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जच्चा व बच्चा की मौत की होगी जांच
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Sat, 22 Aug 2015 12:06 AM IST
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ललितपुर। जिला महिला अस्पताल में प्रसव के दौरान जच्चा और बच्चा की मौतों को लेकर आए दिन होने वाले हंगामे को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच बिठा दी है, जिसमें अब तक घटित जच्चा अथवा बच्चा की मौत के प्रत्येक मामले की पड़ताल की जाएगी।
जिला महिला अस्पताल में जच्चा - बच्चा की मौत को लेकर आए दिन हंगामे की स्थिति बन रही है, जिसका असर सरकारी कामकाज पर तो पड़ता ही है, साथ ही शासन प्रशासन की छवि भी धूमिल होती है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने जांच बिठा दी है, जांच का जिम्मा उप जिलाधिकारी सदर रमेश चंद्र तिवारी को सौंपी गई है, खास बात यह है कि जांच के दौरान हाल में बार अंतर्गत ग्राम गहराव निवासी स्वीटी पत्नी अमित पुरोहित के प्रसव के बाद नवजात की मौत के अलावा महिला अस्पताल में अब तक घटित सभी मामलों को शामिल कर लिया गया है।
इन तमाम मामलों से जुड़े लोग जांच अधिकारी के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि संबंधित के खिलाफ समुचित कार्रवाई अमल में लाई जा सके। बीते सोमवार को प्रसव के बाद नवजात की मौत के मामले में जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रीयल जांच के निर्देश जारी किए थे, जिसके अनुपालन में उपजिलाधिकारी सदर ने पीड़ित और प्रसव कक्ष कर्मियों के बयान लेकर जांच शुरू कर दी है, जिसमें सभी मामलों को शामिल कर लिया गया है। जनवरी से अब तक महिला अस्पताल में जच्चा व बच्चा की मौत के पांच मामले घटित हो चुकी हैं। प्रशासनिक स्तर पर प्रत्येक मामले की जांच कराई जा चुकी है। एक भी मामले में विभागीय कर्मचारी की बड़ी गलती उजागर नहीं हुई है।
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शिकायतों के दें सुबूत
जिलाधिकारी के समक्ष आए दिन महिला अस्पताल से संबंधित शिकायती पत्र दिए जाते हैं, जिनमें डिलेवरी के दौरान वसूली किए जाने, मरीजों को भर्ती न किए जाने, तीमारदारों से अभद्रता किए जाने, बाहर जांच कराए जाने, अल्ट्रासाउंड जांच में रुपये लिए जाने संबंधी आरोप लगाए जाते हैं। इन तमाम आरोपों की तह तक पहुंचने के लिए जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर शुरू की गई जांच में संबंधित व्यक्ति अपने साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं।
इनका कहना है -
जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर शुरू की गई जांच में जच्चा - बच्चा ही नहीं महिला अस्पताल कर्मियों पर लगाए जाने वाले प्रत्येक आरोप की पड़ताल की जाएगी। घटनाओं से संबंधित व्यक्तियों के अलावा आमजन भी साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं।
रमेश चंद्र तिवारी,
उप जिलाधिकारी सदर।
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जिला महिला अस्पताल में जच्चा - बच्चा की मौत को लेकर आए दिन हंगामे की स्थिति बन रही है, जिसका असर सरकारी कामकाज पर तो पड़ता ही है, साथ ही शासन प्रशासन की छवि भी धूमिल होती है। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने जांच बिठा दी है, जांच का जिम्मा उप जिलाधिकारी सदर रमेश चंद्र तिवारी को सौंपी गई है, खास बात यह है कि जांच के दौरान हाल में बार अंतर्गत ग्राम गहराव निवासी स्वीटी पत्नी अमित पुरोहित के प्रसव के बाद नवजात की मौत के अलावा महिला अस्पताल में अब तक घटित सभी मामलों को शामिल कर लिया गया है।
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इन तमाम मामलों से जुड़े लोग जांच अधिकारी के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि संबंधित के खिलाफ समुचित कार्रवाई अमल में लाई जा सके। बीते सोमवार को प्रसव के बाद नवजात की मौत के मामले में जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रीयल जांच के निर्देश जारी किए थे, जिसके अनुपालन में उपजिलाधिकारी सदर ने पीड़ित और प्रसव कक्ष कर्मियों के बयान लेकर जांच शुरू कर दी है, जिसमें सभी मामलों को शामिल कर लिया गया है। जनवरी से अब तक महिला अस्पताल में जच्चा व बच्चा की मौत के पांच मामले घटित हो चुकी हैं। प्रशासनिक स्तर पर प्रत्येक मामले की जांच कराई जा चुकी है। एक भी मामले में विभागीय कर्मचारी की बड़ी गलती उजागर नहीं हुई है।
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शिकायतों के दें सुबूत
जिलाधिकारी के समक्ष आए दिन महिला अस्पताल से संबंधित शिकायती पत्र दिए जाते हैं, जिनमें डिलेवरी के दौरान वसूली किए जाने, मरीजों को भर्ती न किए जाने, तीमारदारों से अभद्रता किए जाने, बाहर जांच कराए जाने, अल्ट्रासाउंड जांच में रुपये लिए जाने संबंधी आरोप लगाए जाते हैं। इन तमाम आरोपों की तह तक पहुंचने के लिए जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर शुरू की गई जांच में संबंधित व्यक्ति अपने साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं।
इनका कहना है -
जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर शुरू की गई जांच में जच्चा - बच्चा ही नहीं महिला अस्पताल कर्मियों पर लगाए जाने वाले प्रत्येक आरोप की पड़ताल की जाएगी। घटनाओं से संबंधित व्यक्तियों के अलावा आमजन भी साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं।
रमेश चंद्र तिवारी,
उप जिलाधिकारी सदर।