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पति की मौत के गम में फांसी लगाकर की आत्महत्या
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Man hanged in grief for husbands death
ललितपुर। पाली थाना क्षेत्र के गांव चीमना निवासी महिला ने पति की मौत के गम में सोमवार की रात अपने घर की म्यांरी से प्लास्टिक की रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उसके पति भगवानदास की 25 अक्तूबर को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी, तभी से वह दुखी थीं।
गांव चीमना निवासी राजबाई (50) पत्नी भगवानदास अपने घर पर दुकान चलाती थीं। सोमवार की शाम को राजबाई का दामाद थाना बानपुर निवासी कमलेश और देवर सीताराम खेत में पानी देने के लिए चले गए। राजबाई घर पर अकेली थी। इसी दौरान उसने कमरे में लगी बल्ली से प्लास्टिक रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार को सुबह पड़ोस के कुछ बच्चे दुकान पर ब्रेड लेने आए। दुकान नहीं खुलने पर दरवाजा खटखटाया तो भी कोई आवाज नहीं आई। दरवाजा न खुलने पर भतीजे दिनेेश ने जाकर खेत पर काम कर रहे अपने चाचा को बताया। उन्होंने घर आकर दरवाजे से झांक कर देखा तो महिला फांसी पर लटकती दिखाई दी। इसकी जानकारी ग्राम प्रधान व पुलिस को दी गई।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खोलने के लिए ठाठ को तुड़वाया और कमरे का दरवाजा खोला। इसके बाद महिला के शव को नीचे उतरवाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। देवर सीताराम ने बताया कि उसकी एक पुत्री है, जिसकी शादी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि बड़े भाई की नौ अक्तूबर को उनकी कानपुर में एंजियोग्राफी हुई थी। वहां से छुट्टी होने पर घर लाया गया था। 25 अक्तूबर को अचानक दिल का दौरा पड़ने पर झांसी इलाज के लिए ले गए थे। जहां पर उनकी मौत हो गई थी। दामाद ने बताया कि ससुर की मौत के बाद सास ने खेती करने के लिए उसे रोक लिया था लेकिन वह ससुर की मौत के बाद से खाना नहीं खा रहीं थीं। वह रोती रहतीं थीं। ससुर के गम में ही उन्होंने आत्महत्या कर ली।
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गांव चीमना निवासी राजबाई (50) पत्नी भगवानदास अपने घर पर दुकान चलाती थीं। सोमवार की शाम को राजबाई का दामाद थाना बानपुर निवासी कमलेश और देवर सीताराम खेत में पानी देने के लिए चले गए। राजबाई घर पर अकेली थी। इसी दौरान उसने कमरे में लगी बल्ली से प्लास्टिक रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार को सुबह पड़ोस के कुछ बच्चे दुकान पर ब्रेड लेने आए। दुकान नहीं खुलने पर दरवाजा खटखटाया तो भी कोई आवाज नहीं आई। दरवाजा न खुलने पर भतीजे दिनेेश ने जाकर खेत पर काम कर रहे अपने चाचा को बताया। उन्होंने घर आकर दरवाजे से झांक कर देखा तो महिला फांसी पर लटकती दिखाई दी। इसकी जानकारी ग्राम प्रधान व पुलिस को दी गई।
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पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खोलने के लिए ठाठ को तुड़वाया और कमरे का दरवाजा खोला। इसके बाद महिला के शव को नीचे उतरवाया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। देवर सीताराम ने बताया कि उसकी एक पुत्री है, जिसकी शादी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि बड़े भाई की नौ अक्तूबर को उनकी कानपुर में एंजियोग्राफी हुई थी। वहां से छुट्टी होने पर घर लाया गया था। 25 अक्तूबर को अचानक दिल का दौरा पड़ने पर झांसी इलाज के लिए ले गए थे। जहां पर उनकी मौत हो गई थी। दामाद ने बताया कि ससुर की मौत के बाद सास ने खेती करने के लिए उसे रोक लिया था लेकिन वह ससुर की मौत के बाद से खाना नहीं खा रहीं थीं। वह रोती रहतीं थीं। ससुर के गम में ही उन्होंने आत्महत्या कर ली।
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