{"_id":"67573b9ea18bc41249001844","slug":"lift-lying-broken-for-eight-years-struggling-to-pull-stretcher-lalitpur-news-c-131-1-ltp1004-125461-2024-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: आठ वर्षों से खराब पड़ी लिफ्ट, स्ट्रेचर खींचने में फूल रहा दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: आठ वर्षों से खराब पड़ी लिफ्ट, स्ट्रेचर खींचने में फूल रहा दम
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाएं हावी हैं। मुख्यद्वार के बाहर जमा पानी से मरीजों व तीमारदारों का अंदर दाखिल होना मुश्किल हो रहा है। वहीं, लिफ्ट खराब होने से मरीजों को प्रथम व द्वितीय तल तक ले जाना मुश्किल हो रहा है।
अस्पताल के मुख्यद्वार के बाहर लंबे समय से जलभराव है। जबकि, दूसरे किनारे पर गिट्टी पड़ी है। जगह न होने से मरीजों, तीमारदार को मजबूरन पानी के बीच से निकलना पड़ रहा है। उधर, गंदगी होने से मच्छर भी पनप रहे हैं। लोगों को बीमारियों का खतरा सता रहा है।
-- -
फोटो- 8
मरीजों-तीमारदारों को सर्दी में भी छूट रहे पसीने
अस्पताल के प्रथम व द्वितीय तल पर आने-जाने के लिए दो लिफ्ट लगाई गई थीं। शुरुआत में कुछ दिन चलीं, लेकिन लगभग आठ वर्ष से धूल फांंक रही हैं। ऊपर के वार्डों तक जाने में मरीजों-तीमारदारों को सर्दी में भी पसीने छूट रहे हैं। अकेले तीमारदार को स्ट्रेचर खींचने में दम फूल रहा है।-- -
विज्ञापन
फोटो- 9
पानी की भी किल्लत बरकरार
मरीजों व तीमारदारों को पीने के पानी की भी किल्लत बनी हुई है। यहां चार वाटर कूलर लगाए गए हैं, जो सुबह तो पानी देते हैं, लेकिन दोपहर तक अधिकांश में पानी आना बंद हो जाता है। यहां स्थित तीन पेयजल टंकियों में दो बंद हो गई हैं। एक संचालित है, जहां भीड़ बनी रहती है। इस टंकी के पास सफाई न होने से गंदगी भरी पड़ी है। यही नहीं द्वितीय तल पर पानी की कोई सुविधा नहीं है।-- -
फोटो- 10
नाली और चैंबर के बाद भी नहीं की गई मरम्मत
मेडिकल कॉलेज में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नाली का निर्माण किया गया है। इसकी सफाई के लिए चैंबर बनाए गए हैं। इसके लिए खोदाई की गई थी, लाइन भी बिछाई जा चुकी है। फिर भी समतलीकरण नहीं किया गया। इससे जगह-जगह मिट्टी व गंदगी के ढेर लगे हैं। यह हाल महिला अस्पताल के विश्राम स्थल के पास व मुख्यद्वार से इमरजेंसी वार्ड मार्ग में बना हुआ है।
-- -
लिफ्ट की मरम्मत का कार्य चल रहा है। जलभराव की समस्या टैंक निर्माण पूर्ण होने के बाद दूर हो जाएगी।
- डॉ. डीनाथ, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाएं हावी हैं। मुख्यद्वार के बाहर जमा पानी से मरीजों व तीमारदारों का अंदर दाखिल होना मुश्किल हो रहा है। वहीं, लिफ्ट खराब होने से मरीजों को प्रथम व द्वितीय तल तक ले जाना मुश्किल हो रहा है।
अस्पताल के मुख्यद्वार के बाहर लंबे समय से जलभराव है। जबकि, दूसरे किनारे पर गिट्टी पड़ी है। जगह न होने से मरीजों, तीमारदार को मजबूरन पानी के बीच से निकलना पड़ रहा है। उधर, गंदगी होने से मच्छर भी पनप रहे हैं। लोगों को बीमारियों का खतरा सता रहा है।
विज्ञापन
फोटो- 8
मरीजों-तीमारदारों को सर्दी में भी छूट रहे पसीने
अस्पताल के प्रथम व द्वितीय तल पर आने-जाने के लिए दो लिफ्ट लगाई गई थीं। शुरुआत में कुछ दिन चलीं, लेकिन लगभग आठ वर्ष से धूल फांंक रही हैं। ऊपर के वार्डों तक जाने में मरीजों-तीमारदारों को सर्दी में भी पसीने छूट रहे हैं। अकेले तीमारदार को स्ट्रेचर खींचने में दम फूल रहा है।
विज्ञापन
फोटो- 9
पानी की भी किल्लत बरकरार
मरीजों व तीमारदारों को पीने के पानी की भी किल्लत बनी हुई है। यहां चार वाटर कूलर लगाए गए हैं, जो सुबह तो पानी देते हैं, लेकिन दोपहर तक अधिकांश में पानी आना बंद हो जाता है। यहां स्थित तीन पेयजल टंकियों में दो बंद हो गई हैं। एक संचालित है, जहां भीड़ बनी रहती है। इस टंकी के पास सफाई न होने से गंदगी भरी पड़ी है। यही नहीं द्वितीय तल पर पानी की कोई सुविधा नहीं है।
फोटो- 10
नाली और चैंबर के बाद भी नहीं की गई मरम्मत
मेडिकल कॉलेज में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए नाली का निर्माण किया गया है। इसकी सफाई के लिए चैंबर बनाए गए हैं। इसके लिए खोदाई की गई थी, लाइन भी बिछाई जा चुकी है। फिर भी समतलीकरण नहीं किया गया। इससे जगह-जगह मिट्टी व गंदगी के ढेर लगे हैं। यह हाल महिला अस्पताल के विश्राम स्थल के पास व मुख्यद्वार से इमरजेंसी वार्ड मार्ग में बना हुआ है।
लिफ्ट की मरम्मत का कार्य चल रहा है। जलभराव की समस्या टैंक निर्माण पूर्ण होने के बाद दूर हो जाएगी।
- डॉ. डीनाथ, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज