फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   lalitpur administration

आवारा पशुओं पर नपा, जिला प्रशासन लगाएंगे लगाम

Sun, 24 Apr 2016 01:05 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Sun, 24 Apr 2016 01:05 AM IST
विज्ञापन
lalitpur administration
अावारा पश्‍ाु - फोटो : amar ujala
ललितपुर। अब शहर में घूमने वाले आवारा पशुओं की खैर नहीं है। नगर पालिका ही नही, बल्कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन भी आवारा जानवरों के खिलाफ अभियान चलाएंगे। यदि अभियान में किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इतना ही नहीं दूध डेयरियों के खिलाफ भी अभियान  चलाया जाएगा।
विज्ञापन

शहरी क्षेत्र में पशुपालन करने वाले ज्यादातर व्यक्ति पशुओं का दूध निकालकर उनको सड़कों पर आवारा छोड़ देते हैं। इसके अलावा अन्य जानवर भी आवारा घूमते रहते हैं। यह पशु आए दिन सड़क दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। साथ ही शहर में गंदगी भी फैला रहे हैं। समस्या को देखते हुए मुख्य सचिव आलोक रंजन ने डीएम, पुलिस अधीक्षक और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को तीन माह के भीतर शहर में आवारा घूम रहे पशुओं व अवैध डेयरियों को शहरी क्षेत्र से हटाने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि यदि तीन माह के बाद  शहर में एक भी आवारा पशु व अवैध डेयरी पाई जाती है उक्त तीनों प्रशासनिक अधिकारियों को दोषी माना जाएगा।
विज्ञापन



जांच अधिकारी समिति का होगा गठन
शासनादेश के अनुसार डीएम द्वारा जांच अधिकारी समिति का गठन किया जाएगा। इस  समिति के अध्यक्ष अपर डीएम होंगे। इनके अलावा अन्य अधिकारियों में अपर पुलिन अधीक्षक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा अन्य सदस्यों को भी नामित किया जाएगा। शहर  में आवारा घूम रहे पशुओं व शहरी क्षेत्र में संचालित डेयरियों के खिलाफ तीन माह तक चलने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट जांच अधिकारी जिलाधिकारी को देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


थानेदार का डंडा भी चलेगा आवारा पशुओं पर
मुख्य सचिव द्वारा जारी किए गए शासनादेश के अनुसार आवारा घूम रहे पशुओं व शहरी क्षेत्र में संचालित अवैध डेयरियों के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियान में संबंधित थानाध्यक्ष की अहम भूमिका रहेगी। वह नगर पालिका का सहयोग करेंगे। यदि कार्रवाई के बाद कोई डेयरी शहरी क्षेत्र में दोबारा संचालित होती मिली तो डेयरी मालिक व आवारा पशुओं के मालिकों के विरुद्घ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई में सदर उपजिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक सहयोग करेंगे और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व थानाध्यक्ष व्यक्तिगत तौर पर  उत्तरदायी होंगे।

पालिका के पास नहीं डेयरी व पशुपालकों का हिसाब
शहरी क्षेत्र में संचालित होने वाली डेयरी व पशु पालकों द्वारा पशुओं को सड़कों पर आवारा छोड़ दिया जाता है, जिससे सड़क दुर्घटनाएं हो रही है और गंदगी भी फैल रही है। इसे देखते हुए शासन ने शहरी क्षेत्र में खुली डेयरियों व पशुपालन पर अंकुश लगा दिया है। यदि शहरी क्षेत्र में कोई डेयरी चलाता है  अथवा पशुपालन करता है तो उसको अवैध माना जाएगा व दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। गौरतलब है कि नगर पालिका के किसी किसी भी डेयरी अथवा पशुपालक का हिसाब नहीं है। आवारा घूमने वाले पशुओं की संख्या का भी कोई आंकड़ा विभाग के रिकार्ड में नहीं है। जबकि, शहर के लगभग सभी मुहल्लों में दूध डेयरी बनी  हुई हैं। सिविल लाइन क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है।


आवारा सांड ने ली थी जान
शहर में आवारा घूमने वाले पशुओं पर अंकुश लगाने के लिए नगर पालिका के पास कोई  विकल्प नहीं है, जिस कारण शहर में आवारा पशुओं की भरमार है। बड़ी संख में  आवारा पशु शहर की मुख्य सड़कों पर घूमते रहते हैं। जब यह आपस मुख्य सड़कों व  भीड़भाड़ वाले इलाकों में लड़ते हैं, तो उनकी चपेट में आने से माल व जान  दोनों की क्षति होती है। करीब एक सप्ताह पूर्व सिविल लाइन निवासी एक वृद्घ  की सड़क पर लड़ रहे आवारा पशुओं के चपेट में आने से मौत हो गई थी। लेकिन,  इसके बाद भी नगर पालिका नहीं चेती और आवारा पशुओं की समस्या जस की तस है।

नगर  पालिका क्षेत्र में होने वाले पशुपालन व डेयरियों का विभागीय रिकार्ड नहीं  है। शायद इस तरह कोई रिकार्ड तैयार ही नहीं किया जा रहा है।
- राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed