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यूपी : टीबी रोगियों को बेहतर इलाज देने में ललितपुर अव्वल, राष्ट्रीय स्तर पर मिला रजत पदक, पुरस्कार के लिए 10 जिला चयनित
Wed, 23 Mar 2022 02:24 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, ललितपुर
अमर उजाला ब्यूरो, ललितपुर
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Mar 2022 02:24 AM IST
सार
भारत सरकार के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 2015-2021 तक निर्धारित सूचकांकों के आधार जिले में टीबी रोगियों के लिए किए गए कार्यों का सर्वे कराया गया था। इसके लिए झांसी और लखनऊ के डब्लूएचओ परामर्शदाता 20 दिन तक जिले में डटे रहे।
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टीबी की बीमारी
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विस्तार
टीबी रोगियों को बेहतर इलाज देने के मामले में ललितपुर जिला अव्वल रहा है। बीते पांच सालों में जिले में चलाए गए राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने पर जिले को राष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक दिया गया। प्रदेश में इस पुरस्कार के लिए 10 जिलों को चयनित किया गया था।
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भारत सरकार के राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 2015-2021 तक निर्धारित सूचकांकों के आधार जिले में टीबी रोगियों के लिए किए गए कार्यों का सर्वे कराया गया था। इसके लिए झांसी और लखनऊ के डब्लूएचओ परामर्शदाता 20 दिन तक जिले में डटे रहे। टीम ने क्षेत्र में भी सत्यापन करके मरीजों को दी गई सेवाओं और सुविधाओं की पड़ताल की।
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इसके साथ ही विभाग द्वारा दिए गए डाटा का एनआईआरटी चेन्नई के साइंटिस्ट डॉ. श्रीनिवासन द्वारा डाटा का सत्यापन किया गया। इसके साथ ही टीम ने टीबी के लिए चिह्नित शहरी इलाकों और गांवों में टीबी मरीजों की स्थिति जानी गई। सर्वे के दौरान केमिस्टों से टीबी की विक्रय की गई दवाओं की जानकारी भी की गई। इस सर्वे प्रक्रिया में प्रदेश के अन्य 10 जिलों को भी शामिल किया गया था।
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सर्वे के बाद तैयार की गई रिपोर्ट में जिले को सबसे बेहतर माना गया। जिसके बाद जिले को रजत सर्टिफिकेट अवार्ड टीबी मुक्त स्टेटस प्रदान किया गया है। जबकि सात जिलों को कांस्य मिला है।
1223 हैं क्षयरोग के मरीज
जनपद में अब तक 1223 क्षयरोगी हैं। इन मरीजों को दवा देकर उपचार किया जा रहा है। इन सभी मरीजों को पांच सौ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है।
यह हैं उत्कृष्ट मानकों के सूचकांक
- मरीजों को पोर्टल पर पंजीकृत करना
- साधारण दवा असर करने की जानकारी को यूडीएसपी जांच
- प्रत्येक मरीज की एचआईवी व ब्लड शुगर जांच
- प्रत्येक मरीज को पांच सौ रुपये का भुगतान
- मरीज के घर के छह वर्ष से छोटे बच्चों को सुरक्षा के लिए आईएनएच दवा देना
- साधारण दवा का असर न होने पर एमडीआर मरीज को सात दिन में उपचार देना
इन जनपदों को मिले कांस्य पदक
मुजफ्फरनगर, उन्नाव, बलरामपुर, चंदौली, गौंडा, महराजगंज, सोनभद्र
राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निर्धारित सूचकांकों की जांच में जिले को बेहतर पाया है। इस पर जनपद को रजत सर्टिफिकेट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। अब 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस पर दिल्ली में सम्मान दिया जाएगा। - डॉ. जेएस बक्शी, जिला क्षयरोग अधिकारी