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मनरेगा के तहत सौ दिन रोजगार देने में जनपद हो रहा फिसड्डी

Thu, 27 Oct 2022 11:19 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 27 Oct 2022 11:19 PM IST
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MNREGA: Target missed, not getting employment even for a hundred days
ललितपुर। मनरेगा योजना में जिले के मजदूरों को 100 तक रोजगार नहीं मिल पा रहा है। अक्तूबर तक के लक्ष्य 32 लाख 27 हजार 620 के सापेक्ष अब तक करीब 29 लाख मानव दिवस सृजित किए गए है। इसमें ब्लॉक बार, बिरधा और महरौनी की हालत सबसे ज्यादा खराब रही। सौ दिन मानव दिवस सृजित में जनपद के पिछड़ने और लक्ष्य को हासिल न कर पाने पर सीडीओ ने इन ब्लॉक के अधिकारियों को पत्र लिखकर अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करने का निर्देश दिया है।
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जनपद में मनरेगा के तहत दो लाख 478 जॉब कार्ड धारक है, जिसमें से एक लाख 49 हजार 986 एक्टिव जॉब कार्डधारक हैं। शासन की मंशा है कि मनरेगा जॉब कार्डधारकों को सौ दिन काम दिया जाए। इसके लिए शासन स्तर से लेकर जिला स्तर के अधिकारी लगातार निर्देश देते रहते है, लेकिन ग्राम पंचायत स्तर पर इन निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि जनपद मनरेगा योजना के तहत मजदूरों को सौ दिन काम देने के लक्ष्य में फिसड्डी साबित हो रहा है। मनरेगा के तहत लक्ष्य के सापेक्ष कम मानव दिवस सृजित किए जा रहे हैं। जिस कारण मजदूरों के पलायन की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ब्लॉक स्तर पर जॉब कार्ड सत्यापन में भी रुचि नहीं दिखाई जा रही है। अक्तूबर माह तक का लक्ष्य 32 लाख 27 हजार 620 का है, जिसके सापेक्ष अब तक करीब 29 लाख मानव दिवस सृजित किए गए है। ब्लॉक बार 84.45, बिरधा 71.59 और महरौनी 86.71 फीसदी के साथ मानव दिवस सृजित करने में फिसड्डी साबित हुए है। जबकि ब्लॉक जखौरा 96.20, तालबेहट 107.62 और मड़ावरा 94.82 फीसदी तक मानव दिवस सृजित करने में सफल रहते हुए जनपद में अच्छी रैंक हासिल की। कम मानव दिवस सृजित करने वाले ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को मुख्य विकास अधिकारी ने पत्र जारी कर अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करने का निर्देश दिया है।
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सितंबर में भी हासिल नहीं कर पाए थे लक्ष्य
ऐसा नहीं है कि सौ दिन मानव दिवस सृजित करने में जनपद अक्तूबर में ही पिछड़ा है। सितंबर माह में भी जनपद ने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया था। सितंबर में जनपद का लक्ष्य 28 लाख 99 हजार 784 मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य था। जिसमें एक अक्तूबर तक जनपद में 27 लाख 862 मानव दिवस ही सृजित किए जा सके थे।
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पहले मांग के सापेक्ष मिला था दस लाख कम का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा विभाग ने शासन के समक्ष जनपद में 43 लाख मानव दिवस का लक्ष्य रखा था। जिसमें शासन ने जनपद को 34 लाख 55 हजार 815 का लक्ष्य दिया था। जिसमें अक्तूबर माह में अभी तक 28 लाख 81 हजार 691 तक मानव दिवस सृजित किए गए हैं।
जॉब कार्डधारकों का सत्यापन भी अटका
मनरेगा में नाबालिगों के जॉब कार्ड, परिवार में एक से अधिक लोगों के जॉब कार्ड सहित गांव में न रहने वाले लोगों के जॉब कार्ड बनाने की शिकायतें आए दिन शासन से लेकर जिला प्रशासन तक की जा रही थी। इस धांधली को रोकने के लिए शासन ने जॉब कार्डों का सत्यापन करने का आदेश दिया था। जिसके क्रम में मनरेगा जॉब कार्डधारकों का सत्यापन शुरू किया गया। लेकिन अभी भी जनपद में 19212 जॉब कार्ड धारकों का सत्यापन नहीं किया जा सका है।

मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा खंड विकास अधिकारियों को मनरेगा के तहत लक्ष्य के सापेक्ष मानव दिवस सृजित करने का आदेश जारी किया है। जॉब कार्ड सत्यापन के लिए भी आदेशित किया गया है।
रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा
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