शारीरिक वृद्घि, वजन में बढ़ोत्तरी, मानसिक, शारीरिक विकास में वृद्घि, अन्य बीमारियों से बचने के लिए प्रतिरोधी क्षमता बढ़ना, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में सहायक, बच्चों में याद करने की योग्यता में वृद्घि आदि शामिल हैं।
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यह हैं चयनित जिले
आगरा, अलीगढ़, अमरोहा, बागपत, बिजनौर, बदायूं, बुलंदशहर, एटा, फिरोजाबाद, गौतम बुद्घनगर, गाजियाबाद, हापुड़, झांसी, कासगंज, ललितपुर, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, संभल व शामली जिले शामिल हैं। इन जिलों में नेशनल डी वर्मिग डे मनाया जाएगा।