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किसान ने फांसी लगाकर जान दी
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ग्रामीण ने फांसी लगाकर जान दी
ललितपुर। थाना बानपुर के अंतर्गत ग्राम खिरिया छतारा में एक ग्रामीण ने अपने ही घर के पीछे पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी। ग्रामीण के बेटे का आरोप है कि पिता खाद नहीं मिलने से परेशान थे। वहीं, पुलिस का कहना है कि मजदूरी करता था। भोपाल में भी फांसी लगाने का प्रयास किया था।
थाना बानपुर के ग्राम खिरिया छतारा निवासी रामदास (50) अपनी पत्नी लाड़कुंवर के साथ भोपाल में ईंट गुम्मे बनाने की मजदूरी का काम करता था। बेटे के अनुसार तीन-चार दिन पहले पिता अपने गांव खिरिया छतारा स्थित घर लौटे थे। शाम बहू ने खाना बनाया। वह रात को खाना खाने के बाद सो गए। अन्य परिजन भी अपने कमरे में सोने चले गए। उधर, सोमवार की करीब पांच बजे जब उसका बेटा मनोज सोकर उठा और घर के पीछे गया तो वहां शौचालय के पास एक पेड़ पर उसके पिता रामदास का शव तौलिया के सहारे लटक रहा था। जिस पर वह चीखने चिल्लाने लगा तो अन्य परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
बेटे ने इसकी जानकारी थाना बानपुर पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के दो बेटे व तीन बेटियां हैं, जिनमें तीनों बेटियों व एक बेटे की शादी हो गई है। मृतक की पत्नी भोपाल में मजदूरी के लिए गई थी। मृतक के बड़े बेटे मनोज ने बताया कि उसके पिता भोपाल में मजदूरी करते थे। उसे खाद नहीं मिल पा रही थी तो उसने पिता को भोपाल से बुला लिया था। पिता तीन दिन पहले गांव आ गए थे और तीनों दिन से लगातार खाद के लिए जिला मुख्यालय जा रहे थे, लेकिन खाद नहीं मिली।
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आरोप है कि खाद नहीं मिलने से परेशान होकर उसके पिता ने फांसी लगाई होगी। वहीं थानाध्यक्ष बानपुर ने बताया कि रामदास भोपाल में रहकर मजदूरी करता था और वह रविवार को ही भोपाल से लौटा है। उसने भोपाल में भी फांसी लगाने का प्रयास किया था। उसके फांसी लगाने की वजह खाद नहीं मिलने की बात गलत है। उसने किसी अन्य वजह से फांसी लगाई है, इसकी जांच की जा रही है
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ललितपुर। थाना बानपुर के अंतर्गत ग्राम खिरिया छतारा में एक ग्रामीण ने अपने ही घर के पीछे पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी। ग्रामीण के बेटे का आरोप है कि पिता खाद नहीं मिलने से परेशान थे। वहीं, पुलिस का कहना है कि मजदूरी करता था। भोपाल में भी फांसी लगाने का प्रयास किया था।
थाना बानपुर के ग्राम खिरिया छतारा निवासी रामदास (50) अपनी पत्नी लाड़कुंवर के साथ भोपाल में ईंट गुम्मे बनाने की मजदूरी का काम करता था। बेटे के अनुसार तीन-चार दिन पहले पिता अपने गांव खिरिया छतारा स्थित घर लौटे थे। शाम बहू ने खाना बनाया। वह रात को खाना खाने के बाद सो गए। अन्य परिजन भी अपने कमरे में सोने चले गए। उधर, सोमवार की करीब पांच बजे जब उसका बेटा मनोज सोकर उठा और घर के पीछे गया तो वहां शौचालय के पास एक पेड़ पर उसके पिता रामदास का शव तौलिया के सहारे लटक रहा था। जिस पर वह चीखने चिल्लाने लगा तो अन्य परिजन भी मौके पर पहुंच गए।
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बेटे ने इसकी जानकारी थाना बानपुर पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के दो बेटे व तीन बेटियां हैं, जिनमें तीनों बेटियों व एक बेटे की शादी हो गई है। मृतक की पत्नी भोपाल में मजदूरी के लिए गई थी। मृतक के बड़े बेटे मनोज ने बताया कि उसके पिता भोपाल में मजदूरी करते थे। उसे खाद नहीं मिल पा रही थी तो उसने पिता को भोपाल से बुला लिया था। पिता तीन दिन पहले गांव आ गए थे और तीनों दिन से लगातार खाद के लिए जिला मुख्यालय जा रहे थे, लेकिन खाद नहीं मिली।
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आरोप है कि खाद नहीं मिलने से परेशान होकर उसके पिता ने फांसी लगाई होगी। वहीं थानाध्यक्ष बानपुर ने बताया कि रामदास भोपाल में रहकर मजदूरी करता था और वह रविवार को ही भोपाल से लौटा है। उसने भोपाल में भी फांसी लगाने का प्रयास किया था। उसके फांसी लगाने की वजह खाद नहीं मिलने की बात गलत है। उसने किसी अन्य वजह से फांसी लगाई है, इसकी जांच की जा रही है