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दीक्षा के बाद आर्यिकाश्री को मिली पीएचडी
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Sun, 29 Nov 2015 01:13 AM IST
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ललितपुर। नगर की गौरव आर्यिकाश्री विनेह माताजी को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर ने पीएचडी की उपाधि प्रदान की है।
पीएचडी की उपाधि आर्यिकाश्री के गृहस्थ जीवन के पिता रामप्रकाश जैन को प्रदान की गई। इस मौके पर आचार्यश्री विनम्र सागर महाराज ने ब्रह्मचारिणी संगीता द्वारा ब्रह्मचारिणी अवस्था में किए गए उनके कार्य को अद्वितीय बताया। यह उपाधि जैन संस्कृति साहित्य में श्रावकाचार की ऐतिहासिक, सामाजिक और राजनीतिक मीमांसा विषय पर शोध के दौरान प्रदान की गई। विदित हो कि 13 अगस्त 2015 को राजस्थान के बांसवांडा जिले में चातुर्मास के दौरान आर्यिकाश्री ने जैनेश्वरी आर्यिका दीक्षा प्राप्त की थी। दीक्षा के उपरांत उनका नामकरण विनेहश्री माता किया गया।
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पीएचडी की उपाधि आर्यिकाश्री के गृहस्थ जीवन के पिता रामप्रकाश जैन को प्रदान की गई। इस मौके पर आचार्यश्री विनम्र सागर महाराज ने ब्रह्मचारिणी संगीता द्वारा ब्रह्मचारिणी अवस्था में किए गए उनके कार्य को अद्वितीय बताया। यह उपाधि जैन संस्कृति साहित्य में श्रावकाचार की ऐतिहासिक, सामाजिक और राजनीतिक मीमांसा विषय पर शोध के दौरान प्रदान की गई। विदित हो कि 13 अगस्त 2015 को राजस्थान के बांसवांडा जिले में चातुर्मास के दौरान आर्यिकाश्री ने जैनेश्वरी आर्यिका दीक्षा प्राप्त की थी। दीक्षा के उपरांत उनका नामकरण विनेहश्री माता किया गया।