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विरोधियों के बीच भी सम्मानित थे लोहिया: नेपाल सिंह
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सपा कार्यालय पर समाजवादी विचारधारा के जनक राममनोहर लोहिया की 111वीं जयंती सादगी पूर्वक मनाई गई। वक्ताओं ने उनके जीवन चरित्र व विचारों के विषय में अवगत कराया।
पार्टी अध्यक्ष नेपाल सिंह ने कहा कि लोहिया ने देश की राजनीति में भावी बदलाव की बयार आजादी से पहले ही ला दिया था। राम मनोहर लोहिया ने अपनी प्रखर देशभक्ति और तेजस्वी विचारों के कारण अपने समर्थकों के साथ ही विरोधियों के बीच भी अपार सम्मान हासिल किया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान और स्वतंत्रता के बाद ऐसे कई नेता हुए, जिन्होंने अपने दम पर शासन का रुख बदल दिया। स्वतंत्र भारत की राजनीति और चिंतन धारा पर जिन गिने-चुने लोगों के व्यक्तित्व का गहरा असर हुआ है, उनमें डॉ. राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण प्रमुख रहे हैं। इस दौरान जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह, जिला महासचिव डाॅ शिशुपाल सिंह लोधी, पूर्व महासचिव लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, तिलक सिंह बनौली, गया प्रसाद कश्यप आदि मौजूद रहे।
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ललितपुर। सपा कार्यालय पर समाजवादी विचारधारा के जनक राममनोहर लोहिया की 111वीं जयंती सादगी पूर्वक मनाई गई। वक्ताओं ने उनके जीवन चरित्र व विचारों के विषय में अवगत कराया।
पार्टी अध्यक्ष नेपाल सिंह ने कहा कि लोहिया ने देश की राजनीति में भावी बदलाव की बयार आजादी से पहले ही ला दिया था। राम मनोहर लोहिया ने अपनी प्रखर देशभक्ति और तेजस्वी विचारों के कारण अपने समर्थकों के साथ ही विरोधियों के बीच भी अपार सम्मान हासिल किया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान और स्वतंत्रता के बाद ऐसे कई नेता हुए, जिन्होंने अपने दम पर शासन का रुख बदल दिया। स्वतंत्र भारत की राजनीति और चिंतन धारा पर जिन गिने-चुने लोगों के व्यक्तित्व का गहरा असर हुआ है, उनमें डॉ. राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण प्रमुख रहे हैं। इस दौरान जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह, जिला महासचिव डाॅ शिशुपाल सिंह लोधी, पूर्व महासचिव लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, तिलक सिंह बनौली, गया प्रसाद कश्यप आदि मौजूद रहे।
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