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पाताल में खिसका पानी, 125 गांव प्यासे
Lalitpur
Updated Fri, 22 Apr 2016 12:48 AM IST
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पाताल में खिसका पानी, 125 गांव प्यासे
- फोटो : Amar Ujala
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ललितपुर। जिले में सूखे के हालात विकट होते जा रहे हैं। भूगर्भ जलस्तर निरंतर नीचे की ओर खिसकता जा रहा है, जिससे पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। जिले के 125 गांवों में पीने के पानी का संकट है। इन हालातों से निपटने के लिए टैंकर से जलापूर्ति शुरू हो गई है। अफसरों का कहना है कि आने वाले दिनों में समस्याग्रस्त ग्रामों की संख्या में और बढ़ोत्तरी हो सकती है।
बरसात कम होने के कारण नदी, तालाब और कुएं भर नहीं पाए हैं। प्राकृतिक जलस्रोत अभी तक ग्रामीणों की प्यास बुझाते आए हैं, लेकिन अप्रैल माह में ही जलस्रोतों का पानी रसातल में पहुंच गया है। इस कारण जलस्रोतों में पीने का पानी भी नहीं बचा है। इसके अलावा अधिकांश हैंडपंपों ने भी जवाब दे दिया है। इस स्थिति से निपटने के लिए ग्राम प्रधानों ने टैंकरों को किराए पर लेकर गांवों में जलापूर्ति शुरू कर दी है। इन गांवों में कई टैंकर ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए लगाए गए हैं, इससे पेयजल संकट का अंदाजा लगाया जा सकता है। दिनोंदिन भूगर्भ जलस्तर के नीचे की ओर खिसकने से पेयजल की भीषण समस्या पैदा हो गई है। यदि इसी तरह से पाताल की ओर पानी खिसकता रहा तो आने वाले दिन बेहद संकट वाले हो जाएंगे।
1,279 हैंडपंपों का नीचे चला गया पानी
जनपद के 125 गांवों में 1,279 हैंडपंपों का पानी रसातल में चला गया है। ब्लाक बार के ग्राम गहराव जरावली में 25 में 20 हैंडपंपों का पानी नीचे खिसक गया है। ग्राम कड़ारी भैलोनीलोध में 8 में से 5 हैंडपंपों ने पानी देना कम कर दिया है। ग्राम सौजना में 110 में से 65 हैंडपंपों का जलस्तर खिसक गया है। इस तरह जिले के चिह्नित ग्रामों में 305 हैंडपंप रीबोर व 53 हैंडपंप मरम्मत मांग रहे हैं।
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57 टैंकर तर कर रहे ग्रामीणों का कंठ
57 टैंकरों से ग्रामीणों के कंठ तर किए जा रहे हैं। किराए पर लगाए गए 57 टैंकर कुल मिलाकर 216 फेरे लगा रहे हैं।
चिह्नित गांव
विकास खंड बार : ग्राम गहराव, बार, चंदावली, बानौनी, बार सुनवाहा, बुरौगांव, चकोरा, कड़ारी भैलोनी लोध, जरावली, खिरियामिश्र, मिर्चवारा, मोगान, पाह, पठापचौरा, पुलवारा, ठाठखेरा वस्त्रावन, टोरिया, करमई, डुलावन, दरौनी, बसतगुवां, गढ़िया, हनुपुरा, दिदौरा, सिमिरिया, डंगराना, कैलगुवां, बम्होरीखडैत, भैलोनीलोध, पुराधनकुआ, नगारा, दौलतपुर, म्याव, बछरावनी, खाकरौन, भैलोनीसूबा, मर्रोली, गंगचारी भारौनी।
विकासखंड महरौनी : ग्राम सौजना, पड़वा, डोंगराखुर्द, नाबई, बम्हौरीघाट, धवारी, सड़कौरा, रुकवाहा, लरगन, कुम्हैंड़ी, तहसील कैंपस, बारयो, जगारा, नैकोरा, लुहर्रा, टीकरा, अगौड़ी, सुकलगुवां, ब्लाक बिरधा में ग्राम जहाजपुर, बम्हौरीवंशा, हनौतिया बम्हौरीवंशा, डुंगरिया, दूधई, इमलाखेड़ा, रमेशरा, बालाबेहट, टीकरा तिवारी, पिपरौनिया, ककोरिया, कनपुरा, पिपरियाजागीर, रसोई बम्हौरीवंशा, महोली, पठराई, बासपुर मुडारी, चौतराघाट मुडारी, मुडारी, भारौन धौर्रा, दांवर, धौजरी, पिपरई, चांदपुर, बिजोरी, सैपुराखालसा। ,
ब्लाक तालबेहट : भरतपुरा मऊ, मुकटौरा, कोटरा, वर्मा बिहार, खिरियाडांग, खैरीडांग, पवा, कचरी हंसारकलां, असऊपुरा हसारी, रजपुरा, भुजऊपुरा, गुलेंदा, गेवरागुंदेरा, जमालपुर, राजपुर, नयाखेड़ा, हजारिया बघौरा, चुनगी, बघौरा ।
ब्लाक जखौरा : ग्राम नौहरकलां, बुधैड़ी, रसोई, सौरई, बानौनी, राखपंचमपुर, आलापुर, महरौनीखुर्द, पठला, छिपाई, कुआतला, हर्षपुर, नौगांवकलां गनगौरा, बड़ेरा नगवास, मुहारा, कारीपहाड़ी, बांसी, बरौदास्वामी, रायपुर, मसौराकलां, रघुनाथपुरा, नौहरखुर्द, पिपरा और घिसौली।
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बरसात कम होने के कारण नदी, तालाब और कुएं भर नहीं पाए हैं। प्राकृतिक जलस्रोत अभी तक ग्रामीणों की प्यास बुझाते आए हैं, लेकिन अप्रैल माह में ही जलस्रोतों का पानी रसातल में पहुंच गया है। इस कारण जलस्रोतों में पीने का पानी भी नहीं बचा है। इसके अलावा अधिकांश हैंडपंपों ने भी जवाब दे दिया है। इस स्थिति से निपटने के लिए ग्राम प्रधानों ने टैंकरों को किराए पर लेकर गांवों में जलापूर्ति शुरू कर दी है। इन गांवों में कई टैंकर ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए लगाए गए हैं, इससे पेयजल संकट का अंदाजा लगाया जा सकता है। दिनोंदिन भूगर्भ जलस्तर के नीचे की ओर खिसकने से पेयजल की भीषण समस्या पैदा हो गई है। यदि इसी तरह से पाताल की ओर पानी खिसकता रहा तो आने वाले दिन बेहद संकट वाले हो जाएंगे।
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1,279 हैंडपंपों का नीचे चला गया पानी
जनपद के 125 गांवों में 1,279 हैंडपंपों का पानी रसातल में चला गया है। ब्लाक बार के ग्राम गहराव जरावली में 25 में 20 हैंडपंपों का पानी नीचे खिसक गया है। ग्राम कड़ारी भैलोनीलोध में 8 में से 5 हैंडपंपों ने पानी देना कम कर दिया है। ग्राम सौजना में 110 में से 65 हैंडपंपों का जलस्तर खिसक गया है। इस तरह जिले के चिह्नित ग्रामों में 305 हैंडपंप रीबोर व 53 हैंडपंप मरम्मत मांग रहे हैं।
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57 टैंकर तर कर रहे ग्रामीणों का कंठ
57 टैंकरों से ग्रामीणों के कंठ तर किए जा रहे हैं। किराए पर लगाए गए 57 टैंकर कुल मिलाकर 216 फेरे लगा रहे हैं।
चिह्नित गांव
विकास खंड बार : ग्राम गहराव, बार, चंदावली, बानौनी, बार सुनवाहा, बुरौगांव, चकोरा, कड़ारी भैलोनी लोध, जरावली, खिरियामिश्र, मिर्चवारा, मोगान, पाह, पठापचौरा, पुलवारा, ठाठखेरा वस्त्रावन, टोरिया, करमई, डुलावन, दरौनी, बसतगुवां, गढ़िया, हनुपुरा, दिदौरा, सिमिरिया, डंगराना, कैलगुवां, बम्होरीखडैत, भैलोनीलोध, पुराधनकुआ, नगारा, दौलतपुर, म्याव, बछरावनी, खाकरौन, भैलोनीसूबा, मर्रोली, गंगचारी भारौनी।
विकासखंड महरौनी : ग्राम सौजना, पड़वा, डोंगराखुर्द, नाबई, बम्हौरीघाट, धवारी, सड़कौरा, रुकवाहा, लरगन, कुम्हैंड़ी, तहसील कैंपस, बारयो, जगारा, नैकोरा, लुहर्रा, टीकरा, अगौड़ी, सुकलगुवां, ब्लाक बिरधा में ग्राम जहाजपुर, बम्हौरीवंशा, हनौतिया बम्हौरीवंशा, डुंगरिया, दूधई, इमलाखेड़ा, रमेशरा, बालाबेहट, टीकरा तिवारी, पिपरौनिया, ककोरिया, कनपुरा, पिपरियाजागीर, रसोई बम्हौरीवंशा, महोली, पठराई, बासपुर मुडारी, चौतराघाट मुडारी, मुडारी, भारौन धौर्रा, दांवर, धौजरी, पिपरई, चांदपुर, बिजोरी, सैपुराखालसा। ,
ब्लाक तालबेहट : भरतपुरा मऊ, मुकटौरा, कोटरा, वर्मा बिहार, खिरियाडांग, खैरीडांग, पवा, कचरी हंसारकलां, असऊपुरा हसारी, रजपुरा, भुजऊपुरा, गुलेंदा, गेवरागुंदेरा, जमालपुर, राजपुर, नयाखेड़ा, हजारिया बघौरा, चुनगी, बघौरा ।
ब्लाक जखौरा : ग्राम नौहरकलां, बुधैड़ी, रसोई, सौरई, बानौनी, राखपंचमपुर, आलापुर, महरौनीखुर्द, पठला, छिपाई, कुआतला, हर्षपुर, नौगांवकलां गनगौरा, बड़ेरा नगवास, मुहारा, कारीपहाड़ी, बांसी, बरौदास्वामी, रायपुर, मसौराकलां, रघुनाथपुरा, नौहरखुर्द, पिपरा और घिसौली।