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Lalitpur News: ग्राम पंचायतों में कंसल्टिंग इंजीनियर से कार्य लेने की अनिवार्यता खत्म
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। पंचायती राज विभाग ने वर्ष 2021 में ग्राम पंचायतों में विभागीय अभियंताओं की तैनाती के आदेश जारी किए थे। अक्टूबर 2022 में 20 अभियंताओं की तैनाती की गई थी। इन अभियंताओं के कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर इनसे कार्य न लेने के आदेश जारी किए हैं। इनकी जगह ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, लघु सिंचाई विभाग, जिला पंचायत, सिंचाई, मंडी परिषद, कृषि, जल निगम विभाग के अवर अभियंताओं से कार्य लिए जाने के आदेश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी की जांच का हवाला देते हुए ग्राम पंचायतों में तैनात अनुबंधित अभियंताओं को हटाने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश पंचायती राज विभाग में चर्चा का विषय बना है। पंचायती राज विभाग ने 16 दिसंबर 2021 के शासनादेश पर पंचायतों में अनुबंधित अभियंता (कंसल्टिंग इंजीनियर) की तैनाती के आदेश दिए थे। प्रदेश स्तर पर चयन प्रक्रिया की गई। 16 अक्टूबर 22 को इन्हें जनपद में तैनाती दी गई। ग्राम पंचायतों में कार्याें की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे से जांच कराई। कंसल्टिंग इंजीनियरों का कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया।
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पंचायतों में तैनात अनुबंधित अभियंता से कार्य लेने की अनिवार्यता को जिलाधिकारी ने समाप्त कर दिया है। अब ग्राम प्रधान किसी भी विभाग के विकास खंड में तैनात इंजीनियर से स्टीमेट व एमवी तैयार करा सकते हैं।
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केके पांडे, मुख्य विकास अधिकारी।
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ललितपुर। पंचायती राज विभाग ने वर्ष 2021 में ग्राम पंचायतों में विभागीय अभियंताओं की तैनाती के आदेश जारी किए थे। अक्टूबर 2022 में 20 अभियंताओं की तैनाती की गई थी। इन अभियंताओं के कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर इनसे कार्य न लेने के आदेश जारी किए हैं। इनकी जगह ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, लघु सिंचाई विभाग, जिला पंचायत, सिंचाई, मंडी परिषद, कृषि, जल निगम विभाग के अवर अभियंताओं से कार्य लिए जाने के आदेश जारी किए गए हैं।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी की जांच का हवाला देते हुए ग्राम पंचायतों में तैनात अनुबंधित अभियंताओं को हटाने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश पंचायती राज विभाग में चर्चा का विषय बना है। पंचायती राज विभाग ने 16 दिसंबर 2021 के शासनादेश पर पंचायतों में अनुबंधित अभियंता (कंसल्टिंग इंजीनियर) की तैनाती के आदेश दिए थे। प्रदेश स्तर पर चयन प्रक्रिया की गई। 16 अक्टूबर 22 को इन्हें जनपद में तैनाती दी गई। ग्राम पंचायतों में कार्याें की गुणवत्ता संबंधी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी केके पांडे से जांच कराई। कंसल्टिंग इंजीनियरों का कार्य संतोषजनक नहीं पाया गया।
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पंचायतों में तैनात अनुबंधित अभियंता से कार्य लेने की अनिवार्यता को जिलाधिकारी ने समाप्त कर दिया है। अब ग्राम प्रधान किसी भी विभाग के विकास खंड में तैनात इंजीनियर से स्टीमेट व एमवी तैयार करा सकते हैं।
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केके पांडे, मुख्य विकास अधिकारी।

रेवाड़ी। गवर्नमेंट बॉयज स्कूल धारूहेड़ा में परीक्षा पे चर्चा सुनते हुए बच्चे। संवाद