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मास्टर प्लान अटका, नगर का विकास भटका

Sat, 17 Dec 2016 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 17 Dec 2016 12:50 AM IST
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Master plan stalled, town development stray
construction news jhansi - फोटो : demo
ललितपुर शहर महायोजना की अवधि को समाप्त हुए पांच वर्ष हो गए हैं, लेकिन अब तक नई महायोजना लागू नहीं हो पाई है। गोरखपुर की निजी संस्था सर्वे तो कर चुकी है, लेकिन महायोजना की खामियां अब तक दूर नहीं की गई हैं, जिससे अब तक सर्वे रिपोर्ट पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे हालातों में नगर का विकास प्रभावित हो रहा है। अनियोजित तरीके से आवासीय और व्यवसायिक भवनों का धड़ल्ले से निर्माण किया जा रहा है।
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शहर का भौतिक विकास नियोजित तरीके से हो, इसके लिए टाउन प्लानर विभाग तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से भविष्य के 15 वर्ष तक की कार्ययोजना तैयार करते हैं, इसको शहर का मास्टर प्लान या महायोजना कहा जाता है। इस महायोजना के आधार पर शहर में भवनों का निर्माण किया जाता है और इसका पालन करने की जिम्मेदारी नियत प्राधिकरण विभाग की होती है। वर्तमान ललितपुर महायोजना 1996-2011 को समाप्त हुए करीब पांच वर्ष बीत गए हैं, लेकिन अब तक नवीन महायोजना तैैयार नहीं हो सकी है। शहर की नवीन महायोजना वर्ष 2031 तक के लिए तैयार की जानी है, इसके लिए नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र और गोरखपुर की कंपनी के बीच जीआईएस सर्वे करने के लिए करार हुआ था। कंपनी को जीआईएस  (ज्योग्राफिकल इनफारमेशन सिस्टम) के माध्यम से पूरे शहर की मैपिंग करनी थी। जीआईएस सर्वे का काम नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर हैदराबाद से अधिकृत किया गया है।
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इसमें अक्षांतर और देशांतर पर शहर का नक्शा तैयार किया जाना है। इसमें कहां पर जलाशय है, कहां सरकारी अथवा गैर सरकारी कार्यालय है, कहां नाले-नाली है, पुरातात्विक महत्व की इमारतें हैं, अथवा कहां पर स्कूल  या कालेज हैं, आदि सभी का सर्वे किया जाना था। कौन सा क्षेत्र हरित पट्टी क्षेत्र में व औद्योगिक क्षेत्र में आता है, इसका भी पूरा ब्यौरा तैयार किया जाना था। कंपनी को करीब 13 लाख रुपये में सर्वे करने की जिम्मेदारी मिली थी और कंपनी ने दिसबंर 2015 में कार्य पूरा करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कार्य अटका पड़ा है। कंपनी ने करीब छह माह पूर्व सर्वे रिपोर्ट विभाग में पेश की थी, जिसका झांसी अपर सांख्यकी अधिकारी व उनकी टीम द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया था, जिसमें कुछ खामियां सामने आई थीं। जून माह में कंपनी को उक्त खामियां दूर करने के निर्देश दिए गए थे, जो अब तक पूरा नहीं किया गया है। 
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यह गांव हैं शामिल
महायोजना के अंतर्गत नगर पालिका सीमा हद के साथ हद बाहर में आसपास के बीस ग्राम जुगपुरा, मसौरा खुर्द, मसौरा कलां, मिर्चवारा, जिजियावन, महेशपुरा, ककरुआ, खिरिया मिश्र, पठा गौरी, रौंड़ा, हसनवारा, सिवनी खुर्द, सिलावन, दुर्जनपुरा, बहरावट, खिरिया खुर्द, पनारी, चंदेरा, अमरपुरा और रामनगर गांव सर्वे में शामिल हैं।

वेबसाइट पर नहीं हो सका मास्टर प्लान अपलोड
ललितपुर। शहर की महायोजना को लोग अपने घर बैठे इंटरनेट पर देख सके, इसके लिए कुछ माह पूर्व मुख्य सचिव ने शासनादेश जारी करके विनियमित क्षेत्र विभाग को शहर विकास का मास्टर प्लान व बिल्डिंग बाईलॉज को अपनी-अपनी वेबसाइट अपलोड करने के निर्देश दिए थे। इसको नगर और ग्राम नियोजन विभाग की वेबसाइट और आवास बंधु की वेबसाइट से भी इन जानकारियों को लिंक करने के निर्देश दिए थे। नवीन महायोजना तैयार नहीं होने के कारण विभाग ने पांच वर्ष पुरानी महायोजना व बिल्डिंग बाईलॉज बेसमैप के साथ वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए झांसी टाउन प्लानर के लिए भेज दिया गया था। वह भी अभी तक अपलोड नहीं हो सकता है। इस बेसमैप में शहर के विकास व भूखंड से  संबंधित समस्त जानकारी ऑनलाइन की जानी थी। शहर का कौन सा भूखंड व्यावसायिक व  कौन आवासीय है। इसके अलावा उद्योग क्षेत्र, हरित पट्टी क्षेत्र की जानकारी  मय मानचित्र के अपलोड किया जाना था। साथ ही शहर की आबादी, मनोरंजन स्थल,  सांस्कृतिक ऐतिहासिक एवं पुरातत्व स्थल, यातायात व परिवहन व अन्य  जानकारियों भी वेबसाइट पर अपलोड किया जाना था, जोकि अभी तक नहीं हो सका है।

सजरा मैप से होगा अटैच
जीआईएस (ज्योग्राफिकल इनफारमेशन सिस्टम) के माध्यम से तैयार की जा रही महायोजना 2031 का मैप तैयार होने के बाद इसको राजस्व विभाग के सजरा मैप से अटैच किया जा सकता है। इसमें सबसे खास बात यह रहेगी कि शहर के मानचित्र के ऊपर सजरा (खसरा व खतौनी)  को डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जाएगा। इसके आधार पर ग्रीन बेल्ट की सीमा निर्धारित की जा सकेगी और शहर की वास्तविक व पूर्व की स्थिति सेटेलाइट के जारिए इंटरनेट पर साफ देखी जा सकेगी। 


कंपनी द्वारा जो जीआईएस सर्वे रिपोर्ट पेश की गई थी, उसका झांसी उच्च कार्यालय से आए अधिकारियों द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया था। इस दौरान कुछ खामियां सामने आई थीं, जिन्हें दूर करने के लिए कंपनी को निर्देश दिए गए है। महायोजना के बेसमैप को राजस्व विभाग के सजरा मैप से अटैच करने की योजना प्रस्तावित है।
    एसके प्रजापति अवर अभियंता नियत प्राधिकरण
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