{"_id":"5fa9a4ba8ebc3e9ba81b1227","slug":"murder-accused-arrest-demanded-lalitpur-news-jhs180756331","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को ग्रामीणों ने किया धरना प्रदर्शन, जाम लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को ग्रामीणों ने किया धरना प्रदर्शन, जाम लगाया
विज्ञापन
घंटाघर मुख्य मार्ग पर जाम लगा कर बैठे आल्हापुर के ग्रामीण
- फोटो : LALITPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। थाना जाखलौन क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम आलापुर निवासी एक किसान की हत्या कर शव रेलवे ट्रैक पर फेंकने के मामले में दस दिन बाद भी हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों व परिजनों ने घंटाघर पर धरना प्रदर्शन करके सड़क जाम कर दी। मौके पर महिलाओं ने सड़क पर लेटकर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों से पुलिस की नोकझोंक भी हुई। पुलिस प्रशासन और अधिकारियों के आश्वासन पर माने ग्रामीणों ने तकरीबन डेढ़ घंटे बाद जाम खोला।
थाना जाखलौन के अंतर्गत ग्राम आलापुर में जमीन के विवाद में बीते 30 अक्तूबर की रात को खेत पर जा रहे गांव के किसान नाथूराम की हत्या करके उसका शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था। मृतक के परिजनों ने पड़ोस के गांव में रहने वाले चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। जिस पर जाखलौन थाना पुलिस ने ग्राम पड़ौरिया निवासी चार आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था लेकिन मामले में आरोपियों की अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई। इससे नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने सोमवार को शहर के घंटाघर मैदान पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए नारेबाजी की। न्याय की मांग कर रहीं महिलाओं ने सड़क पर लेटकर जाम लगा दिया। उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लोग आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े रहे। उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
ग्रामीण पुलिस के बार-बार समझाने के बाद भी नहीं माने और अपनी मांगों पर नारेबाजी करते रहे। इससे डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान मृतक के परिजनों ने चेतावनी दी कि तीन दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वह आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। ऐसे में अधिकारियों ने शीघ्र ही आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर परिजनों और ग्रामीणों को राजी किया, तब कहीं जाकर जाम खुल सका।
विज्ञापन
यह है मामला
ग्राम आलापुर निवासी नाथूराम ने नौ हजार रुपये में ग्राम पड़ौरिया निवासी पारस पुत्र धरम कुर्मी को अपना खेत गिरवी रखा था। बाद में खेत की वापसी के लिए पंचायत में 55 हजार रुपये देेना तय किया गया था। लेकिन बाद में वह लोग चार लाख रुपये की मांग करने और इतनी रकम नहीं देने पर खेत वापस करने से मना कर रहे थे। इस मामले को लेकर पीड़ित ने विपक्षियों पर मारपीट कर जान से मारने को धमकाने के आरोप भी लगाए। पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत बीते माह 27 अक्तूबर को थाने में भी दी थी लेकिन पुलिस द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। नाथूराम 30 अक्तूबर की रात को फसलों की रखवाली करने के लिए खेत पर सोने गया था। अगले दिन 31 अक्तूबर की सुबह नाथूराम का शव खेत के नजदीक से निकले रेलवे ट्रैक पर क्षत विक्षत हालत में पड़ा मिला था। मामले में परिजनों द्वारा विपक्षियों पर हत्या के आरोप लगाए गए थे और मृतक के पुत्र की तहरीर पर जाखलौन थाना पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं की गई। इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने जाम लगाया था।
विज्ञापन
थाना जाखलौन के अंतर्गत ग्राम आलापुर में जमीन के विवाद में बीते 30 अक्तूबर की रात को खेत पर जा रहे गांव के किसान नाथूराम की हत्या करके उसका शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया था। मृतक के परिजनों ने पड़ोस के गांव में रहने वाले चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। जिस पर जाखलौन थाना पुलिस ने ग्राम पड़ौरिया निवासी चार आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था लेकिन मामले में आरोपियों की अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई। इससे नाराज ग्रामीणों और परिजनों ने सोमवार को शहर के घंटाघर मैदान पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए नारेबाजी की। न्याय की मांग कर रहीं महिलाओं ने सड़क पर लेटकर जाम लगा दिया। उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह लोग आरोपियों की गिरफ्तारी पर अड़े रहे। उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन
ग्रामीण पुलिस के बार-बार समझाने के बाद भी नहीं माने और अपनी मांगों पर नारेबाजी करते रहे। इससे डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान मृतक के परिजनों ने चेतावनी दी कि तीन दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो वह आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे। ऐसे में अधिकारियों ने शीघ्र ही आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर परिजनों और ग्रामीणों को राजी किया, तब कहीं जाकर जाम खुल सका।
विज्ञापन
यह है मामला
ग्राम आलापुर निवासी नाथूराम ने नौ हजार रुपये में ग्राम पड़ौरिया निवासी पारस पुत्र धरम कुर्मी को अपना खेत गिरवी रखा था। बाद में खेत की वापसी के लिए पंचायत में 55 हजार रुपये देेना तय किया गया था। लेकिन बाद में वह लोग चार लाख रुपये की मांग करने और इतनी रकम नहीं देने पर खेत वापस करने से मना कर रहे थे। इस मामले को लेकर पीड़ित ने विपक्षियों पर मारपीट कर जान से मारने को धमकाने के आरोप भी लगाए। पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत बीते माह 27 अक्तूबर को थाने में भी दी थी लेकिन पुलिस द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। नाथूराम 30 अक्तूबर की रात को फसलों की रखवाली करने के लिए खेत पर सोने गया था। अगले दिन 31 अक्तूबर की सुबह नाथूराम का शव खेत के नजदीक से निकले रेलवे ट्रैक पर क्षत विक्षत हालत में पड़ा मिला था। मामले में परिजनों द्वारा विपक्षियों पर हत्या के आरोप लगाए गए थे और मृतक के पुत्र की तहरीर पर जाखलौन थाना पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं की गई। इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने जाम लगाया था।

घंटाघर मुख्य मार्ग पर जाम लगा कर बैठा पीड़ित व्यक्ति से बात करते कोतवाल- फोटो : LALITPUR

घंटाघर मुख्य मार्ग पर मौजूद पुलिस अधिकारी- फोटो : LALITPUR

घंटाघर मुख्य मार्ग पर जाम लगा कर बैठे आल्हापुर के ग्रामीण- फोटो : LALITPUR